शहडोल / बुढार : एक प्रभारी सब पर भारी…? ,“हे हरि के दास की माया, उस पर संकुल की छाया—अपने ही चहेतों को लाभ पहुंचाया ”
एक प्रभारी सब पर भारी…? ,
“हे हरि के दास की माया, उस पर संकुल की छाया—अपने ही चहेतों को लाभ पहुंचाया ”
शहडोल / बुढार। जिले के शिक्षा विभाग में व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। बुढार विकासखंड के संकुल केंद्र बहगढ़ से अतिथि शिक्षक भर्ती को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। सूत्रों एवं स्थानीय स्तर पर मिल रही जानकारी के अनुसार संकुल प्रभारी के पद पर पदस्थ हरिदास प्रजापति पर अपने ही संकुल क्षेत्र में अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने और अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि हरिदास प्रजापति के पास हाई स्कूल कोलुहा का प्रभार होने के साथ-साथ संकुल केंद्र बहगढ़ के प्रभारी की जिम्मेदारी भी है। ऐसे में एक ही व्यक्ति के पास अलग-अलग महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
शिक्षकों पर दबाव बनाने के आरोप
स्थानीय चर्चा एवं सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, संकुल के अंतर्गत आने वाले कुछ विद्यालयों में अतिथि शिक्षक भर्ती को लेकर शिक्षकों पर कथित रूप से दबाव बनाए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि यदि कोई शिक्षक उनकी बात के अनुसार कार्य नहीं करता, तो उसके विरुद्ध विभागीय शिकायतें किए जाने तथा मानसिक रूप से परेशान किए जाने की स्थिति निर्मित होती है।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में विभागीय जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
संकुल केंद्र बना मनमानी का चारागाह…?
हरिदास प्रजापति के विरुद्ध लगातार संकुल क्षेत्र के शिक्षकों के साथ कथित मनमानी और प्रताड़ना के आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं अतिथि शिक्षक भर्ती को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का दावा है कि वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 में संकुल केंद्र बहगढ़ के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विद्यालयों में हुई अतिथि शिक्षक भर्तियों की निष्पक्ष जांच की जाए। आरोपों में यह भी कहा जा रहा है कि कुछ विद्यालयों में बाहरी स्तर से आवेदन मंगवाकर भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।
यदि इन आरोपों में तथ्य हैं, तो यह पूरी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
संकुल के विद्यालयों का वित्तीय प्रभार भी होने का दावा
मामले में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, हाई स्कूल कोलुहा के प्रभारी प्राचार्य होने के साथ हरिदास प्रजापति के पास संकुल केंद्र के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों से संबंधित वित्तीय जिम्मेदारियां भी होने का दावा किया जा रहा है।
यदि ऐसा है, तो यह भी जांच का विषय है कि एक ही व्यक्ति के पास शैक्षणिक, प्रशासनिक और वित्तीय स्तर की कितनी-कितनी जिम्मेदारियां हैं तथा इन जिम्मेदारियों के निर्वहन में विभागीय नियमों का पालन किस प्रकार किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने की जांच की मांग
मामले को लेकर ग्रामीणों एवं संबंधित पक्षों की मांग है कि संकुल केंद्र बहगढ़ के अंतर्गत आने वाले सभी विद्यालयों में वर्ष 2025-26 और 2026-27 में हुई अतिथि शिक्षक नियुक्तियों की दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराई जाए। आवेदन प्रक्रिया, मेरिट, चयन समिति, नियुक्ति आदेश तथा संबंधित रिकॉर्ड की जांच से ही आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकती है।
अब देखना यह होगा कि मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इसे कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या निष्पक्ष जांच कराकर आरोपों की सच्चाई सामने लाते हैं, या फिर यह मामला भी विभागीय फाइलों में दबकर रह जाता है।
इनका कहना
जब इस पूरे मामले में संकुल केंद्र प्रभारी का अभिमत मत जानने के लिए फोन लगाया गया तो उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया।
हरिदास प्रजापति प्रभारी प्राचार्य ( हाई स्कूल कोलुहा , एवं प्रभारी संकुल प्राचार्य बहगढ़ बुढार।
