शहडोल : असत्य के अंधकार पर सत्य के प्रकाश की विजय का प्रतीक है विजयदशमी , नगर के पॉलिटेक्निक ग्राउंड में विराट दशहरा उत्सव समिति द्वारा किया जाएगा रावण दहन
असत्य के अंधकार पर सत्य के प्रकाश की विजय का प्रतीक है विजयदशमी ,
नगर के पॉलिटेक्निक ग्राउंड में विराट दशहरा उत्सव समिति द्वारा किया जाएगा रावण दहन
शहडोल (संजय गर्ग)। विजयदशमी का त्यौहार भारत के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान श्री रामचंद्र के द्वारा अहंकारी रावण का वध कर समस्त संसार को उसके आतंक से भय मुक्त कराया था।
तो वहीं दूसरी ओर देवताओं को हराकर स्वर्ग पर आधिपत्य जमाने वाले महिषासुर का वध मां दुर्गा के द्वारा 10 दिन के भीषण युद्ध के बाद किया गया था इसलिए इसे विजयदशमी के नाम से जाना जाता है।
मुख्य रूप से यह त्यौहार अश्विनी मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मानते हैं।
इस सत्य के ऊपर सत्य की विजय के रूप में देखा जाता है।
इस दिन लोग नए कार्य प्रारंभ करते हैं तथा शस्त्रों की पूजा इस दिन की जाती है जगह-जगह मेले का आयोजन होता है साथ ही रामलीला का समापन भी होता है। भारत के विभिन्न प्रांतो में लोक रावण का विशाल काय पुतला बनाकर उसे दहन करते हैं।
समस्त भारतवर्ष में यह पर विभिन्न प्रकार से मनाया जाता है। जैसे दशहरे के नाम से भी जाना जाता है दशहरे शब्द हिंदी के दो शब्दों दस और हारा से मिलकर बना हुआ है।
इसी कड़ी में आज जिला मुख्यालय के पॉलिटेक्निक ग्राउंड में विराट दशहरा उत्सव समिति के द्वारा भव्यता के साथ रामलीला व रावण दहन के कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा ।
उक्त कार्यक्रम को लेकर लगभग सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं।
