शहडोल : सुनो सरकार आखिर कब होगा अतिथि शिक्षकों का बेड़ा पार, विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरा अतिथि शिक्षकों का काफिला ,मांगे पूरी न होने पर शिक्षक दिवस के दिन राजधानी में उग्र आंदोलन कि चेतावनी।
सुनो सरकार आखिर कब होगा अतिथि शिक्षकों का बेड़ा पार,
विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरा अतिथि शिक्षकों का काफिला ,
मांगे पूरी न होने पर शिक्षक दिवस के दिन राजधानी में उग्र आंदोलन कि चेतावनी।
शहडोल (संजय गर्ग)।सरकार की वादा खिलाफी के विरोध में अतिथि शिक्षक संघ का धरना प्रदर्शन आज मध्य प्रदेश के 52 जिलों में प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ अतिथि शिक्षक संघ ने मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में शहडोल संभाग में अतिथि शिक्षक संघ की जिला इकाई द्वारा प्रदेश अध्यक्ष शंभू चरण दुबे की अनुशंसा पर जिला अध्यक्ष शारदा प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में भारी तादाद में अतिथि शिक्षकों का हुजूम जिला कलेक्ट्रेट जा पहुंचा
जहां पर अतिथि शिक्षकों के द्वारा मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। उक्त ज्ञापन में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा अतिथि शिक्षकों से किए गए वादों को लेकर उसे स्मरण करने का प्रयास किया गया। प्रयास कितना सफल है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
बीत गया एक वर्ष निकल गया कार्यकाल
उक्त ज्ञापन के अनुसार 2 सितंबर 2023 को अतिथि शिक्षकों की महापंचायत में विगत 1 वर्ष पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हजारों अतिथि शिक्षकों के समक्ष जो ख्याली पुलाव परोसा गया था ।
वह कुछ इस प्रकार था ।अतिथि शिक्षकों का अनुबंध कर एक वर्ष का पूरा कार्यकाल उन्हें दिया जाएगा साथ ही शिक्षा भारती में अतिथि शिक्षकों को 50% आरक्षण देने की बात शिवराज सिंह चौहान ने की थी उच्च शिक्षा विभाग में अतिथि शिक्षकों को प्रतिवर्ष चार अंक एवं अधिकतम 20 अंक बोनस मिलेगा साथ ही निश्चित महीने की तारीख में उचित मानदेय की बात तत्कालीन मुख्यमंत्री ने की थी ने की थी ।
वह बात अलग है कि आज दिनांक तक विगत 9 महीने पूर्ण हो जाने के बाद भी अतिथि शिक्षक अवैतनिक हैं। और लगातार विद्यालयों के शैक्षणिक गतिविधियों को अतिथि शिक्षकों के माथे ही छोड़ दिया गया है।
गुरु जी की भांति विभागीय परीक्षा लेकर नियमित करने की योजना बनाई जाएगी। ऐसा सपना हजारों अतिथि शिक्षकों को दिखाया गया था जिसको लेकर आज पूरे 1 वर्ष पूर्ण हो गए किंतु अब तक तत्कालीन मुख्यमंत्री के किए गए घोषणाओं में कोई स्पष्ट विस्तार देखने को नहीं मिल रहा है
सत्ता वहीं शासन वही तो क्यों पूरी मांगे नहीं??
सवाल यह है कि जब सता में असीन पार्टी वही है जो कल थी। तो फिर क्यों इन मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है??? क्यों अतिथियों को दिखाए गए झूठे सपने
जिसको लेकर 1 वर्ष बाद अतिथि शिक्षकों का सब्र टूट गया और अपनी मांगों को पूरा करने को लेकर अतिथि शिक्षकों ने आज जिला मुख्यालय में गांधी चौक से लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय तक रैली निकालकर तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की वादा खिलाफी के विरुद्ध स्पष्ट विरोध जताया।
फिलहाल इस पूरे मामले में बड़ा सवाल यह है कि यदि सरकार कोई ऐसे वादे करें जिसको वह पूरा न कर सके। तो क्या ऐसा वादा करना उचित है।
क्योंकि अब तक तो यह वादे शेखचिल्ली के सपने सा साबित हो रहे हैं। जो नींद में तो हकीकत दिखते हैं लेकिन हकीकत में कुछ भी नहीं है।
इसी के साथ अतिथि शिक्षकों ने ज्ञापन सौंपकर यह मांग की है कि यदि नियमित समय सीमा में तत्कालीन मुख्यमंत्री के वादों को पूरा नहीं किया जाता तो बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक संघ प्रदेश स्तर पर शिक्षक दिवस के दिन राजधानी कूंच करेगी।
