शहडोल / गोहपारू : जनपद सीईओ का दवा नहीं हुआ भ्रष्टाचार स्थानांतरण के बाद भी जम गया जुगाड़ , रोड के साथ-साथ खा गए स्कूल का बाउंड्री वॉलमुकेश का भ्रष्टाचार कितने हिस्सेदार , बिना काम कराए निकाल लिए चार लाख
जनपद सीईओ का दवा नहीं हुआ भ्रष्टाचार स्थानांतरण के बाद भी जम गया जुगाड़ , रोड के साथ-साथ खा गए स्कूल का बाउंड्री वॉल
मुकेश का भ्रष्टाचार कितने हिस्सेदार , बिना काम कराए निकाल लिए चार लाख
शहडोल। पंचायती एवं ग्रामीण विकास विभाग में भ्रष्टाचार का तमंग़ा का आए दिन कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
हालत यह है कि जो भ्रष्टाचार ग्राम पंचायत से शुरू होता है उसकी जड़े कहीं ना कहीं जनपद से लेकर जिला पंचायत तक भी सुगमंता के साथ फैल जाती हैं।
और फिर शुरू होता है बचाव का खेल।
ऐसा ही एक मामला गोहपारु जनपद के
ददरा टोला ग्राम पंचायत में सामने आया है जहां पर पंचायत सचिव मुकेश तिवारी के द्वारा सीसी रोड निर्माण कर के नाम 4लाख रुपए की शासकीय राशि में गबन का मामला सामने आया है।
जिस पर लगातार मीडिया में खबरें प्रकाशित होती नहीं। इसके बावजूद भी जनपद की जिम्मेदारों के कानों में जूं नहीं रेंगी।
दरअसल 12 लाख रुपए की लागत से प्रधानमंत्री खनिज कल्याण योजना के तहत सीसी रोड निर्माण कार्य लक्ष्मण केवट के घर से अयोध्या सिंह के घर तक होना था। जिसकी स्वीकृति 15 अगस्त 2025 में हुई।
लेकिन ग्राम पंचायत दादर टोला के सचिव मुकेश तिवारी ने निर्माण कर से पूर्व ही निर्माण मटेरियल के नाम पर ₹400000 की राशि गुप्ता ट्रेडर्स जैतपुर रोड के यहां का बिल लगाकर निकल गई।
एक ही डेट पर चार बिल
बनी कथित पंचायत के प्रभारी सचिव मुकेश तिवारी के द्वारा 14 अप्रैल 2026 को गुप्ता ट्रेडर्स के चार बिल एक ही डेट पर लगाकर एक बार 36 हजार , एवं एक बार 84 हजार, और एक बार 76000 की राशि निकाली गई है। लेकिन निर्माण पदार्थ के नाम से निकली गए इन राशियों से पदार्थ की खरीदी करने का दवा जनपद सीईओ ने किया है तो सवाल यह है कि अब तक निर्माण कार्य चालू क्यों नहीं हुआ।
सोहागपुर में स्थानांतरण फिर भी बना मुकेश का जुगाड़
विस्वत सूत्रों के अनुरूप सचिव मुकेश तिवारी का स्थानांतरण सोहागपुर जनपद के अन्य ग्राम पंचायत में हो चुका है उसके बावजूद भी जुगाड़ पद्धति का उपयोग कर मुकेश ग्राम पंचायत ददरा टोला का प्रभार लेकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। और साथी ग्राम पंचायत अकृकिन की मूल पदस्थापन है।
सीसी रोड बाउंड्री वॉल और पेपर ब्लॉक
जहां एक और 12 लाख का सीसी रोड मुकेश के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया तो वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायत अंकुरी के शासकीय हाई स्कूल में बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य और पेपर ब्लॉक निर्माण कर आज दिनांक तक पूर्ण नहीं हो सका उसमें भी बाउंड्री वॉल का निर्माण नहीं हुआ है और जो पेपर ब्लॉक का निर्माण चल रहा है वह भी आधा है।
तो सवाल यह है कि जनता के टैक्स के पैसे से जो फंड निर्माण कार्यों के लिए जनरेट किए जाते हैं उसमें ऐसे भ्रष्टाचारियों को भ्रष्टाचार करने की अनुमति आखिर दे कौन रहा है।
इतना ही नहीं दोनों ही ग्राम पंचायत में यदि मुकेश तिवारी के कार्यकाल में कराए गए निर्माण कार्यों की जांच की जाए तो निश्चित तौर पर ही शासन को बड़े स्तर पर रिकवरी हाथ लग सकती है।
जिम्मेदारों का यह अभिमत
वही इस पूरे मामले पर जनपद सीईओ सुधीर दिनकर से उनका अभिमत जानने के लिए बात की गई तो उनका कहना था कि सीसी रोड निर्माण कार्य में जो भी राशि निकाली है वह मटेरियल के लिए निकल गई है। वहां पर ऐसा कोई भी भ्रष्टाचार नहीं हुआ है जब तक पदार्थ नहीं गिराएंगे तो काम कैसे चालू करेंगे।
मेरे एसडीओ वहां पर गए थे जांच हो चुकी है। आप उनसे भी पूछ सकते हैं।
वही जब एसडीओ प्रशांत कुमार लगराखा से बात की गई तो उनका कहना था कि संदर्भ में होने कोई भी जानकारी नहीं है। मैं वहां नहीं गया हूं।
इनका कहना
अभी न बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य हुआ है ना पेपर ब्लॉक का
मुकेश तिवारी ( सचिव) ग्राम पंचायत ददरा टोला गोहपारु


