ब्यौहारी : पूर्व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आर के पांडे की स्मृति में ,भारतीयम स्कूल के प्रांगण में 5 जून से होगा भव्य श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन।
पूर्व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आर के पांडे की स्मृति में भारतीयम स्कूल के प्रांगण में 5 जून से होगा भव्य श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन
ब्यौहारी (संजय गर्ग) । जिले के ब्यौहारी क्षेत्र अंतर्गत सेंट्रल बैंक के पास भारतीय स्कूल प्रांगण में पूर्व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आर .के. पांडे की स्मृति में श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन होने जा रहा है।
स्वर्गीय श्री आर के पांडे की धर्मपत्नी कृष्ण कुमारी पांडे एवं उनके पुत्र सुधीर कुमार पांडे पत्नी पुष्पा पांडे एवं सुनील कुमार पांडे पत्नी मंजुला पांडे एवं परिवार के समस्त जनों द्वारा भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम के श्रवणकर्ता पंडित सुधीर पांडे एवं पंडित सुनील पांडे के द्वारा कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया गया है कि।
5 जून से श्रीमद् भागवत कथा का प्रारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ होने जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कथा का वाचन श्री बद्री प्रपन्नाचार्य महाराज के सानिध्य में उनके कृपा पात्र शिष्य व्यासपीठ पर विराजमान होकर अपनी अमृतवाणी से कथा का वाचन करेंगे। कथा वाचन का समय प्रातः कालीन 8:00 बजे से लेकर 12:00 बजे तक एवं 3:00 बजे से लेकर 7:00 बजे तक रखा गया है।
इस प्रकार कार्यक्रम होंगे संचालित
इसी क्रम में प्राप्त जानकारी के अनुसार सर्वप्रथम 5 जून को भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी जिसके पश्चात 6 जून को प्रहलाद चरित्र एवं समुद्र मंथन की कथा का वाचन किया जाएगा।
क्रमशाह इसी प्रकार 7 जून को श्री कृष्ण जन्मोत्सव होगा तथा 8 जून को भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन व्यास पीठ पर विराजमान महाराज द्वारा किया जाएगा।
फिर 9 जून को श्री कृष्ण का रुक्मणी विवाह का कार्यक्रम रखा गया है।
10 जून को सुदामा चरित्र व कथा का विराम होगा।
तथा 11 जून को चढ़ोत्तरी एवं हवन का कार्यक्रम कर रखा गया है।
12 जून को तर्पण एवं पूर्णाहुति।
13 जून को होगा विशाल भंडारे का आयोजन
भारतीयम स्कूल प्रांगण में सभी कार्यक्रम की समाप्ति के पश्चात 13 जून को दोपहर 12:00 बजे से लेकर संध्याकालीन 5:00 बजे तक ब्राह्मण भोज एवं विशाल भंडारे का आयोजन पांडे परिवार द्वारा किया जाएगा।
तत संबंध में सभी भक्तजनों से अनुरोध है कि भारी से भारी मात्रा में भारतीयम स्कूल के प्रांगण में पहुंचकर भगवत कथा का आनंद उठाएं।
तथा भंडारे का प्रसाद ग्रहण करें।
