शहडोल : दूर-दूर से होता है भक्तों का आगमन , प्रकृति की गोद में धार्मिक स्थलों को संजोए हुए है मां खांखड़ा देवी का दिव्य दरबार
दूर-दूर से होता है भक्तों का आगमन ,
प्रकृति की गोद में धार्मिक स्थलों को संजोए हुए है मां खांखड़ा देवी का दिव्य दरबार
शहडोल। जिले के जयसिंहनगर तहसील अंतर्गत ग्राम निगाई जो जयसिंहनगर से 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । निगाई विभिन्न धार्मिक स्थलों को संजोए हुए है यहाँ दूर – दूर से श्रद्धालुओं का आगमन होता है । निगाई में जहाँ एक तरफ मां खांखड़ा देवी का मंदिर वहीं दूसरी ओर सोन नदी का तट जहां श्री राम भक्त हनुमान जी का मंदिर बना हुआ है श्रद्धालुओं के आकर्षण का केन्द्र होता है । निगाई से 3 किलोमीटर पहले ग्राम बसोहरा के बिरासिनी चौक में स्थित माँ बिरासिनी का मंदिर है जहाँ दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दर्शन को पहुँचते हैं। निगाई स्थित मां खांखड़ा देवी को मां शारदा का स्वरूप कहा जाता है, मां खांखड़ा अपने भक्तों की सभी मनोकामनायें पूर्ण करती हैं, मनोकामना पूरी होने पर भक्त विभिन्न प्रकार से मां की सेवा करते हैं। चैत्र व शारदीय नवरात्रि में मां खांखड़ा के दर्शन को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है, चैत्र में जवारे तो शारदीय नवरात्रि में मां शक्तिस्वरुपा विराजमान होती हैं । मां खांखड़ा अपने भक्तों की सभी मनोकामनायें पूर्ण करती हैं मनोकामनायें पूर्ण होने पर भक्तों द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है या फिर भक्तों द्वारा मां के मंदिर तक दंड भरते हुए मां खांखड़ा के दर पर पहुँचते हैं । मां खांखड़ा देवी मंदिर से महज़ 2 किलोमीटर की दूरी पर सोन नदी का तट है जहाँ सोन , चूँदी और जोहिला नदी का संगम है जहाँ श्री हनुमान जी का मंदिर बना हुआ है । हनुमान जी का यह मंदिर बहुत प्राचीन माना जाता है । जहाँ सोन नदी का तट प्राकृतिक छटा को समेटे हुए है वहीं हनुमान जी का मंदिर शोभा को दोगुना करता है । प्राकृतिक खूबसूरती व निगाई का मेला यहाँ के आकर्षण का केन्द्र होते हैं ।
