S.K. Paswan
ब्रेकिंग न्यूज़
शहडोल : तेंदूपत्ता खरीदी में 20 लाख रुपये के कथित घोटाला भाग्यशाली से रिकवरी कि मांग ,प्रशासनिक फिर ... शहडोल : टीईटी परीक्षा के अनिवार्यता को समाप्त करने मध्य प्रदेश शिक्षक संघ सौंपेगा का ज्ञापन शहडोल : घरौला मोहल्ला में जनकल्याण शिविर हुआ आयोजित, पार्षद  की रही अहम भूमिका शहडोल : मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त , कांग्रेस ने बताया लोकतंत्र की हत्या और संविधान पर हमला  शहडोल : एक मासूम थैलेसीमिया योद्धा के लिए 25 वर्षीय मनीष ने किया रक्तदान, युवाओं को रक्तदान का दिया ... शहडोल : टेट परीक्षा बनी समस्या शिक्षक हित में अन्य मुद्दों को लेकर  मध्य प्रदेश शिक्षक संघ की संभागी... शहडोल : इंदिरा ज्योति व चलें रामराज्य की ओर संकल्प यात्रा का शहडोल आगमन उमरिया :युवा टीम बनी बेसहारा पशुओं की सहारा, भीषण गर्मी में चारा-पानी की कर रहे व्यवस्था  शहडोल : जिला स्तरीय “गंगा दशहरा” कार्यक्रम ग्राम पंचायत मझौली में संपन्न शहडोल : ग्राम धमनी कलां में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ी आस्था की विशाल धा...

शहडोल : बड़े पैमाने में लगातार शासन को लाखों का चूना लगा रहा पंचायत सचिव सुग्रीव , उच्च स्तरीय जांच से पहुंचेगा सलाखों के पीछे , मामला सोहागपुर जनपद का

0 398

बड़े पैमाने में लगातार शासन को लाखों का चूना लगा रहा पंचायत सचिव सुग्रीव ,

उच्च स्तरीय जांच से पहुंचेगा सलाखों के पीछे ,

मामला सोहागपुर जनपद का

शहडोल (संजय गर्ग) ।  सोहागपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत खमरिया पंचायत सचिव सुग्रीव सिंह के भ्रष्टाचार गबन चरम सीमा में पहुँच चुका है। वही जिन्हें भ्रष्टाचार रोकने की जबाबदारी दी गई है वह भी पैसो की चमक के आगे नतमस्तक हो चुके है जिसे देखकर लगता है कि जिम्मेदारों के द्वारा भ्रष्टाचार गबन करने की आजादी दे दी गई है। एक ओर प्रदेश की सरकार चाह रही है कि सब कुछ पारदर्शिता हो जो हो रहा वह ऑनलाईन और पोर्टल के जरिये सब देख सके कि क्या कार्य हुए, कितना कार्य हुआ, बिल किसका लगा, कौन सही या गलत, सब दिखाई पड़े की सही गलत क्या हैं। लेकिन धुंधले बिलों को पोर्टल में लग कर फर्जी बिलों का भुगतान करा रहे है।

सरकारी पोर्टल पर है गड़बड़ झाला भ्रष्टाचार का बोल – बाला

गौरतलब यह है कि जिन सरकारी पोर्टल को पारदर्शिता के मंशा से बना गया था आज उन्हें सरकारी पोर्टल में खुलके भ्रष्टाचार किया जा रहा है, फर्जी बिल लगा रहे है।ऐसे-ऐसे बिल लग रहे है कि सीमेंट के दुकान से स्टेशनरी खरीदी जा रही है और रेत लोहा खरीदने के बिल पोर्टल में लग रहे और भुगतान हो रहे, आज कोई इन बिलों की रेख-देख नही कि जा रही और इन फर्जी बिलों से बेजा फर्जी भुगतान लिया जा रहा है कुछ बिल ऐसा भी है जो पोर्टल में बिल लगे है वह पढने भी नहीं जा सकते है। धुंधले बिलों के जरिए लाखों रू का फर्जी भुगतान किया जा रहा है।

अधिकांश पंचायत में है यही हाल जिम्मेदारों का हाल – बेहाल

बता दे कि यही हाल जिले के अधिकांश ग्राम पंचायतों का है। जहाँ पर फर्जी बिल लगाकर भुगतान किया जा रहा जिसकी समय-समय पर शिकायतें होती भी है पर उन शिकायत की फाइल धूल खाती रहती है। सोहागपुर जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली पंचायतों में बिलों को पोर्टल पर अपलोड करना आम बात हो गई है। पंचायत सचिव के द्वारा हजारों बिलों को अपलोड कर आम जनता को भ्रमित किया जा रहा है, परंतु जनपद प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है। भ्रष्टाचार छिपाने का प्रयास आखिर कब तक किया जाएगा सीमेंट के दुकान से स्टेशनरी खरीदी का फर्जी बिल या खरीदे गए समान के दुगने बिल का भुगतान कराया जा रहा है। पंचायत दर्पण में लगे बिलों देखाकर साफ अनुमान लगा सकता है, सूत्रों की माने तो ग्रामवासी अगर सचिव से पूछते हैं कि किस सामग्री का बिल लगा है तो सचिव जवाब देते है नेट से निकाल लीजिये, जब पंचायत दर्पण पर लोग बाग देखने पहुंचते है तो वहां बिल ही धुंधला मिलता है, कुल मिलाकर भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए यह खेल खेला जाता है।

उच्च स्तरीय जांच से सचिव पहुंचेगा सलाखों के पीछे

अगर देखा जाए तो सन 2022 23 से लेकर मनरेगा के अंतर्गत जितने भी कार्य पंचायत सचिव सुग्रीव सिंह के द्वारा कराए गए हैं सभी कार्यों में भारी अनिताओं के साथ-साथ शासकीय राशि का भरपूर गवन किया गया जिसकी जांच से शासन को बड़े पैमाने में शासकीय राशि की रिकवरी हो सकती है। आपको बता दें कि सचिव साहब का यही रवैया ग्राम पंचायत मजगामा में भी था । यदि मनरेगा मास्टर रोल की विधिवत जांच उच्च स्तरीय पैमाने से होती है तो निश्चित तौर पर सचिव बहुत जल्दी जेल की सलाखों के पीछे होंगे और उन्हें कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ सकता है।
इनकी प्रतिक्रिया

इस संबंध में जब जनपद सीईओ को कॉल किया गया तो उनके द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया गया।

ममता तिवारी (सीईओ) जनपद सोहागपुर जिला शहडोल

Leave A Reply

Your email address will not be published.