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शहडोल/ जयसिंहनगर। छोट भैय्या नेताओं की ओछी राजनीति स्थानीय प्रशासन को गुमराह करने का चल रहा प्रयास , सत्ता का डर दिखा कर अधिकारी पर बना रहे जी हजूरी का दबाव

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छोट भैय्या नेताओं की ओछी राजनीति स्थानीय प्रशासन को गुमराह करने का चल रहा प्रयास ,

सत्ता का डर दिखा कर अधिकारी पर बना रहे जी हजूरी का दबाव

शहडोल / जयसिंहनगर (संजय गर्ग)। अपुष्ट सूत्रों के हवाले से कुछ ऐसी मिली जानकारी तो ताली एक हाथ से नहीं बजती है। यह कहावत तो कहीं ना कहीं हमने और आपने सुनी ही होगी।
किसी भी विषय की यदि तह जाना है तो उसे विषय पर केंद्रित हर बिंदुओं का मूल्यांकन उच्च स्तर तक करना आवश्यक है साथ ही उसके दोनों पक्षों को जानना व समझना जरूरी है।
फिर चाहे मुद्दा भ्रष्टाचार का हो या फिर अन्य कोई
सत्ता दल का दबदबा क्या होता है यह समय-समय पर क्षेत्र प्रदेश जिले या देश के नेता दिखाते रहते हैं।
जैसे देखने पर ऐसा लगता है कि फलाने नेता के द्वारा उठाया गया मुद्दा ही ठोस मुद्दा है बाकी सब पानी है।
इसे इस तरीके से भी समझने का प्रयास करें की जब कोई छोटा बच्चा पैसे लेकर दुकान जाता है और वह दुकानदार से कुछ ऐसी चीज की मांग करें। जो उसे दुकानदार के पास ना हो या फिर दुकानदार यह समझे कि इस बच्चे की मांगी गई सामग्री या मनपसंद चीज सही नहीं है।
तो वह उसे समान ना होकर कहकर टाल देता है।
यह एक उदाहरण मात्र है जिससे हम विषय को समझने का प्रयास करेंगे।
बात यह है कि जिस तरह किसी भी कार्य का मूल्यांकन किए बिना उसे सही ठहरा देना सही नहीं कहलाता है ठीक उसी प्रकार यदि कोई अधिकारी किसी के आधे – अधूरे कार्य को यह जानते हुए भी कि वह गलत है उसे सही ठहरा दे तो वह भ्रष्टाचारी बन जाता है।
मन की न करने पर या फिर कुछ नेताओं की जी हुजूरी स्वीकार न करने पर सत्ता दल का दावा बनाकर गुट इकट्ठा कर स्थानीय प्रशासन को गुमराह करने लोग पहुंच जाते हैं ऐसा ही कुछ आज जिला मुख्यालय में हुआ जहां पर एकत्रित होकर कुछ नेताओं द्वारा खुद का मनचाहा काम पूरा न होने के कारण अधिकारी को भ्रष्टाचार के चक्रव्यूह में घेरने का प्रयास किया जा रहा है।
साथ ही जिला मुख्यालय में आसीन स्थानीय प्रशासन को दिग भ्रमित किया जा रहा है।
यह भी है स्पष्ट कर दें कि दोनों विषय जांच के दायरे में है हम यह नहीं कहते की जांच नहीं होनी चाहिए लेकिन दोनों पक्षों के विषय को समझ कर यदि कोई कार्य किया जाए तो निष्पक्ष ही उसमें स्पष्टता झलकती।
बाकी आप समझदार है।

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