S.K. Paswan
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शहडोल :जिला अस्पताल के कुप्रबंधन की लापरवाही से फिर शर्मसार हुआ नगर , नहीं उपलब्ध हुआ शव वाहन दादा के शव को मोटरसाइकिल पर ले जाने को मजबूर हुआ पोता

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जिला अस्पताल के कुप्रबंधन की लापरवाही से फिर शर्मसार हुआ नगर ,

 नहीं उपलब्ध हुआ शव वाहन दादा के शव को मोटरसाइकिल पर ले जाने को मजबूर हुआ पोता

शहडोल (संजय गर्ग) ।  स्थानीय जिला चिकित्सालय ने एक बार फिर अपने कुप्रबंधन व अव्यवस्थाओं के चलते पूरे संभाग में चर्चा का विषय बन गया है।

जिला अस्पताल के जिम्मेदारों ने तो मानो जैसे कम ही खाई है कि जब तक पूरे देश में हमारा नगर व चिकित्सालय अवस्थाओं के नाम पर ख्याति प्राप्त नहीं कर लेता तब तक हम अपनी व्यवस्थाओं पर सुधार नहीं लायेगे ।

अभी हाल ही में प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को उचित इलाज न मिलने का मामला शांत नहीं हुआ था कि।

एक और सब को मोटरसाइकिल पर ले जाने को मजबूर परिजनों का मामला जिला चिकित्सालय में सामने आया है। 

 *यह है पूरा मामला* 

दरअसल ग्राम धुरवार के बैगान टोला निवासी के एक बैग की मृत्यु जिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान हो गई इसके बाद मृतक के परिजन शव को लेकर काफी देर तक जिला चिकित्सालय में शव का इंतजार करते रहे।

जहां जिला चिकित्सालय में व्यवस्थाओं को लेकर सिविल सर्जन व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं वहां पर बैगा परिवार के परिजनों को शव नसीब नहीं हुआ जिसके बाद शव को लेकर परिजनों ने मोटरसाइकिल पर लड़ा और उसे गृह ग्राम तक लेकर आए ।

इसके बाद जिला चिकित्सालय के जिम्मेदार व व्यवस्थाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे करने वाले प्रबंधन एक बार फिर पूरे संभाग में चर्चा का विषय बने हैं।

लेकिन ऐसा क्या कारण है कि ग्रामीण अंचलों के लोगों को मृत्यु के बाद शव वाहन नसीब नहीं हो रही है।

क्योंकि यह दूसरा मामला संभाग में सामने आया है इसके पूर्व शासकीय मेडिकल कॉलेज में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था।

अब देखना होगा कि प्रशासन पूरे मामले में क्या कार्यवाही करता है।

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