शहडोल : राजघाट पर सत्याग्रह देश के सियासतदानों पर मंडराता कुर्सी का भय , राहुल के बयान से सियासी घमासान , मोदी , शाह , ज्ञानेश और मोहन भागवत पर आपराधिक षडयंत्र रचकर लोकतंत्र की हत्या का लगाया आरोप
राजघाट पर सत्याग्रह देश के सियासतदानों पर मंडराता कुर्सी का भय ,
राहुल के बयान से सियासी घमासान , मोदी , शाह , ज्ञानेश और मोहन भागवत पर आपराधिक षडयंत्र रचकर लोकतंत्र की हत्या का लगाया आरोप
शहडोल। देश में सच्ची पत्रकारिता को दबाया नहीं जा सकता इसका जीता जागता उदाहरण इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्टर रितिका चोपड़ा ने अपनी खोजी पत्रकारिता के दम पर देश के चुनाव आयोग को आरोपों के कटघरे में खड़ा कर दिखा दिया। हालांकि यह आरोंप इसके पूर्व ही लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के द्वारा खुले मंच से मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार के ऊपर लगाए जा चुके थे जिसको लेकर राहुल गांधी ने विभिन्न तरीकों से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वोट चोरी के मुद्दे पर पहले ही मुख्य चुनाव आयोग को घेर लिया था लेकिन इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट ने आग में घी डालने का काम कर दिया। बस फिर क्या था देखते ही देखते देश में वोटो की चोरी वाला मुद्दा गरमा गया।
और जगह-जगह वोट चोरी के मुद्दे को लेकर तमाम विपक्षी दल एवं हाल ही में जंतर मंतर पर लगभग 25 दिन चले नीट पेपर लिखकर मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी के संरक्षण में चला आंदोलन सफल रहा।
तो वहीं दूसरी और इंडियन एक्सप्रेस के खुलासे के बाद तमाम विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया और निश्चित तौर पर राहुल गांधी के लगाए जा रहे हैं आरोपों पर कई हद तक वोट चोरी की मोहर वाली बात पर क्लीन चिट का काम किया।
वर्तमान में देश की राजधानी दिल्ली में लगातार वोट चोरी के मुद्दे को लेकर मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा एवं उन पर राजद्रोह का मुकदमा चलाए जाने को लेकर वृहद स्तर पर आंदोलन जारी है।
देश के विपक्षी दलों के सर्वोच्च नेता राहुल गांधी निश्चित तौर पर इस विरोध प्रदर्शन में जिस प्रकार का उन्होंने सड़कों पर उतर कर जज्बा दिखाया है उससे कहीं ना कहीं भारतीय राजनीति में आने वाले समय पर राहुल गांधी की राजनीति को एक अलग दिशा और गति दे दी है।
वही इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि सिर्फ कांग्रेस के कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि आम जनता भी कई हद तक लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ खड़ी सी नजर आती है।
कश्मीर , उत्तराखंड , बैंगलोर , दिल्ली समेत अन्य राज्यों में भी जारी आंदोलन
वही वोट चोरी के मुद्दे को लेकर सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि देश के अन्य कई राज्य जैसे कश्मीर उत्तराखंड बेंगलुरु झारखंड बिहार समेत अन्य कई राज्यों में भी आंदोलन जारी है। जहां लोग लगातार वृहद स्तर पर आंदोलन कर रहे हैं।
राजघाट पहुंचा विपक्ष
बता दे की राजधानी दिल्ली में दो दिनों से लगातार आंदोलन जारी है जहां पर विपक्ष सड़कों पर उतरकर एक साथ पावर शो कर रहा है। वही आज 8 अक्टूबर 2026 को दोपहर में लोक सभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रणनीति बदलते हुए दिल्ली के राजघाट में लगभग 300 सांसदों के साथ आंदोलन का रुख राजघाट पर मोड़ दिया। जहां पर शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन किया गया।
राहुल गांधी का गंभीर आरोप
लेकिन मामले में बड़ा बदलाव तब आया जब राहुल गांधी का बड़ा बयान मीडिया के समक्ष आया जिस पर वह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , गृहमंत्री अमित शाह और संघ प्रमुख मोहन भागवत पर बेहद ही गंभीर और संगीन आरोप लगा दीए।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि हम 2 दिन से आंदोलन करने नहीं दिया जा रहा है। पहले दिन हमने इलेक्शन कमिशन में जाकर विरोध करना चाहा तो पुलिस ने हमें रोक लिया वहीं दूसरे दिन जंतर मंतर में प्रोटेक्ट करना चाह वहां भी पुलिस ने हमें रोका। असल में सच्चाई यह है कि नरेंद्र मोदी अमित शाह और मोहन भागवत ने अपराधिक षड्यंत्र कर हिंदुस्तान को हाईजैक किया है , तथा लोकतंत्र की हत्या की और यह गारंटी है कि यह चारों को सजा दिलाई जाएगी।
वहीं दूसरी और राहुल गांधी के बयान के बाद पूरे देश की सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है।
वही आरोंप प्रत्यारोपों के बीच बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि क्या आने वाले समय में सियासतदनो को कुर्सी भय है सता रहा है।?????
