शहडोल : एक मासूम थैलेसीमिया योद्धा के लिए 25 वर्षीय मनीष ने किया रक्तदान, युवाओं को रक्तदान का दिया संदेश
एक मासूम थैलेसीमिया योद्धा के लिए 25 वर्षीय मनीष ने किया रक्तदान, युवाओं को रक्तदान का दिया संदेश
शहडोल। कुशाभाऊ ठाकरे जिला चिकित्सालय के थैलेसीमिया एवं सिकल सेल वार्ड में भर्ती सिकल सेल योद्धा संदीप सिंह का हीमोग्लोबिन मात्र 4 ग्राम रह गया था, जिसके लिए तत्काल ओ पॉजिटिव रक्त की आवश्यकता थी। ब्लड बैंक में भी ओ पॉजिटिव रक्त की उपलब्धता न होने के ऐसे समय में युवक मनीष जायसवाल ने रक्तदान कर मानवता की एक सुंदर मिसाल पेश की। मनीष जायसवाल ने बताया कि यह मेरा दूसरा रक्तदान है। रक्त दान करने के पश्चात मुझे अत्यंत ही प्रसन्नता हुई। मेरे लिए हर्ष का विषय है कि मेरे रगों में बहने वाला खून किसी मासूम को एक नई जिंदगी देने में काम आएगा। लोगों के मन में यह भ्रांतियां रहती है कि रक्तदान से कोई नुकसान होता है तो ऐसा कुछ भी नहीं है बल्कि यह शरीर में अतिरिक्त आयरन को कम करके स्वास्थ्य में सुधार करता है। हमारे शहडोल में ऐसे कई मरीज हैं, जो सिकिल सेल से ग्रसित हैं उन्हें हर 15 दिन में रक्त की आवश्यकता पड़ती है। जिस संख्या में अपने जिले में सिकल सेल के मरीज हैं ब्लड बैंक शहडोल में इतना ब्लड पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पाता। वर्तमान में भी रक्त कोष में रक्त की कमी है रक्त न मिलने के कारण आज कई बच्चों को वापस जाना पड़ता है। मेरा युवा पीढ़ी एवं समाज के जिम्मेदार नागरिकों से अनुरोध है आप भी रक्तदान कर किसी मासूम के चेहरे की मुस्कान बनें। निश्वार्थ भाव से की गयी मानव सेवा ही सच्ची सेवा है, इससे बड़ा कोई धर्म नहीं है। मनीष ने बताया कि दिशा वेलफेयर एसोशिएशन शहडोल की अध्यक्ष रूपाली सिंघई द्वारा मासूम बच्चों के लिए सच्ची निष्ठा एवं निश्वार्थ भाव से की गई सेवा से उन्हें यह प्रेरणा मिली है और भविष्य में भी वह रक्तदान करते रहेंगे। ऐसे संवेदनशील और सेवा भाव से परिपूर्ण रक्तदाताओं के कारण ही जरूरतमंद मरीजों को समय पर जीवनदायी रक्त मिल पाता है।
