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जैतपुर / शहडोल : 51 शक्तिपीठों में से एक आदि शक्ति जगत जननी माँ भटिया वाली सिंहवाहिनी , महाष्टमी पर श्रद्धालुओं का जन सैलाब 

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51 शक्तिपीठों में से एक आदि शक्ति जगत जननी माँ भटिया वाली सिंहवाहिनी , महाष्टमी पर श्रद्धालुओं का जन सैलाब 

   शहडोल। जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठ *माँ सिंहवाहिनी शक्तिपीठ भटिया मंदिर, जैतपुर (जिला शहडोल, मध्यप्रदेश)* में आज शारदीय नवरात्रि के आठवें दिन माँ के पूजन के साथ नवरात्र महोत्सव मनाया जा रहा है ।

आज अष्टमी होने के चलते ब्रह्म मुहूर्त से ही मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। सुबह 4 बजे माता का श्रृंगार, अभिषेक और आरती के बाद मां के भक्तों के लिए दर्शन हेतु पट खोल दिए गए। पुजारी पंडित कैलाश द्विवेदी जी द्वारा माता को वस्त्र चुनरी, नारियल, सिंदूर अर्पित कर माता का श्रृंगार प्रतिदिन किया जाता है। आज माता जी का भव्य श्रृंगार किया गया है।

भटिया मंदिर का महत्व 

मान्यता है कि यह स्थल माता सती के 51 शक्तिपीठों में से एक है, जहाँ माता सती की दाहिनी भुजा गिरी थी। इसलिए यहाँ माँ सिंहवाहिनी की आराधना से भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है। जैतपुर तहसील दार मेला प्रभारी पदमाकर जी है आज मेला प्रभारी पदमाकर जी ने ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष कमलभान सिंह परिहार एवं सेवा समिति के अध्यक्ष विनोद सिंह परिहार एवं उपस्थित सदस्यों को जानकारी देते हुए कहा गया कि मंदिर में जितने भी श्रद्धालु मां के दर्शन हेतु आ रहे उनको माता जी का दर्शन सुलभ और अच्छे से करने में सभी लोग सहयोग करे,और मेला को व्यवस्थित ढंग से दुकान को लगवाते हुए मेला की सुंदरता बढ़ाने में सहयोग प्रदान कर सहयोग करे। जिसकी जिम्मेदारी ट्रस्ट न्यास एवं सेवा समिति के सदस्य काफी ईमानदारी के साथ कर रहे हैं। दर्शनार्थियों के लिए पानी की व्यवस्था साफ सुथरा और सभी को आसानी से उपलब्ध हो जाए ऐसी व्यवस्था बनाने में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। माता के सभी भक्त लाइन से चलकर मां का दर्शन करते नजर आए। मंदिर परिसर को साफ स्वक्ष बनाए रखे । और काफी साफ स्वक्ष मंदिर देखने को मिला। शहडोल जिले का यह सबसे प्रसिद्ध देवी मंदिर है जहाँ वर्ष भर लाखों श्रद्धालु एवं दोनों नवरात्रि में दर्शन के लिए आते हैं। दर्शन हेतु आने के लिए अनूपपुर बुढार शहडोल ब्यौहारी रेल्वे स्टेशन से उतरकर टैक्सी बस आदि के माध्यम से पहुंचने का प्रमुख मार्ग है। शहडोल से दूरी 50km बुढार से 30kmअनूपपुर से 40km ब्यौहारी से 100km की दूरी है । नवरात्रि में यहाँ 9 दिनों तक विशेष पूजा, हवन, और भंडारे का आयोजन प्रतिदिन होता है।। मां के भक्तों द्वारा जगह जगह भंडारे किए जाते हैं।

आज के आयोजन 

1. अष्टमी को माता का श्रृंगार अदभुत 

2. सुबह 7 बजे से दुर्गा पाठ एवं विशेष पूजा 

3. शाम को महाआरती और भजन संध्या

4. मंदिर परिसर को फूल-माला और विद्युत झालरों से सजाया गया है

भटिया ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष कमलभान सिंह परिहार और सेवा समिति के अध्यक्ष विनोद सिंह परिहार एवं दोनों समिति के सदस्यों द्वारा भक्तों के लिए प्रसाद, जल, बैठने की विशेष व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस बल तैनात किया है। टी आई जैतपुर द्वारा सुरक्षा के पुख्ता व्यवस्था बनाए हुए है। पुलिस बल काफी संख्या में तैनात किया गया है।

भक्तों में भारी उत्साह है। दूर-दूर से श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए पहुँच रहे हैं। पूरा भटिया धाम *”जय माँ सिंहवाहिनी – जय माता दी”* के जयघोष से गूंज रहा है। दूर दूर से लोग बड़े श्रद्धा भाव से आते हैं और मां मनोकामना पूर्ण करती हैं 

बोलो आदि शक्ति जगत जननी माँ भटिया वाली सिंहवाहिनी माता की जय!

मां के दर्शन हेतु बहुत दूर दूर से भक्त गण पैदल, लेटते हुए, अपने निजी साधन से आते हैं और मां का दर्शन कर अपने आप को धन्य समझते हैं। मां की ख्याति भारत वर्ष के कई प्रांतों में फैला हुआ है जिससे मां के दर्शन हेतु प्रतिदिन भक्तों की भीड़ रहती है। मां सभी की मनोकामना पूर्ण करती है और विद्या की अधिष्ठात्री देवी होने के कारण प्रतियोगी परीक्षा में जो छात्र बैठते हैं पहले मां से मन्नत मांगने आते हैं। मां सबकी मनोकामना पूर्ण करती है। मेला कार्यक्रम को सफल बनाने में कमलभान सिंह परिहार, विनोद सिंह परिहार कृष्ण कुमार सिंह बघेल , बद्री विशाल मिश्रा विजय कृष्ण मिश्रा अवनीश सिंह परिहार बाबूराम सिंह हीरा लाल गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, सुरेन्द्र सिंह परिहार आशीष त्रिपाठी ओम प्रकाश शर्मा दुलम टंडिया छक्के लाल गुप्ता विष्णु गुप्ता लवलेश सिंह परिहार जितेंद्र तिवारी राजेंद्र सिंह कर्चुली कमलेश मिश्रा जितेंद्र सिंह झल्लू खेलावन प्रजापति रामकल्याण कैलाश द्विवेदी पुजारी जी और क्षेत्र के सभी लोग लगे हुए हैं।

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