शहडोल: एएनएम की विवादित कार्य प्रणाली , से त्रस्त ग्रामीण जनों ने कि शिकायत कलावती को अन्य जगह स्थानांतरित करने की मांग , मिठौरी उप स्वास्थ्य केंद्र का मामला
एएनएम की विवादित कार्य प्रणाली , से त्रस्त ग्रामीण जनों ने कि शिकायत कलावती को अन्य जगह स्थानांतरित करने की मांग ,
मिठौरी उप स्वास्थ्य केंद्र का मामला
शहडोल । मामला जिले के सोहागपुर ब्लॉक में स्थित ग्राम पंचायत मिठौरी के स्वास्थ्य केंद्र का है जहां पर पदस्थ एएनएम की कार्य प्रणाली को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। स्वास्थ्य संबंधित सेवाएं एवं स्वास्थ्य संबंधित योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को एएनएम के दुर्व्यवहार के चलते नहीं मिल पा रहा है। जिसको लेकर ग्राम मिठौरी के समस्त ग्रामीणजनों ने 21 नंबर 2025 को शहडोल कलेक्टर को मामले की शिकायत कर एएनएम के स्थानांतरण की मांग की है।
ग्रामीणों ने एएनएम के विरुद्ध जिला कलेक्टर से शिकायत करते हुए बताया गया कि उप स्वास्थ्य केंद्र मिठौरी में पदस्थ एएनएम डी. कलावती द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में निरंतर लापरवाही बरती जा रही है। उनके द्वारा समय पर उप स्वास्थ्य केंद्र न जाने कारण क्षेत्र की गर्भवती माताओं को प्रसव उपरांत समय से टीकाकरण नहीं मिल पा रहा है. जिससे सुरक्षा योजना के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ भी हितग्राहियों को प्राप्त नहीं हो पा रहा है। न ही उक्त एएनएम के द्वारा मुख्यालय में निवास न करते हुये अन्य स्थल लगभग 10 किमी दूर रहा जा रहा है।
अभद्र व्यवहार और धमकाने का आरोप
इसके अतिरिक्त ग्रामीण जनों ने यह आरोप लगाया है कि हितग्राहियों द्वारा किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य योजना की जानकारी पूछे जाने पर उक्त एएनएम द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है। कई हितग्राहियों ने यह भी बताया है कि पूछताछ करने पर एएनएम द्वारा धमकाते हुए कहा जाता है कि “मुझे परेशान करोगे तो जानते हो मेरा भाई दो मर्डर किया है।” इस प्रकार की भाषा का प्रयोग क्षेत्र में भय का वातावरण उत्पन्न कर रहा है।
उक्त एएनएम के द्वारा हितग्राहियों से आए दिन बहस, गाली-गलौच एवं अमयर्यादित व्यवहार किए जाने की शिकायते निरंतर प्राप्त हो रही हैं. जो स्वास्थ्य विभाग की गरिमा एवं सेवाओं के उद्देश्य के विपरीत है।
10 दिवस का अल्टीमेटम
वही इस पूरे मामले में ग्रामीण जनों ने 10 दिवस के अन्दर उक्त एएनएम को उप स्वास्थ्य केंद्र मिठौरी से अन्य स्थल पर स्थानांतरित करने की मांग की है । उनका कहना है कि यदि तो 10 दिन के भीतर ऐसा नहीं होता ऐसा नहीं होता है तो समस्त ग्रामीणजनो के द्वारा अनशन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी स्वस्थ विभाग एवं प्रशासन की होगी।
