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शहडोल: गलती एक की सजा सबको क्यों??? , जानिए कैसे व क्यों रुका हुआ है 57 संकुल प्राचार्यो का वेतन , मामला जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का

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गलती एक की सजा सबको क्यों???,

जानिए कैसे व क्यों रुका हुआ है 57 संकुल प्राचार्यो का वेतन,

मामला जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का ।

शहडोल (संजय गर्ग) ।  फूल सिंह मारपाची को छाया डीईओ पद का सुरूर, नियमो को ताक में रखकर है मस्ती में चूर ,जिले में एक और मामला सामने आया है जिसमें डीईओ मारपाची ने शहडोल जिले के57 संकुल प्राचार्यो का माह जनवरी 24 का वेतन कलेक्टर शहडोल गुमराह करते हुए ,कलेक्टर से हस्ताक्षर करवा कर वेतन रोकवा दिया, जबकि जनजातीय विभाग में कार्यरत से संकुल प्राचार्यो के वेतन रोकने का प्रस्ताव सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य शहडोल की ओर से प्रस्तुत होना चाहिए था, परंतु डीईओ के पद पर मदमस्त मारपाची को नियमों को ताक में रखकर ,अधिकारियों को भ्रमित कर कार्य करने के आदी है,लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग दिनाँक 19 जनवरी 2024को दिये गए निर्देश में एमपी टास पोर्टल पर छात्रवृत्ति पंजीकरण, प्रोफ़ाइल अपडेशन, संस्था प्रमुख से कराने तत्पश्चात संकुल प्राचार्यो से वेरिफिकेशन एवं सेंगसन के कार्य मे गति प्रदान करने के निर्देश वीसी में दिए गए थे।

साहब तो साहब है कुछ भी कर सकते हैं
किन्तु मारपाची ने अपने कार्यकाल के कुछ दलाल कर्मचारियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीक़े से माह जनवरी24 का संकुल प्राचार्यो का वेतन रोकवा कर पुण्य लाभ ले लिया। इसके बाद सवाल उठता है कि दायित्व तो वरिष्ठ अधिकारियों का भी उतना ही बनता है
तो क्या वह भी अपना वेतन आहरित नहीं करेंगे।

अपनी गलती दूसरों पर मढ़ते साहब

वास्तव में एम टास पोर्टल में छात्रवृत्ति भुगतान की बात की जाए तो सबसे पहले संबंधित संस्थाप्रमुख रेजिस्ट्रेशन, प्रोफ़ाइल अपडेशन करायेगे, इसके बाद संकुल प्राचार्य सत्यापन कर छात्रवृत्ति स्वीकृति करेगे, परन्तु सवाल यह उठता है कि बहुत ऐसे छात्र है जिनके आधार कार्ड गलत हैं, किसी की समग्र आई डी गलत है,किसी का इ- केवईसी, नही हुआ है, किसी का डीबीटी नही हुआ है ऐसी स्थिति में एमपीटास पोर्टल में आवेदन कैसे हो सकता है प्रश्न यह उठता है ???* की क्या उक्त कार्य संकुल प्राचार्य घर- घर जाकर करायेगे,
यदि संकुल प्राचार्य इसके लिए उत्तरदायी है तो कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत, (डी ई ओ) इसकी भी क्या जिम्मेदारी लेंगे ।
, वर्तमान में तो आधार कार्ड भी उपडेट नही हो रहे है,इसके लिए (डी. ई.ओ.)साहेब क्या करेंगे,और किसका वेतन रोकवायेंगे, सिर्फ वेतन रोकना इसका हल नही है कार्य को सरलता पूर्वक अमली जामा पहनाना है।
ना कि वेतन रोकना।
कितना सही वक्त कितना गलत है। यह तो जांच के बाद ही सामने आएगा

इनका कहना
इस संबंध में जब कलेक्टर शहडोल वंदना वैध से संपर्क किया गया तो उनका फोन नहीं लगा।

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