किसान की सहमति के बगैर पीएचई विभाग ने खेत पर खोद दी नाली, जनसुनवाई में न्याय की लगाई गुहार
शहडोल। गोहपारू जनपद के ग्राम पंचायत भदवाही से एक मामला प्रकाश में आया है जहां पीड़ित किसान राजबहोर जायसवाल पिता मोहन जायसवाल द्वारा जनसुनवाई में कलेक्टर शहडोल को शिक़ायत पत्र सौंपकर बताया गया कि उनके गांव के छूल्हना टोला में नल-जल योजना के तहत् पीएचई विभाग द्वारा पाइप लाइन बिछाई जा रही थी। मुख्य मार्ग से लगे मेरे खेत में जो कि करीबन 89 डिसमिल है। विभाग के ठेकेदार व इंजीनियर के निर्देशानुसार मेरी गैर हाजिरी में व बगैर मुझे सूचित किए 01 जुलाई को मेरे खेत के बीचों-बीच करीबन 50 मीटर की लंबाई व 1.5 मीटर की गहराई में खुदाई करा दी गई है। खेत के बीचों बीच खुदाई कराने से ट्रैक्टर जुताई के दौरान फसेंगा जिस प्रकार से बीच में एक पट्टी बन गई है, आधे खेत में खेती हो पाना संभव नहीं है क्योंकि ट्रैक्टर उतारने के लिए पट्टी क्रॉस करना ही पड़ेगा अन्य जगह से मेढ़ की ऊंचाई ज्यादा होने से ट्रैक्टर भी नही उतर पाएगा। मेरे पास अधिक उपजाऊ वाला एक मात्र वही खेत है मैं विभाग के इस तानाशाही रवैए से उसमें भी खेती करने में असमर्थ हूं।
ठेकेदार द्वारा झूठे आरोप में फंसाने की दी जा रही धमकी
पीड़ित द्वारा यह भी बताया गया कि विरोध करने पर जेसीबी ड्राईवर द्वारा मशीन बंद कर दिया गया था। मेरे बड़े भाई ने कई घंटों तक बैठ कर ठेकेदार का इंतजार किया परंतु ना ही ठेकेदार ना कोई देख रेख करने वाला सुपरवाइजर आया। तब मेरा बड़ा भाई घर चला गया खाना खाने कुछ देर बाद ठेकेदार रात में ही आकर बिना किसी को सूचना दिए मशीन लेकर फरार हो गया हमने सरपंच के माध्यम से पंचनामा भी बनवाया है। सुबह इंजीनियर व ठेकेदार से बात हुई तो उन्होंने बोला परेशान मत होइए जल्द ही गढ्ढे को ढकवा दूंगा। हमे गलत लोकेशन मिल गई थी । हम अपनी गलती मानते हैं जो भी नुकसान हुआ है उसकी भरपाई हम कर देंगे । आज कई दिवस बीत जानें के बाद ठेकेदार द्वारा उल्टा पीड़ित को ही झूठे आरोप में फसाने की धमकी दी जा रही है।
इंजीनियर और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की गई मांग
पीड़ित ने जनसुनवाई में कलेक्टर शहडोल डॉक्टर केदार सिंह को लिखित शिकायत पत्र सौंपकर उचित मुआवजे एवं लापरवाह कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की मांग की गयी है।
कलेक्टर ने दिया न्याय का आश्वासन
सोन सभागार में उपस्थित होकर किसान ने कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है कि निष्पक्षता से जांच कराकर इस वर्ष मेरी खरीफ की फसल का जो भी नुकसान हो रहा उसकी मुवावजे की राशि प्रदान किया जाए। जिले के संवेदनशील कलेक्टर ने किसान को आश्वस्त किया है कि त्वरित न्यायसंगत कार्रवाई की जायेगी।
