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शहडोल: जहरीली कफ सिरप पीने से नौ बच्चों की मौत पर क्यों चुप बैठी है सरकार सिरप बनाने वाली कंपनी को नहीं किया गया बैन : मनीष श्रीवास्तव

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जहरीली कफ सिरप पीने से नौ बच्चों की मौत पर क्यों चुप बैठी है सरकार सिरप बनाने वाली कंपनी को नहीं किया गया बैन : मनीष श्रीवास्तव

शहडोल (संजय गर्ग)। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि कफ सिरप पीने से अब तक छिंदवाड़ा में 9 बच्चों की मौत अत्यंत दुखद है और कई गंभीर रूप से बीमार हैं। खबरों के अनुसार, बच्चों को दिए गए सिरप में डाय-एथिलीन ग्लाइकोल (DEG) एवं एथिलीन ग्लाइकोल (EG) जैसे कूलेंट में उपयोग होने वाले घातक रसायन पाए गए हैं, जो अत्यंत विषैले हैं और गुर्दे, लीवर और मस्तिष्क पर घातक असर डालता है। दवाओं में इनका प्रयोग पूर्णतः गैरकानूनी है।

 मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि हमने तत्काल कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। यह घटना प्रदेश के दवा आपूर्ति और गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र की गंभीर विफलता को उजागर करती है। कफ सिरप पीने से पहली मौत 7 सितंबर को रिपोर्ट हुई थी और उसके बाद अभी तक 9 बच्चों की मौत हो चुकी है परंतु अभी तक दवा को बैन नहीं किया गया है और न ही कोई कठोर कार्रवाई की गई है। सरकार को राज्य में कफ सिरप की बिक्री, निर्माण और वितरण पर प्रतिबंध लगाना चाहिए और सभी चिकित्सकों को सलाह जारी करनी चाहिए कि वे किसी भी मरीज को कफ सिरप न दें।

 उन्होंने सरकार से मांग की है कि मृत बच्चों के परिजनों को तत्काल उचित मुआवजा तथा प्रभावित बच्चों को निःशुल्क समुचित इलाज उपलब्ध कराया जाए और दोषियों पर तुरन्त दंडात्मक कार्रवाई कि जाए। साथी मध्य प्रदेश के चिकित्सा मंत्री जो कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री भी हैं राजेन्द्र शुक्ल को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए या प्रदेश सरकार को इन्हें हटा दिया जाना चाहिए इस तरह के लापरवाह और असंवेदनशील मंत्री की आवश्यकता प्रदेश की जनता को नहीं है।

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