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शहडोल: सवालों के घेरे में उपायुक्त संभाग उषा अजय सिंह की कार्यप्रणाली???प्रशासन के समक्ष खुल रहा है ससुर – दामाद का कच्चा चिट्ठा ,मामला कन्या शिक्षा परिसर पाली व कंचनपुर का

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सवालों के घेरे में उपायुक्त संभाग उषा अजय सिंह की कार्यप्रणाली???

प्रशासन के समक्ष खुल रहा है ससुर – दामाद का कच्चा चिट्ठा ,

मामला कन्या शिक्षा परिसर पाली व कंचनपुर का 

शहडोल / उमरिया (संजय गर्ग)। लगातार विवादों का केंद्र बना हुआ है संभागीय उपायुक्त कार्यालय शहडोल जहां पर नियम विरुद्ध तरीके से सुदर्शन प्रसाद तिवारी व सीताराम मिश्रा दोनों ही पूरे संभाग में इकलौते शिक्षक हैं जिन्हें विशिष्ट संस्था का प्रभार दिया गया है दरअसल सुदर्शन प्रसाद तिवारी जो की मानपुर कन्या शिक्षा परिसर में पदस्थ थे जिन्हें मानपुर से उठाकर संभागीय उपायुक्त कार्यालय की अधिकारी उषा अजय सिंह ने न जाने किस वजह से पाली कन्या शिक्षा परिसर में प्रभारी प्राचार्य का पद सौप दिया गया है वहीं दूसरी ओर एक करोड़ तीन लाख के वित्तीय अनियमिताओं से घिरे हुए विवादों का गढ़ बने हुए माध्यमिक शिक्षक सीताराम मिश्रा को कन्या शिक्षा परिसर कंचनपुर का प्रभार सौंपा गया है जो कि हमने आपको इसके पूर्व बताया था।
लगातार नियमों का उल्लंघन करते हुए संभागीय उपायुक्त उषा अजय सिंह मन – मौजी रवैया अपने हुए हैं इसके पूर्व भी इनके ऊपर कई अपने चहेतो पर कृपा बरसाते हुए देखा गया है।
किंतु बड़ा सवाल यह है कि क्या कोई अधिकारी शासकीय कार्यालय को अपनी जागीर समझकर मनमर्जी तरीके से नियमों की अनदेखी कर अपने चहेतो को लाभ पहुंचता है तो क्या उसे पर कार्रवाई होनी चाहिए या नहीं।
उषा अजय सिंह की कार्य प्रणाली पूर्णता विवादों के घेरे में है हमेशा अपने चहेतो को सीधा लाभ पहुंचाना मैडम की फितरत है तभी तो कन्या शिक्षा परिसर कंचनपुर जैसे विशिष्ट संस्थान का प्रभार ना तो प्रथम श्रेणी प्राचार्य को दिया गया ना ही किसी वरिष्ठ व्याख्याता को दिया गया ना ही उच्च माध्यमिक शिक्षक को दिया गया एक माध्यमिक शिक्षक जो की उसे पद के लिए अपात्र हैं। उसे सीधे तौर पर पात्र दर्शाते हुए प्रभार कैसे दे दिया गया।
यह उच्च स्तरीय जांच का विषय है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
आपके पास जो भी तथ्य मौजूद हैं उसे मेरे नंबर पर व्हाट्सएप कर दीजिए मैं पूरे मामले की जांच करवाऊंगा।
तरुण भटनागर (कलेक्टर) जिला शहडोल

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