S.K. Paswan
ब्रेकिंग न्यूज़
जैतपुर / बुढार : कुंभकर्णी निद्रा में स्वास्थ अमला , बड़ी दुर्घटना के इंतजार में जिम्मेदार ,क्षेत्र ... शहडोल : पुलिस बल को जनता से बेहतर संवाद स्थापित कर संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के पुलिस अधीक्षक ने... शहडोल : राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से अलंकृत अरुण मिश्र हुए सेवानिवृत्ति , समारोह में विभागीय अधिकारी ए... शहडोल / जैतपुर : एकलव्य आवासीय विद्यालय में आयोजित हुआ नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम उमरिया : अतिथि शिक्षक की भर्ती को लेकर शाहपुर हायर सेकेण्डरी में बवाल , नियम अनुसार समय पर भर्ती न क... शहडोल : मां काली मंदिर सिंहपुर बना लोक न्यास, सर्वसम्मति से गठित हुई पहली कार्यसमिति ,एसडीएम लोक न्य... शहडोल : शिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार एमएलबी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मनाया गया गुरू पूर्... शहडोल / गोहपारू : जनपद सीईओ का दवा नहीं हुआ भ्रष्टाचार स्थानांतरण के बाद भी जम गया जुगाड़ , रोड के स... जैतपुर / शहडोल : तो क्या पुरन कि गुंडागर्दी पर कानून के रखवालो का है नरम रुख , पुलिस अधीक्षक से शिका... शहडोल: शहडोल का जेन जी कल होगा सड़को पर ....... छात्र हित के समर्थन पर   युवाओं का हल्ला बोल, अत्यधि...

शहडोल/ जयसिंहनगर : तिकड़ी के सहारे कब्जे सारे , जिम्मेदारों की मनमर्जी के आगे शिथिल पड़ी अतिक्रमण कि कार्यवाही वन और राजस्व दोनों के इर्द-गिर्द घूमता दोहरे कब्जे का खेल

0 465

तिकड़ी के सहारे कब्जे सारे , जिम्मेदारों की मनमर्जी के आगे शिथिल पड़ी अतिक्रमण कि कार्यवाही वन और राजस्व दोनों के इर्द-गिर्द घूमता दोहरे कब्जे का खेल

शहडोल (संजय गर्ग)मैं चाहे ये करूं मैं चाहे वो करूं मेरी मर्जी ….. शायद इस गीत को असल जिंदगी में उतार चुके हैं। जयसिंहनगर राजस्व और वन विभाग के ज़िम्मेदार जिसका खामियाजा शासन को करोड़ों की भूमि पर चल रहे कब्जे की खेल से चुकाना होगा। जहां एक तरफ शासन की करोड़ों की राजस्व की भूमि अतिक्रमणकर्ता विजय गुप्ता पिता वीरेंद्र गुप्ता निवासी ग्राम करकी समेत अन्य कब्जाधारी हजम कर गए हैं। वह इसलिए क्योंकि जयसिंहनगर राजस्व तहसीलदार धृतराष्ट्र बनी बैठी है। और वर्तमान पटवारी शुभम राउत इस पूरे प्रकरण में महाभारत के संजय का रोल निभा रहे हैं। जो कि गांधी जी के दिव्य दृष्टि से अतिक्रमणकर्ताओं के लिए वरदान सा साबित हो रहा है।

ज्ञात हो कि बीते कुछ दिनों से लगातार जयसिंहनगर विकासखंड के ग्राम पंचायत करकी अंतर्गत प्राथमिक शाला करकी में मध्य प्रदेश शासन की लगभग 50 से 52 डिसमिल खसरा नंबर 1539/1/1 भूमि के अंश भाग पर विजय गुप्ता पिता वीरेंद्र गुप्ता समेत अन्य कब्जाधारियों ने अतिक्रमण किया हुआ है। इसकी शिकायत लगातार ग्राम पंचायत से लेकर जयसिंहनगर राजस्व के जिम्मेदारों को की जा चुकी है। इतना ही नहीं लगातार खबर प्रकाशन किया जा रहा है। बावजूद इसके 10 दिन कार्यवाही के इंतजार में बीत गए लेकिन जिम्मेदार अपनी मनमर्जी से बाज नहीं आ रहे हैं। और कार्रवाई शिथिल पड़ी हुई है।

जो कि कहीं ना कहीं कब्जा धारी और विभागीय जुगलबंदी की ओर इशारा करती है।

इधर पटवारी तो उधर रेंजर की भूमिका संदेहास्पद….. सूत्रः

धनबल के प्रभाव से विजय गुप्ता पिता वीरेंद्र गुप्ता का दोहरे कब्जे का खेल लगातार निरंतर जारी है। एक और जहां स्कूल की भूमि पर अवैध मकान का निर्माण कथित कब्जाधारियों ने किया है तो वहीं दूसरी ओर करकी और सेमरा के बीच रीवा शहडोल रोड छूदा बीट में वन मुनारे को ध्वस्त कर एक और मकान का निर्माण किया जा रहा है। जिसका जिक्र हमने पिछले अंक में किया था।

