S.K. Paswan
ब्रेकिंग न्यूज़
जैतपुर / बुढार : कुंभकर्णी निद्रा में स्वास्थ अमला , बड़ी दुर्घटना के इंतजार में जिम्मेदार ,क्षेत्र ... शहडोल : पुलिस बल को जनता से बेहतर संवाद स्थापित कर संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के पुलिस अधीक्षक ने... शहडोल : राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से अलंकृत अरुण मिश्र हुए सेवानिवृत्ति , समारोह में विभागीय अधिकारी ए... शहडोल / जैतपुर : एकलव्य आवासीय विद्यालय में आयोजित हुआ नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम उमरिया : अतिथि शिक्षक की भर्ती को लेकर शाहपुर हायर सेकेण्डरी में बवाल , नियम अनुसार समय पर भर्ती न क... शहडोल : मां काली मंदिर सिंहपुर बना लोक न्यास, सर्वसम्मति से गठित हुई पहली कार्यसमिति ,एसडीएम लोक न्य... शहडोल : शिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार एमएलबी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मनाया गया गुरू पूर्... शहडोल / गोहपारू : जनपद सीईओ का दवा नहीं हुआ भ्रष्टाचार स्थानांतरण के बाद भी जम गया जुगाड़ , रोड के स... जैतपुर / शहडोल : तो क्या पुरन कि गुंडागर्दी पर कानून के रखवालो का है नरम रुख , पुलिस अधीक्षक से शिका... शहडोल: शहडोल का जेन जी कल होगा सड़को पर ....... छात्र हित के समर्थन पर   युवाओं का हल्ला बोल, अत्यधि...

शहडोल : भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के समापन अवसर पर हवन पूजन के साथ विशाल भंडारे का आयोजन 13 को , भागवत कथा के सातवें दिन पूज्य महाराज श्री स्वामी बदरी प्रपन्नाचार्य जी ने श्री कृष्ण सुदामा चरित्र का किया वर्णन 

0 211

भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के समापन अवसर पर हवन पूजन के साथ विशाल भंडारे का आयोजन 13 को ,

भागवत कथा के सातवें दिन पूज्य महाराज श्री स्वामी बदरी प्रपन्नाचार्य जी ने श्री कृष्ण सुदामा चरित्र का किया वर्णन 

शहडोल । नगर के बुढार रोड स्थित डी सदन मैरिज गार्डन परिसर में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया है प्राप्त जानकारी के अनुसार सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा हम सभी भक्तजनों को कथा सुनने चित्रकूट की पावन भूमि से पधारे प्रातः स्मरणीय परम् पूज्य श्री श्री 1008 श्री स्वामी बदरी प्रपन्नाचार्य जी महाराज शहडोल की दिव्य भूमि में श्री मदभागवत् की कथा का रसास्वादन कराने के लिए पधारे है जिस कथा का सुंदर संकल्प श्री चंद्रशेखर वर्मा ने लिया ।आज की कथा में पूज्य गुरदेव भगवान ने कथा के सातवें दिन और समापन दिवस के अवसर पर कथा मैं सुदामा चरित्र प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो गए।

परम् पूज्य श्री श्री 1008 श्री स्वामी बदरी प्रपन्नाचार्य जी ने अपने प्रवचन में भगवान कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने मां देवकी के छह पुत्रों को वापस लाने, सुभद्रा हरण के आख्यान और सुदामा चरित्र पर प्रकाश डाला।

कथा व्यास पूज्य महाराज जी ने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए मित्रता निभाने के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने मित्र भगवान श्रीकृष्ण से मिलने द्वारिका पहुंचे।

द्वारिकाधीश के महल का पता पूछकर सुदामा महल की ओर बढ़े, जहां द्वारपालों ने उन्हें भिक्षा मांगने वाला समझकर रोक दिया। सुदामा ने स्वयं को कृष्ण का मित्र बताया, जिसके बाद द्वारपाल ने महल में जाकर प्रभु को सूचना दी।

जैसे ही द्वारपाल के मुख से सुदामा का नाम सुना, भगवान श्रीकृष्ण ‘सुदामा, सुदामा’ कहते हुए तेजी से द्वार की ओर भागे। सामने अपने सखा सुदामा को देखकर उन्होंने उन्हें अपने सीने से लगा लिया। सुदामा ने भी ‘कन्हैया, कन्हैया’ कहकर उन्हें गले लगाया।

प्रभु कृष्ण सुदामा को अपने महल में ले गए और उनका अभिनंदन किया। इस भावुक दृश्य को देखकर श्रोता भाव-विभोर हो गए और उन्होंने सुदामा-कृष्ण की झांकी पर फूलों की वर्षा की। कथा समापन के अवसर प्रतिदिन की तरह भक्तों में प्रसाद वितरण किया गया। कथा आयोजक मंडल एवं कथा के मुख्य यजमान  चंद्रशेखर वर्मा  ने सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के समापन अवसर पर दिनांक-13-नवंबर -2025 दिन गुरुवार को कथा स्थल बुढार रोड स्थित डी सदन मैरिज गार्डन में हवन पूजन के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है आप सभी श्रद्धालु भक्तगणों से अनुरोध है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंच कर भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर अपने जीवन को धन्य बनाएं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.