S.K. Paswan
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शहडोल: बोले कमिश्नर मामले कि जांच कर करेंगे कार्यवाही ,दो-दो शिक्षा सत्र बीत जाने के बावजूद भी आखिर क्यों 300 छात्रों को नहीं मिला छात्रवृत्ति का लाभ ,शासन के मंसूबों पर पानी फेरता सीएम राइज का प्राचार्य

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बोले कमिश्नर मामले कि जांच कर करेंगे कार्यवाही ,

दो-दो शिक्षा सत्र बीत जाने के बावजूद भी आखिर क्यों 300 छात्रों को नहीं मिला छात्रवृत्ति का लाभ ,

शासन के मंसूबों पर पानी फेरता सीएम राइज का प्राचार्य 

शहडोल / जयसिंहनगर।( संजय गर्ग) । लगातार मध्य प्रदेश शासन द्वारा नई शिक्षा नीति एवं आदिवासी अंचल के उत्थान हेतु लगातार शिक्षा संबंधित क्षेत्र में आदिवासियों को आगे बढ़ाने के लिए नित्य नए प्रयास प्रशासन एवं शासन द्वारा किए जा रहे हैं।
कई जगह यह प्रयास सफल विश्व होते नजर आ रहे हैं ।
किंतु विश्व की पांचवी अनुसूचित जनजाति वाला शहडोल जिला अभी भी शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे प्रयासों से उत्थान की ओर बढ़ता नजर नहीं आ रहा है।
शासन की सीएम राइज जैसी महत्वाकांक्षी योजना में जिले के जयसिंहनगर क्षेत्र में स्थित सीएम राइज विद्यालय में पदस्थ प्राचार्य डीपी कोकिला की लचर व्यवस्था एवं उदासीन रवैया के चलते कई छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
जयसिंहनगर सीएम राइज विद्यालय में आलम कुछ इस प्रकार बना हुआ है कि जिससे लगभग 300 छात्रों का भविष्य मानो खतरे में नजर आ रहा है।
तभी तो दो शिक्षण सत्र बीत जाने के बावजूद भी लगभग 300 छात्र छात्रवृत्ति से वंचित रह गए। 


आपको बता दे कि इन छात्रों को वर्ष 2022 ,23 एवं 2023, 24 के दो शिक्षण सत्र बीत चुके हैं अब तक इन छात्रों को एम टॉस पर अब तक छात्रों का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ जिसे वह छात्रवृत्ति के लाभ से वंचित हो गए बता दे कि इन छात्रों को ना ही डीबीटी हुआ है और ना ही बैंक में ई – केवाईसी हुआ है ।
छात्रवृत्ति प्राप्त न होने से ज्यादातर आदिवासी अंचल के छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने में दिक्कत हो रही है।
छात्रवृत्ति से मिलने वाले पैसों से छात्र अपने लिए शिक्षा से संबंधित वस्तुएं नहीं ले पा रहे हैं। जिसकी वजह से सीएम राइज विद्यालय का प्रबंधन पूरी तरह अपने शैक्षणिक स्तर को संभालने में निष्क्रिय हो चुका है।। और यह सब परिणाम प्राचार्य डीपी कोकिला की कार्यशैली का परिणाम है।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि बड़े पैमाने में चल रहे आदिवासियों के उत्थान की इस प्रक्रिया में प्राचार्य की निष्क्रिय कार्यशैली रोड़ा बन रही है।
संभाग के शैक्षणिक स्तर को बढ़ाने के लिए हाल ही में उन्मेष प्रशिक्षण का कार्यक्रम  कमिश्नर द्वारा चलाया गया था।
जिससे शिक्षकों के प्रति व उनके कार्यशाली के प्रति संवेदनशील कमिश्नर ने सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदर्शित किया ।
ऐंसे में इस पूरे मामले को लेकर वह कब एक्शन मोड में आते हैं यह देखना बाकी है।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया
आपके माध्यम से पूरा मामला संज्ञान में आया है जांच करा कर न्याय संगत कार्यवाही की जाएगी।

बी .एस . जामोद कमिश्नर संभाग शहडोल।

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