यहां फस गए वन रेंजर साहब

वन मुनारे को ध्वस्त कर विजय गुप्ता पिता वीरेंद्र गुप्ता ने निर्माण कार्य किया है। ऐसी जानकारी हमें सूत्रों से प्राप्त हुई थी। जिसकी पुष्टि हेतु सेमरा रेंज अंतर्गत जब हमने रेंजर दिनेश पटेल से संपर्क किया तो। उनसे निर्माण संबंधित जानकारी मांगी गई थी।

जिस पर उन्होंने मुनारे के जगह बदलने का जिक्र किया। और यह कहा कि हां यह एक बार ऐसा मामला आया था। अर्थात इसकी जानकारी रेंजर को पूर्व से थी। इतना ही नहीं छूदा बीट गार्ड अमित नापित से बात करने पर उन्होंने बताया कि मामला पुराना है पहले मुनारे को ध्वस्त किया गया था। और फिर उसे बनवाया गया। लेकिन उसे वक्त बीट गार्ड की ड्यूटी उमरिया में लगी हुई थी। मतलब रेंजर और बीट गार्ड दोनों को मामले की जानकारी है। और मुनारे ध्वस्त करने की बात सही है। तो फिर जांच के उपरांत दोषियों पर जुर्माना लगाकर वन अधिनियम के तहत कार्यवाही करने के बजाय मामले को ठंडा बस्ते में क्यों डाल दिया गया।???इस पूरे मामले में बीट गार्ड और रेंजर दोनों ही गांधी जी के फेरे में दिखाई देते हैं?????

 भूमि सीमांकन से पटवारी को परहेज, क्यों पर्दे में जांच प्रतिवेदन

शासन और राजस्व को करोड़ों का नुकसान पहुंचया जा रहा है। लेकिन पटवारी की। करगुजारियों का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। लगातार खबर प्रशासन के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम एसडीएम काजोल सिंह के निर्देशन में गठित की गई है। जिस पर तहसीलदार को निर्देशित करते हुए। पटवारी को मौका पंचनामा कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की बात कही गई। लेकिन अब तक जांच प्रतिवेदन को मीडिया के समक्ष सार्वजनिक नहीं किया गया जो कि भ्रष्टाचार से संबंधित कई सवालों को जन्म दे रहा है।??? ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि सरपंच के कथन अनुसार 2 साल पूर्व सीमांकन के लिए जयसिंहनगर राजस्व में आवेदन ग्राम पंचायत स्तर से किया गया लेकिन करोड़ों की शासकीय भूमि का सीमांकन आज तक ना पूर्व और नहीं वर्तमान पटवारी शुभम रावत के द्वारा किया गया। मामले का यह पहलू साफ तौर पर इस ओर इशारा करता है कि कहीं ना कहीं दाल में तो कुछ काला है। या फिर पूरी दाल काली है।??

पेसा कानून का दुरुपयोग कर अपनों को बचाने की होड़

अवैध कब्जे के इस पूरे खेल में जहां अपनों के लिए पेसा कानून का दुरुपयोग कर अपनों को बचाने की कोशिश की जा रही है। जबकि उसी अंश भाग में आयुर्वेदिक औषधालय के लिए आवंटित भूमि पर पंचायत के नोटिस के बाद बृजेश गुप्ता के अवैध कब्जे को हटाया गया था। तो फिर सवाल यह है कि नियम सबके लिए सामान्य क्यों नहीं। एक तरफ अपनों को बचाने के लिए इस कानून का दुरुपयोग और दूसरों के लिए कार्यवाही का प्रयोग????

 

पंचायत सरपंच का यह कहना 

शासकीय संस्थाओं के लिए आवंटित शासकीय भूमि पर अतिक्रमण से संबंधित नोटिस हमने जारी की हैं। कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा है। भूमि के सीमांकन के लिए कई बार हमने जयसिंहनगर राजस्व में आवेदन दिया लेकिन आज दिनांक तक जमीन का सीमांकन पटवारी द्वारा नहीं किया गया।

मालती सिंह सरपंच करकी जनपद जयसिंहनगर जिला शहडोल

 

प्रशासनिक प्रतिक्रिया

अभी एस आई आर का काम चल रहा है। आपने मुझे जो नोटिस भेजी थी। वह ग्राम पंचायत से जारी हुई है आप उनसे बात करिए। 

 सुषमा धुर्वे (तहसीलदार) जयसिंहनगर राजस्व जिला शहडोल।

इस संबंध में जब पटवारी से बात करनी चाहिए तो 17 नवंबर 2025 को दोपहर 12:38pm पर लगातार फोन करने के बावजूद भी उनके द्वारा फोन नहीं किया गया।

शुभम रावत (पटवारी) जयसिंहनगर जिला शहडोल

 

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.