शहडोल:आखिर क्यों नहीं हो रही प्रधान आरक्षक पर कार्यवाही , प्रधान आरक्षक के आतंक से त्रस्त कॉलोनीवासी
आखिर क्यों नहीं हो रही प्रधान आरक्षक पर कार्यवाही ,
प्रधान आरक्षक के आतंक से त्रस्त कॉलोनीवासी
शहडोल (संजय गर्ग) । मामला नगर के कुदरी रोड में स्थित कमल बाबू कॉलोनी का है जहां पर विगत 10 अक्टूबर को कॉलोनीवासियों के द्वारा
सिंहपुर थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक लवकेश शुक्ला , पिता नरेंद्र शुक्ला व भाई अभिनय शुक्ला के विरुद्ध पुलिस अधीक्षक को शिकायत कर बताया गया कि किस प्रकार प्रधान आरक्षक अपनी वर्दी का रौब दिखाते हुए कॉलोनी वासियों के साथ गाली गलौज करते हुए , कॉलोनी के निवासी आशीष पांडे को जान से मारने की धमकी दे रहें हैं।
आए दिन गाली गलौज कि माहौल से कॉलोनी वासी त्रस्त हो गए। एवं कॉलोनी वासियों द्वारा पुलिस अधीक्षक समेत कलेक्टर एवं एडीजीपी से मामले की शिकायत कर दी ।
साथी आशीष पांडे ने अपनी जान माल की रक्षा हेतु शिकायत कर बताया कि प्रधान आरक्षक लवकेश शुक्ला एवं उसके पिता व भाई सभी बड़े रुतबे वाले हैं जिसके चलते उन्होंने पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी है पीड़ित ने कहा कि यदि उसके साथ एवं उसके परिवार के साथ यदि कोई भी अप्रिय घटना घटित होती है तो उसके जिम्मेदार प्रधान आरक्षक होगा।
आपको बता दें कि अब तक इस पूरे मामले में कोई भी प्रभावी कार्यवाही देखने को नहीं मिली है।
जिसके चलते कॉलोनीवासियो समेत प्रार्थी आशीष पांडे एवं उसका पूरा परिवार भयभीत है।
प्रार्थी द्वारा बताया गया कि एडीजीपी शहडोल जोन दिनेश चंद्र सागर ने पूरे मामले की वीडियो क्लिपिंग पेन ड्राइव समेत एसपी ऑफिस में जमा करने की बात कही थी।
किंतु इसके बावजूद भी अब तक प्रधान आरक्षक के ऊपर कोई भी प्रभावित कार्यवाही देखने को नहीं मिल रही है जिसके चलते कल 16 अक्टूबर को कॉलोनी वासी समेत प्रार्थी आशीष पांडे इस मामले की पूरी शिकायत प्रधानमंत्री को करेंगे, साथ ही उचित कार्यवाही की मांग भी की जाएगी।
इस पूरे प्रकरण में सवाल यह उठता है कि क्या प्रधान आरक्षक स्थानीय प्रशासन से बड़ा है जिसके चलते अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और एक सामान्य सी कार्यवाही के लिए प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा जा रहा है।
जो कि कहीं ना कहीं पुलिस प्रशासन की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
यदि इस प्रकार के कृत्य कर रहे वर्दी की छवि को धूमिल कर रहे प्रधान आरक्षक पर स्थानीय प्रशासन अपने स्तर पर क्या कोई कार्यवाही नहीं कर सकता ।
जिसके चलते अब न्याय की मांग करने के लिए कॉलोनी वासियों को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देना पड़ रहा है यह तो वही बात हो गई , सैयां भए कोतवाल तो डर काहे का
