पार्षद मंच के ज्ञापन से कुछ नहीं होगा जब तक रोड में आंदोलन न होगा
शहडोल। नगर पालिका कै पार्षदों द्वारा संयुक्त मंच बनाकर कमिश्नर को ज्ञापन सोपा गया है। यह पहली बार है की पार्षद जागृत होकर आम जनता के प्रति सहानुभूति दिखा रहे हैं ।आज 4 वर्षों से नगर पालिका की दुर्दशा हो रही है लेकिन किसी भी पार्टी के पार्षदों की हिम्मत नहीं हुई की वह इस व्यवस्था के मुख्य दोषी नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोला हो। चाहे विपक्षी दल भाजपा हो अथवा कांग्रेस पार्टी।
वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश तिवारी ने कहा है कि किसी भी नगर पालिका की संचालन के लिए मुख्य रूप से नगर पालिका अध्यक्ष ही जिम्मेदार होता है।नगर पालिका अध्यक्ष के पास सभी प्रकार के अधिकार होते हैं और वह इनका उपयोग करके व्यवस्था को सुधार सकता है लेकिन वर्तमान अध्यक्ष द्वारा जिस ढंग से मनमानी की गई है। वह शहडोल के इतिहास में अविस्मरणीय है। नगर पालिका कार्यालय में प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं है। इंजीनियर मनमानी कर रहे हैं और दोष कार्य पालन यंत्री ,नगरीय प्रशासन को दिया जा रहा है। बस स्टैंड मार्ग , सहित जितने निर्माण किए गए हैं उनमें इंजीनियरो द्वारा जिस ढंग से लापरवाही की गई है ।उसका खामियाजा आज नगर को भुगतना पड़ रहा है।
पार्षद मंच से अनुरोध है कि वह ज्ञापन से ऊपर जाकर व्यवस्था के मुख्य दोषी के खिलाफ धरना, प्रदर्शन करे नगर की जनता उनके साथ रहेगी।
