उमरिया : आंगनबाड़ियों के नौनिहालों की प्यास पर जिम्मेदारों की चुप्पी, करकेली, मानपुर और पाली में पेयजल व्यवस्था पर,सरपंच-सचिवों की कार्यप्रणाली कटघरे में
आंगनबाड़ियों के नौनिहालों की प्यास पर जिम्मेदारों की चुप्पी,
करकेली, मानपुर और पाली में पेयजल व्यवस्था पर,सरपंच-सचिवों की कार्यप्रणाली कटघरे में
उमरिया। जिले के करकेली, मानपुर और पाली जनपद पंचायत क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। छोटे-छोटे बच्चों को स्वच्छ एवं पीने योग्य पानी उपलब्ध कराना बुनियादी जिम्मेदारी है, लेकिन कई केंद्रों में पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी द्वारा पेयजल की व्यवस्था से वंचित अथवा समुचित पेयजल सुविधा नहीं रखने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची उपलब्ध कराई गई है। इसके बाद संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि ग्राम पंचायतों से समन्वय स्थापित कर सूची में शामिल सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में नल-जल योजना, हैंडपंप अथवा अन्य उपयुक्त माध्यम से स्वच्छ पेयजल की स्थायी एवं पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए।
इसके बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप हैं कि संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिव बच्चों की इस बुनियादी जरूरत को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। यदि आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं है, तो यह व्यवस्था की निगरानी और जिम्मेदारों की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े करता है।
आदेश के बाद भी व्यवस्था कब सुधरेगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों में छोटे बच्चों के साथ गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को भी विभिन्न सेवाएं मिलती हैं। ऐसे में पेयजल की समुचित व्यवस्था का अभाव बच्चों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और केंद्रों के नियमित संचालन को प्रभावित कर सकता है। सवाल यह है कि जब विभागीय स्तर पर समस्या की पहचान कर सूची उपलब्ध करा दी गई है, तो फिर सभी प्रभावित केंद्रों में पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई कब होगी।
जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग
अब जरूरत केवल निर्देश जारी करने की नहीं, बल्कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र का भौतिक सत्यापन कराने, पेयजल सुविधा की स्थिति सार्वजनिक करने और जहां व्यवस्था नहीं है, वहां समय-सीमा तय कर काम पूरा कराने की है। संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ, ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिवों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को पीने के पानी के लिए परेशान न होना पड़े।
