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शहडोल: 2047 तक विकसित और सशक्त भारत का सपना वर्तमान परिस्थितियों में धरातल पर कितना कारीगर मंत्री जी??? , नगर के कुछ मुद्दों पर पत्रकारों ने किया सवाल तो क्यों मंत्री ने किया पल्ला – झाड़

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2047 तक विकसित और सशक्त भारत का सपना वर्तमान परिस्थितियों में धरातल पर कितना कारीगर मंत्री जी??? ,

नगर के कुछ मुद्दों पर पत्रकारों ने किया सवाल तो क्यों मंत्री ने किया पल्ला – झाड़
शहडोल (संजय गर्ग) । आज नगर के सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता आयोजित हुई जहां पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश के कुटीर एवं ग्राम उद्योग राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल ने पत्रकार वार्ता को संबोधित किया।
वैसे तो वार्ता का समय 1:30 बजे का था।
लेकिन मंत्री जी के समय पर उपस्थित न होने की वजह से वार्ता एक घंटा 10 मिनट देरी से चालू होती है।
वार्ता को संबोधित करते हुए मंत्री जी ने भविष्यवक्ता की तरह बताया कि 2047 तक सरकार की मंशा देश को समृद्ध विकसित राष्ट्र बनाने की है।
वर्तमान स्थितियां जो देश – प्रदेश व अपने नगर में निर्मित है इससे क्या यह कहा जा सकता है कि हमारा देश 2047 तक यानी आने वाले 20 सालों में समृद्ध हो सकेगा।?? यह बड़ा सवाल है ।
धरातल में प्रधानमंत्री की है मंशा व उनके द्वारा चलाए जा रहे देश क्षेत्र में योजनाओं का क्रियान्वयन क्या सही तरीके से धरातल पर हो रहा है या नहीं।
इसका कुछ उदाहरण हम आज अपने पाठकों के समक्ष रखते हैं इसके बाद सशक्त और समृद्ध भारत का 2047 तक का यह सपना धरातल पर कितना सक्रियता से कार्य कर रहा है यह स्पष्ट हो जाएगा।

शिक्षा और स्वास्थ के ऐसे हैं हालात
जिले में शिक्षा की बात करें तो कई विद्यालयों में ऐसे हालात है कि जहां विद्यार्थियों के पास शिक्षण सामग्री उपलब्ध नहीं है।
साथी इस वर्ष का गणवेश अब तक जिले में उपलब्ध नहीं हुआ है और ना ही इसे लेकर राज्य शिक्षा केंद्र से किसी भी प्रकार की कोई दिशा निर्देश प्राप्त हुए।
स्वास्थ्य सेवाओं में यदि जिला चिकित्सालय का उदाहरण लिया जाए तो समय पर ओपीडी में डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहते हैं। जिसके चलते मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाती है।
चिकित्सालय में बेंड की संख्या बढ़ाकर उन्हें जस के तस छोड़ दिया गया है।
सुविधाओं में विस्तार के असर अब तक तो नहीं दिख रहे हैं।

महिला स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा का क्या
वहीं दूसरी ओर जिला चिकित्सालय में विगत दो माह से महिला स्वास्थ्य कर्मी कार्यस्थल पर असुरक्षित महसूस कर रही है साथ ही जिला चिकित्सालय में सिविल सर्जन के पद पर पदस्थ ज्ञानेंद्र सिंह परिहार के ऊपर संगीन आरोप लग रहे हैं।
पत्रकारों द्वारा चिकित्सालय के मुद्दे पर कार्यवाही को लेकर सवाल किया गया तो मंत्री जी ने कहा कि दिखवाते हैं कब कहां कैसे दिखाएंगे यह मंत्री जी ही जाने।

जैन मंदिर के मुद्दे पर भी चुप

मंत्री जी ने सरकार की मंशा पत्रकारों से साझा की लेकिन नगर के मुद्दों पर पत्रकारों के सवाल करने पर वह कुछ ना कह सके। ज्ञात होगी कुछ ही दिन पहले जैन समाज के द्वारा मोन रैली निकालकर राज्य मंत्री दिलीप जयसवाल के ऊपर सीधा आरोप लगाया। जर्जर बिल्डिंग को धवस्त करने के आदेश नगर पालिका से जारी होने के बावजूद भी बिल्डिंग नहीं गिर रही जिस पर पत्रकारों के पूछने पर मंत्री जी ने बोला कि इन सब में मुझे मत लाइए मैं इस विषय में कुछ नहीं जानता हूं आप उन्हीं से पूछे।
लेकिन सवाल यह उठता है कि इन सभी मुद्दों पर जिस पर पत्रकारों द्वारा मंत्री से वार्ता में चर्चा की गई उन पर कार्यवाही के लिए किसी एक विषय पर भी मंत्री जी ने आश्वासन नहीं दिया ऐसा क्यों??? ।
नवाचार की बात करने वाले मंत्री जी क्या यह बता पाएंगे शहडोल जिले में शिक्षा , स्वास्थ्य और रोजगार के संसाधन कब दुरुस्त और प्रबल होंगे।???? फिलहाल इसका भी कोई अता-पता नहीं ।

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