शहडोल : तेंदूपत्ता खरीदी में 20 लाख रुपये के कथित घोटाला भाग्यशाली से रिकवरी कि मांग ,प्रशासनिक फिर बदल 149 वन परिक्षेत्र अधिकारी इधर से उधर रामनरेश डिंडोरी , तो विनय कुमार शहडोल , खन्नौधी परिक्षेत्र अधिकारी रीवा में
तेंदूपत्ता खरीदी में 20 लाख रुपये के कथित घोटाला भाग्यशाली से रिकवरी कि मांग ,
प्रशासनिक फेरबदल 149 वन परिक्षेत्र अधिकारी इधर से उधर रामनरेश डिंडोरी , तो विनय कुमार शहडोल , खन्नौधी परिक्षेत्र अधिकारी रीवा में
शहडोल (निशांत संजय गर्ग)। मध्य प्रदेश शासन के वन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन भोपाल द्वारा 15 जून 2026 को प्रशासनिक कार्य सुविधा के दृष्टिगत 149 वन वन परिक्षेत्र अधिकारियो के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं। इनमें 34 वन परिक्षेत्र अधिकारियो का स्थानांतरण स्वेच्छा से तथा 115 का प्रशासनिक आधार पर किया गया है।
स्थानांतरण सूची में शहडोल जिले के गोहपारू विकासखंड अंतर्गत दक्षिण वन मंडल के खन्नौधी वन परिक्षेत्र में पदस्थ वन परिक्षेत्र अधिकारी भाग्यशाली सिंह का नाम भी शामिल है। उनका स्थानांतरण प्रशासनिक आधार पर वन परिक्षेत्र सिरमौर, जिला रीवा किया गया है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार खन्नौधी वन परिक्षेत्र में लंबे समय से विभिन्न प्रकार की अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि प्रशासनिक स्थानांतरण के बाद इन मामलों पर जांच और कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी भाग्यशाली सिंह जो की लंबे समय से एक ही वन परिक्षेत्र पर रहते हुए संबंधित वन परिक्षेत्र को अपना गढ़ बनाए हुए थे। अब वह कहीं ना कहीं ध्वस्त होता नजर आ रहा है।
तेंदूपत्ता खरीदी में अनियमितता के आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार 2 जून 2026 को जिला वन उपज सहकारी यूनियन मर्यादित, दक्षिण वन मंडल शहडोल की टीम द्वारा सल्दा, बड़कोरा एवं खन्नौधी में वर्ष 2026 के तेंदूपत्ता गोदामीकरण कार्य की जांच की गई थी। जांच के दौरान कुछ बोरों में गड्डियों की संख्या निर्धारित मात्रा से कम या अधिक पाए जाने की बात सामने आई। इतना ही नहीं जांच के दौरान नोडल अधिकारी एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी भाग्यशाली सिंह वहां से नदारत रही। जो की यह घटना अपने आप में कई कहानी बयां कर रही है।
बताया जाता है कि इस संबंध में 10 जून 2026 को प्रबंध संचालक को शिकायत एवं जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। मामले में कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
जांच और रिकवरी की मांग
स्थानीय नागरिकों एवं संबंधित लोगों की मांग है कि तेंदूपत्ता खरीदी में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या भ्रष्टाचार प्रमाणित होता है, तो जिम्मेदार अधिकारियों से नियमानुसार राशि की वसूली (रिकवरी) की जाए।
सूत्रों के अनुसार जांच प्रतिवेदन दक्षिण वन मंडल शहडोल के अधिकारियों को उपलब्ध कराया जा चुका है। अब लोगों की नजर विभागीय कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई है।

