शहडोल : शहडोल संसदीय क्षेत्र का नामांकन दाखिल कार्यक्रम संपन्न दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों ने दिखाई दम – खम , नामांकन रैली में कार्यकर्ताओं का उमड़ा सैलाब
शहडोल संसदीय क्षेत्र का नामांकन दाखिल कार्यक्रम संपन्न दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों ने दिखाई दम – खम ,
नामांकन रैली में कार्यकर्ताओं का उमड़ा सैलाब
शहडोल (संजय गर्ग) । लोकसभा चुनाव नजदीक है जिसके चलते सभी राजनीतिक दल अपने अपने हिसाब से चुनावी तैयारी में जुटे हुए इसी कड़ी में गत दिवस शहडोल संसदीय क्षेत्र का नामांकन दाखिल कार्यक्रम संपन्न हुआ जहां पर दोनों ही राष्ट्रीय दल भाजपा व कांग्रेस के चयनित उम्मीदवार हिमाद्री सिंह व कांग्रेस से पुष्पराजगढ़ विधानसभा सीट से विधायक फुंदेलाल मार्को ने नामांकन दाखिल कर दिया।
दोनों ही भाजपा व कांग्रेस के नामांकन रैली में कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ा।
जहां एक तरफ भारतीय जनता पार्टी से शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह की नामांकन रैली में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने शिरकत की तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस विधायक फुंदेलाल मार्को के नामांकन रैली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी व नेता प्रतिपक्ष उमर सिंघार ने अपनी सहभागिता निभाते हुए अपने-अपने प्रत्याशियों को नामांकन दाखिल करवाया।
दोनों ही पार्टियों पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में है और दोनों ही प्रत्याशीयों का अपना ही एक रिपोर्ट कार्ड है।
जिसे ऐसा समझा जाए की एक तरफ भारतीय जनता पार्टी से सांसद हिमाद्री सिंह जिन्हें पिछले पंचवर्षीय भारी मतों से विजय हुई। और जनता का सहयोग प्राप्त करते हुए 5 वर्षों तक अपना संसदीय कार्यकाल पूरा किया।
तो दूसरी और अगर हम बात करें कांग्रेस प्रत्याशी फुंदेलाल मार्को की तो लगातार विपरीत परिस्थितियों में पार्टी के लिए संकट मोचन बनकर उभरे फुंदेलाल मार्को 2018 व 2023 विधानसभा चुनाव में अनूपपुर के पुष्पराजगढ़ विधानसभा से पार्टी के लिए चुनाव जीतकर पार्टी का परचम लहराया जहां पर 2023 विधानसभा चुनाव के नतीजा जो बिल्कुल ही कांग्रेस पार्टी के पक्ष पर नहीं थे संभाग की 8 सीटों में से सात पर जहां भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत हासिल कि वही इकलौती पुष्पराजगढ़ विधानसभा सीट कांग्रेस के लिए फुंदेलाल मार्को ने रिजर्व कर रखी है।
गौर करने वाली बात तो यह है कि दोनों ही प्रत्याशियों का गृह ग्राम पुष्पराजगढ़ ही है।
ऐसे में दोनों ही प्रत्याशियों पर पार्टी ने सोच समझ कर दाव खेला है।
दोनों के बीच कड़ी टक्कर किया आशंका भी जताई जा रही है।
अब देखना यह होगा कि किसका होगा राजतिलक शहडोल संसदीय क्षेत्र के विकास कार्यों का कौन उठायेगा बेड़ा।
