शहडोल (संजय गर्ग)।
इंट्रो
यूं तो आए दिन फर्जी प्रमाण पत्रों के मामले उजागर होते रहते हैं।
आजकल लोग फर्जी पत्रों के माध्यम से बड़ी ही आसानी से शासन-प्रशासन की आंखों में धूल झोंक देते हैं।
इस प्रकार के बढ़ते प्रकरणों को देखने में ऐसा लगता है कि कहीं न कहीं प्रशासन भी इस पर रोक लगाने पर नाकाम है।
यह है मामला
मामला वार्ड क्रमांक 6 जयसिंहनगर की जिला पंचायत शहडोल की सदस्य अंजू रैदास गौतम पिता राजेंद्र गौतम का है।
जो कि शहडोल जिले में जिला पंचायत वार्ड नंबर 6 से निर्वाचित अंजू रैदास गौतम अनुसूचित जाति वर्ग से इनके द्वारा वर्ष 2022 में चुनाव लड़ा गया जिसमें इनकी विजय हुई।
जोकि इनका जन्म उत्तर प्रदेश राज्य के कानपुर देहात क्षेत्र में एक गरीब अनुसूचित जाति के परिवार में हुआ और इनकी प्रारंभिक शिक्षा उत्तर प्रदेश के कानपुर में ही हुई।
अनुसूचित वर्ग के आधार पर कक्षा दसवीं तक की शिक्षा इन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य में ही प्राप्त की।
एवं बाकी की शिक्षा मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में प्राप्त की।
सवालों के घेरे में राजस्व विभाग
जोकि अंजू रैदास गौतम का मूल जन्म स्थान उत्तर प्रदेश है। इनके द्वारा मूल जन्म स्थान को छुपाकर असत्य शपथ पत्र के आधार पर राजस्व सोहागपुर से अनुसूचित वर्ग का जाति प्रमाण पत्र बनवाया है, और जिला निर्वाचन शाखा में कलेक्टर के समक्ष चुनाव लड़ा ।
जबकि वर्ष 1950 के पूर्व मूल निवासी मध्य प्रदेश राज्य के भीतर के नहीं।
ऐसे में दूसरे राज्य का व्यक्ति अन्य राज्य में जाकर आरक्षण का लाभ कैसे ले सकता है। ऐसे में उनका जाति प्रमाण पत्र पूरी तरीके से संदेहास्पद श्रेणी में आता है। और यह सब तभी हो सकता है । जब राजस्व विभाग अपनी कुंभकरणी निद्रा में हो ।
उच्च स्तरीय जांच होगा खुलासा
अंजू रैदास गौतम जिला पंचायत सदस्य वार्ड नंबर 6 जयसिंहनगर शहडोल की संदेहास्पद जाति प्रमाण पत्र की जांच आयुक्त अनुसूचित जाति विकास विभाग भोपाल के निगरानी में प्रस्तावित है। यदि जांच में यह अपनी जाति सिद्ध नहीं कर पाती है तो इनकी निर्वाचन जिला पंचायत सदस्य शून्य घोषित हो जाएगी।
इनका कहना
यदि ऐसा है तो कोर्ट जाएं केस करें एफ आई आर दर्ज करवाएं एवं कार्यवाही करवाएं।
हम भी न्यूज़ वर्ल्ड चैनल में काम करते थे आप लोगों के बीच से ही गए हैं
अंजू रैदास गौतम
सदस्य जिला पंचायत शहडोल
वार्ड नंबर 6 जयसिंहनगर
