शहडोल: पेपर हुआ निरस्त पर किसको बचाने का कर रहे प्रयास जिला शिक्षा अधिकारी , कौन है?? लेनदेन का प्रभारी: सूत्र
पेपर हुआ निरस्त पर किसको बचाने का कर रहे प्रयास जिला शिक्षा अधिकारी ,
कौन है?? लेनदेन का प्रभारी: सूत्र
शहडोल (संजय गर्ग) । जिले का सबसे बहुचर्चित विभाग जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय समय-समय पर विभिन्न विषयों से खुद को सुसज्जित कर चर्चा का विषय बना रहता है।
आज फिर एक बार चर्चा का विषय बन गया जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय।

जहां पर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा त्रैमासिक परीक्षा सत्र 2024-25 में कक्षा दसवीं के अंग्रेजी विषय की प्रश्न पत्र शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रघुराज क्रमांक 2 में बना जिसे सोहागपुर विकासखंड अंतर्गत आने वाले समस्त शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी विद्यालय में प्राचार्यों को वितरित करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन उक्त विषय का प्रश्न पत्र निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर आया हुआ था ।

जिस पर 21 सितंबर 2024 को जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा कार्यालय से जांच हेतु जांच समिति का गठन किया गया जहां समिति में जेपी गुप्ता सहायक संचालक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के साथ संजय पांडे प्राचार्य शासकीय स्कूल कोटमा विकासखंड सोहागपुर एवं उमेश कुमार श्रीवास्तव शासकीय एमएलबी के प्राचार्य जांच दल में सम्मिलित किए गए।
जिस पर टीम द्वारा जांच कर कक्षा दसवीं की त्रैमासिक परीक्षा का अंग्रेजी विषय का पेपर की जांच हुई
जिसका जांच प्रतिवेदन बनाकर संबंधित जांच दल के अधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी को जांच प्रतिवेदन सौंप दिया।
यहां तक तो पूरी कहानी स्पष्ट है।
जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत होने के बाद प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा संबंधित जन पर जिसके द्वारा कक्षा दसवीं का अंग्रेजी विषय का पेपर बनाया गया था उसके ऊपर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई हालांकि उक्त पेपर को निरस्त कर दिया गया एवं 30 सितंबर 2024 कि तिथि निर्धारित कर अंग्रेजी विषय का पेपर दोबारा कराया जाएगा।
पढ़ने में वह देखने में ऐसा लगता है कि मामला पानी की तरह साफ है किंतु वह कहते हैं ना की कभी-कभी जो चीज जैसी दिखती है वैसी होती नहीं।
क्यों संदिग्धता के दायरे में प्रभारी शिक्षा अधिकारी
इस पूरे मामले में जिला शिक्षा अधिकारी के ऊपर संदिग्धता की सुई लटक रही है क्योंकि अब तक प्रश्न पत्र बनाने वाले संबंधित जन के विरुद्ध जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत हो सकता है परंतु शिक्षा अधिकारी के द्वारा कोई कार्यवाही अब तक नहीं की गई है।
जो कि कई सवालों को जन्म देती है।
अपुष्ट सूत्रो की माने तो प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी इस पूरे मामले में लेन – देन प्रभारी की भूमिका निभाते हुए नजर आ रहे हैं। जिसके चलते यही कारण है कि अब तक गलत प्रश्न पत्र बनाने वाले संबंधित जन के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
लंबे अरसे से साहब के जमे कार्यालय में पांव
बता दें कि लंबे अरसे से प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी फूल सिंह मारपाची जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय शहडोल में प्रभार में है।
जिनका मूल पद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक बुड़वा प्राचार्य का है।
लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि मूल पद जहां का है जहां से साहब की वेतन निकलती है। वहां पर उन्हें स्थाई क्यों नहीं किया जा रहा है क्यों उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार देकर उनका बोझ बढ़ा दिया गया है।
हालांकि यह विषय थोड़ा अलग है जिस पर विस्तार पूर्वक किसी और दिन चर्चा की जाएगी।
लेकिन अब ऐसा लगता है कि साहब का बोझ हल्का कर देना चाहिए।
फिलहाल यह पूरा विषय जलेबी की तरह सीधा है।
जांच दल का स्पष्टीकरण
1. हमारे द्वारा जांच कर जांच प्रतिवेदन दे दिया गया है जिला शिक्षा अधिकारी को उसमें कार्यवाही करना है।
पेपर निरस्त कर दिया गया है और नई डेट जारी कर दी गई है पेपर लेने की।
जेपी गुप्ता (सहायक संचालक) जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय शहडोल ।
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2. जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा लगातार फोन लगाने के बावजूद भी उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया।
पी एस मारपाची प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी शहडोल।
