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शहडोल/ जयसिंहनगर : एसडीएम व तहसीलदार पर लग रहे आरोप आदेशों की अनदेखी कर क्या दिया जा रहा है अतिक्रमणकर्ताओ को संरक्षण??????? ,पानी टंकी के नाम पर कोर्ट से स्थगन भूमि पर चल रहा अतिक्रमण।

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एसडीएम व तहसीलदार पर लग रहे आरोप आदेशों की अनदेखी कर क्या दिया जा रहा है अतिक्रमणकर्ताओ को संरक्षण??????? ,

पानी टंकी के नाम पर कोर्ट से स्थगन भूमि पर चल रहा अतिक्रमण।

शहडोल / जयसिंहनगर (निशांतसंजय गर्ग)। मामला जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत छूदा का है जहां पर 60 वर्ष पूर्व से कब्रिस्तान का उपयोग वाली आरजी खसरा नंबर 487/1रकवा 0.405हेक्टर है जोकि शासकीय है लगभग 8 एकड़ शासकीय भूमि में एक एकड़ भूमि पर कब्रिस्तान है।
बाकी की 7 एकड़ आज भी मौके से खाली है जिस पर ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव एवं उपसरपंच तथा पांच विष्णु मोहन चतुर्वेदी वह गांव के कुछ अन्य लोगों ने नाजायज कब्जा जमाया हुआ है।
जिसकी शिकायत 6 मई 2025 को कमिश्नर कार्यालय शहडोल में की गई है।
उक्त पूरे मामले में कई गंभीर आरोप जयसिंहनगर की एसडीएम एवं तहसीलदार पर लग रहे हैं।

यह है पूरा मामला
प्रार्थी हजरत मोहम्मद एवं अन्य ने बताया कि समाज के लोग पुस्तैनी रूप से ग्राम छूदा में निवास करते है। समाज के लिए किसी भी व्यक्ति के मृत्यु होने पर दफनाये जाने के लिए अरसा 60 पूर्व से कब्रिस्तान का उपयोग ग्राम छूदा की आराजी खसरा नं.- 487/1 रकवा 0.405 हे. में किया जा रहा है कब्रिस्तान की भूमि में पूर्वजों के 60-70 कब्र वहां पर है जिसकी जानकारी ग्राम पंचायत के सचिव सरपंच सभी को है उसके बाद भी सरपंच संजू सिंह कंमर व उसका पति टेरन सिंह तथा ग्राम पंचायत का सचिव राजेन्द्र सिंह एवं रोजगार सहायक चन्द्रप्रकाश गुप्ता द्वारा अवैध रूप से कब्रिस्तान की भूमि पर अतिक्रमण करते हुए पानी टंकी का निर्माण किया जाने लगा तब प्रार्थी व समाज के लोगों के द्वारा आपत्ति भी की गई कि जबकि आराजी खसरा नं.- 487 में ही लगभग 8.00 एकड़ शासकीय भूमि रिक्त है जिसमें ग्राम पंचायत की सरपंच संजू सिंह व उसका पति टेरन सिंह के साथी रोजगार सहायक चन्द्रप्रकाश गुप्ता तथा पंच विष्णु मोहन चतुर्वेदी के अलावा गांव के कुछ अन्य लोगों का शासकीय भूमि पर अतिक्रमण है उसे ना हटाकर कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर रहे हैं।

उच्च न्यायालय से है भूमि पर स्थगन

जिस पर प्रार्थियों द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर में पिटीशन क्रमांक 26329/ 2023 को इस्तखासा पेश की । जिसमें न्यायालय द्वारा 19 अक्टूबर 2023 को 8 एकड़ शासकीय भूमि में से एक एकड़ जिस पर कब्रिस्तान है उसे सुरक्षित रखे जाने का आदेश दिया था।

जिस परिपालन में उसे समय तत्कालीन तहसीलदार द्वारा 28 नवंबर 2023 को अनुविभागीय अधिकारी जैसी नगर पर निर्देशित करते हुए एक सप्ताह के अंदर प्रतिवेदन मंगाया था एवं वादग्रस्त भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए थे।

निर्देशों के बाद भी जारी निर्माण
प्राथमिक गणों ने बताया कि न्यायालय के निर्देशों के विपरीत जाकर ग्राम पंचायत छूदा सरपंच पति टेरन सिंह व सचिव एवं रोजगार सहायक द्वारा कब्रिस्तान की एक एकड़ भूमि पर ही पानी टंकी के नाम पर अतिक्रमण किया जा रहा है। जिसे रोकने के लिए कई बार प्रार्थियों के द्वारा वर्तमान एसडीएम एवं तहसीलदार को शिकायत की गई किंतु कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।

अधिकारियों पर आदेश की अवेहलना व संरक्षण का आरोप

प्रार्थियों ने बताया कि सरपंच सचिव द्वारा लगातार कब्रिस्तान की एक एकड़ भूमि जो कि न्यायालय द्वारा सुरक्षित करने के लिए निर्देश दिए गए थे उसे पर पानी टंकी का कार्य लगातार कराया जा रहा है।
लेकिन हो रहे निर्माण कार्य को ना तो एसडीएम जयसिंहनगर और नाही तहसीलदार द्वारा रोका जा रहा है। जो कि कहीं ना कहीं उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश की अवहेलना जयसिंहनगर एसडीएम एवं तहसीलदार द्वारा की जा रही है। और अतिक्रमणकर्ताओ संरक्षण दिया जा रहा है ऐसा आरोप प्रार्थीगणों के द्वारा अधिकारियों पर लगाए जा रहे हैं।

यह पहलू भी है विचारणीय

हालांकि इस पूरे मामले में सवाल कहीं उठ रहे हैं जैसे की क्या जो पानी टंकी का निर्माण कार्य हो रहा है वह 1 एकड़ कब्रिस्तान की आरक्षित भूमि पर ही क्यों हो रहा है बाकी की 7 एकड़ भूमि जिस पर ग्राम पंचायत के जिम्मेदार एवं अन्य लोगों ने कब्जा जमाया है उसे खाली क्यों नहीं कराया जा रहा। यदि वह खाली हो जाए तो पानी टंकी का निर्माण वहां भी हो सकता है।

इनकी प्रतिक्रिया
जब इस संबंध में जयसिंहनगर एसडीएम से बात करने के लिए संपर्क साधा गया तो उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया।

प्रगति वर्मा (अनुविभागीय अधिकारी) जयसिंहनगर जिला शहडोल।

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हमको ज्यादा जानकारी नहीं है जो भी पता है एसडीएम और तहसीलदार जानते हैं।

टेरन सिंह सरपंच पति ग्राम पंचायत छूदा जनपद जयसिंहनगर

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