शहडोल: मेडिकल कॉलेज में समस्याओं का अंबार , जानिए आखिर क्यों है डीन को नेत्र प्रशिक्षण की आवश्यकता , नगर वासियों के लिए सफेद हाथी साबित हो रहा मेडिकल कॉलेज
मेडिकल कॉलेज में समस्याओं का अंबार , जानिए आखिर क्यों है डीन को नेत्र प्रशिक्षण की आवश्यकता ,
नगर वासियों के लिए सफेद हाथी साबित हो रहा मेडिकल कॉलेज
शहडोल (संजय गर्ग) । मेडिकल कॉलेज के नए डीन को खुद नेत्र परीक्षण की आवश्यकता, जिन्हे पानी की किल्लत एवं गंदगी नजर नहीं आती यह वक्तव्य जिला काँग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष सुभाष गुप्ता का है। उनका कहना है कि, शहडोल मे स्थित मेडिकल कॉलेज मरीजों की समस्याओ का समाधान करने के बजाय खुद मरीजों के लिए एक समस्या बनता जा रहा है।
मूलभूत सुविधाओं का है अभव
मेडिकल कॉलेज के अंदर मरीज व उनके परिजनों को पीने के पानी की मूलभूत सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ता है, कई कई दिनों तक मेडिकल कॉलेज मे पीने के पानी की किल्लत रहती है एवं पानी के अभाव मे साफ सफाई न हो पाने के कारण गंदगी की दुर्गंध से परेशानी होती है। सड़क पर फैले कचरे में कुछ मेडिकल वेस्ट भी पड़ा रहता है, जिस कारण लोगों को बीमारियों का भी खतरा बना रहता है।बारिश में कचरा सड़ने से दूषित दुर्गंध उठ रही है। ऐसे में अस्पताल स्वयं ही बीमार नजर आ रहा है।
गुप्ता ने कहा कि सामान्य समस्या में भी मरीजों को रेफर किया जाता है,जिले वासियों के लिए शहडोल मेडिकल कॉलेज सिर्फ सफेद हाँथी साबित हो रहा है।
समिति मे किया स्थानीय लोगों को नजर अंदाज
मेडिकल कालेज की समिति मे स्थानीय लोगों को क्यों शामिल नहीं किया जाता, अगर स्थानीय लोग समिति के सदस्य होंगे तो वो स्थानीय समस्याओ को ज्यादा अच्छे तरीके से सामने रख सकेंगे।
कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
जिला काँग्रेस अध्यक्ष ने मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदारों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर व्याप्त समस्याओ का शीघ्र निराकरण नहीं किया जाता तो जिला काँग्रेस कमेटी उग्र आन्दोलन करने के लिए बाध्य होगी।
उक्त जानकारी जिला काँग्रेस कमेटी शहडोल के मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला ने प्रदान की।
