शहडोल: वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह कर केंद्रा अध्यक्ष व सहायक केंद्रा अध्यक्षों की नियुक्ति में हुआ फर्जीवाड़ा , जिला शिक्षा अधिकारी शहडोल का हो रहा वारा – न्यारा
वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह कर केंद्रा अध्यक्ष व सहायक केंद्रा अध्यक्षों की नियुक्ति में हुआ फर्जीवाड़ा ,
जिला शिक्षा अधिकारी शहडोल का हो रहा वारा – न्यारा
शहडोल (संजय गर्ग) ।लगातार अपनी कार्यशालियों के चलते संपूर्ण जिले में विवादों का केंद्र बना रहा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय शहडोल जहां पर आसीन जिला शिक्षा अधिकारी फूल सिंह मारपाची अपने नए कारनामों के लिए जाने जाते हैं।
कारनामा में कुछ ऐसे जिससे हर समय विवादों व संदिग्धता के दायरे में कार्यालय बना रहता है।
जहां पल – पल भर में कोई न कोई नया घोटाला चलता रहता है।
आज हम आपको साहब के नए घोटाले के बारे में बताने जा रहे हैं।
घोटाला ऐसा जिसमें साहब ने गांधी जी को मद्देनजर रखते हुए नियम विरुद्ध तरीके से केंद्रा अध्यक्ष व सहायक केंद्रा अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है ।
और इतना सब कुछ साहब ने अकेले ही नहीं किया। राजा जी की फौज ने भी उनका बखूबी साथ निभाया है।
मामला कुछ इस प्रकार
दरअसल 28 जनवरी को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से आदेश जारी होता है । जिसमें लेख है कि प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग भोपाल के पत्र क्रमांक/654/ 1773270/2023/20-3 भोपाल, दिनांक 29.दिसंबर 2023 में प्राप्त निर्देशानुसार कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित की जाने वाली सत्र 2023-24 के हाईस्कूल / हायर सेकेण्डरी व अन्य परीक्षाओं हेतु आपको केन्द्राध्यक्ष / सहायक केन्द्राध्यक्ष नियुक्त किया गया है। अशा, ई.एल.सी. हाईस्कूल इन्दिरा चौक के पास, शहडोल म.प्र. के सभागार में दिनांक 30. जनवरी 2024 को समय अपरान्ह 12.00 बजे से नियुक्त केन्द्राध्यक्ष / सहायक केंद्राध्यक्षों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया है।
इसके साथ ही माध्यमिक शिक्षा मंडल के समस्त हाई स्कूल व हायर सेकेंडरी परीक्षा हेतु सहायक के अंदर अध्यक्ष व केंद्र अध्यक्षों की सूची भी सामने आती है।
जिसमें कई ऐसे नाम भी सामने है जो की सूची में या कहिए इस पद हेतु अधिकृत नहीं है।
नियमों की उड़ी धज्जियां
कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षाएं हेतु जिन केंद्र अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है उनमें से कई अपात्र हैं।
साहब यह कहते हैं नियम
दरअसल नियमों के अनुसार केंद्र अध्यक्षों व सहायक केंद्र अध्यक्षों के पद पर वह शिक्षक व प्राचार्य होते हैं जिनके पास लगभग 5 वर्ष की अनुभव अनिवार्य होता है।
किंतु सूची में कई ऐसे नाम है जिनकी कार्य अवधि एक वर्ष या दो वर्षो से अधिक नहीं है।
ऐसे में सारे नियमों को ताक पर रखकर एवं कलेक्टर व जिला पंचायत की आखों मे धूल झोंक कर नियम विरुद्ध तरीके से जिला शिक्षा अधिकारी शहडोल फूल सिंह मारपाची व उनके कार्यालय में पदस्थ उन्हीं के सहयोगियों ने इस कार्य को अंजाम दिया है।
नियुक्ति पर बड़ा प्रश्न चिन्ह
ऐसे में केंद्र अध्यक्ष व सहायक केंद्र अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर अब बड़े सवाल प्रशासन के सामने खड़े हो रहे हैं की
क्या इस प्रकार नियमों को तक रखकर मनमर्जी तरीके से नियुक्ति करना उचित है या अनुचित???
सेटिंग का खेल उच्च स्तरीय जांच से होगा फेल
सूत्रों के अनुसार खबर सामने आई है कि इस पूरे मामले में जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा जिन कर्मचारियों का चयन किया गया है वह सब सेटिंग वाले हैं।
जो की पैसे लेकर फर्जी तरीके से साल साल भर के कर्मचारी की नियुक्ति इन पदों पर की गई है।
जिसकी उच्च स्तर जांच हो तो पूरा सच सामने आ जाएगा।
सूची में है इनके नाम
इस पूरे मामले में सूची में कुछ नाम सामने आए हैं जिसमें मॉडल स्कूल कौआसराई में पदस्थ विद्या द्विवेदी जिनकी सेवा मात्र 2 साल है , परमेश मरावी मात्र 2 साल कार्य का अनुभव है और नियुक्ति केंद्र अध्यक्ष पद पर इसी प्रकार उदय सिंह मरावी , बुढार श्रीमती निधि ठाकुर , रेखा सिंह बकहो , मॉडल स्कूल बुढार प्रियंका साकेत , यह सभी कर्मचारियों की कार्य अवधि 2 वर्षों के ऊपर नहीं है इसके बावजूद भी इन कर्मचारियों नियुक्ति की गई।
जबकि जिले में उच्च माध्यमिक व कई ऐसे अनुभवी कर्मचारी मौजूद हैं जिनकी नियुक्ति की जा सकती थी किंतु ऐसा नहीं हुआ।
इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा नोट शीट तैयार कर कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ से सिग्नेचर कराकर फाइल को आगे बढ़ा दिया।
जो की पूर्णता नियम विरुद्ध है।
किंतु बड़ा सवाल यह है कि क्या इसकी जानकारी कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ को नहीं थी और अगर थी तो फिर इतना बड़ा फर्जी बड़ा कैसे हो गया।
अब देखना यह होगा कि मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद कोई कार्यवाही की जाती है या नहीं।
इनकी प्रतिक्रिया
जब इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ से संपर्क साधा गया तो उन्होंने फोन उठाना जरूरी नहीं समझा
जिला पंचायत सीईओ राजेश जैन व कलेक्टर वंदना वैद्य जिला शहडोल
