S.K. Paswan
ब्रेकिंग न्यूज़
शहडोल : पुलिस बल को जनता से बेहतर संवाद स्थापित कर संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के पुलिस अधीक्षक ने... शहडोल : राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से अलंकृत अरुण मिश्र हुए सेवानिवृत्ति , समारोह में विभागीय अधिकारी ए... शहडोल / जैतपुर : एकलव्य आवासीय विद्यालय में आयोजित हुआ नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम उमरिया : अतिथि शिक्षक की भर्ती को लेकर शाहपुर हायर सेकेण्डरी में बवाल , नियम अनुसार समय पर भर्ती न क... शहडोल : मां काली मंदिर सिंहपुर बना लोक न्यास, सर्वसम्मति से गठित हुई पहली कार्यसमिति ,एसडीएम लोक न्य... शहडोल : शिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार एमएलबी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मनाया गया गुरू पूर्... शहडोल / गोहपारू : जनपद सीईओ का दवा नहीं हुआ भ्रष्टाचार स्थानांतरण के बाद भी जम गया जुगाड़ , रोड के स... जैतपुर / शहडोल : तो क्या पुरन कि गुंडागर्दी पर कानून के रखवालो का है नरम रुख , पुलिस अधीक्षक से शिका... शहडोल: शहडोल का जेन जी कल होगा सड़को पर ....... छात्र हित के समर्थन पर   युवाओं का हल्ला बोल, अत्यधि... शहडोल : कारण बताओं नोटिस को बनाया बचाव का हथियार , क्यों कार्यवाही से गुरेज ,तो मलाईदार खुरचन के शिक...

शहडोल : नाच रहा भाजपा का विकास जनता किससे करेगी आश सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल , जन -चर्चा : ठेकेदारी का व्यापार , तो किसी का रेत से सरोकार तो कोई करना चाहता है  जमीनों पर कब्जा जिले में चरम पर अवैध कारोबार ,

0 994

नाच रहा भाजपा का विकास जनता किससे करेगी आश सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल ,

जन -चर्चा : ठेकेदारी का व्यापार , तो किसी का रेत से सरोकार तो कोई करना चाहता है  जमीनों पर कब्जा जिले में चरम पर अवैध कारोबार , 

 

शहडोल (संजय गर्ग)। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र का वरदान कहे या अभिशाप ज़हां पर जनहित और जनता के मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों को आवाज उठानी चाहिए सामाजिक सरोकारों में इन्हें हाथ बंटाना चाहिए। वही ठीक इसके विपरीत शहडोल के जयसिंहनगर क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों का नाच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिन जनप्रतिनिधियों को जनता के मुद्दे पर विचार करने एवं उनकी समस्याओं को विधानसभा तक पहुंचाने के लिए वोट के अधिकार से प्रतिनिधि बनाया गया वह मात्र नचईया बनकर रह गए। ऐसा हम नहीं कहते ऐसा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे जनप्रतिनिधियों के नाच का एक वीडियो जिस पर जनता कमेंट  करती हुई नजर आ रही है। 

दरअसल महाविद्यालय जयसिंहनगर में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल के पश्चात महाविद्यालय के कैंपस में प्रीतिभोज समारोह का आयोजन होता है। जहां पर जिले जनप्रतिनिधि शिरकत करते हैं। इसके बाद नृत्य का मंच बनाकर “गिरली कार्लिया के रोड मां” वाले गाने पर जोरदार नृत्य जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है। 

इसके बाद सोशल मीडिया पर कथित वीडियो वायरल होता है। जिस पर जनप्रतिनिधियों की किरकिरी चालू हो जाती है। 

इतना ही नहीं वीडियो में कमेंट करते हुए लोग कहते हैं कि वह देखो शहडोल का विकास नाच रहा है। क्या अब जनप्रतिनिधियों के पास अब और कोई कार्य नहीं बचा 

बात कुछ हद तक ठीक भी लगी क्योंकि जनप्रतिनिधि जनता का सेवक होता है। और राजनीति सेवा का माध्यम लेकिन इन दिनों संभाग में जिस प्रकार अवैध कारोबार चरम पर है जिस पर कहीं ना कहीं जन प्रतिनिधियों का मौन  जिले की जनता के मन में संशय पैदा कर रहा है। 

 ना विकास की सोच न जनहित की विचारधारा

जिस आदिवासी अंचल के नाम पर प्रदेश सरकार चुनाव के टाइम पर वोट बटोरने का काम करती है। इस आदिवासी अंचल शहडोल में संसाधनों के बावजूद बेरोजगार युवाओं की चित्कार यहां के बेंहरे जनप्रतिनिधियों को नहीं सुनाई देती। और ना ही शहडोल संभाग का प्राचीन बाणगंगा मेला मैदान पर अतिक्रमणकारियों और भू माफियाओं के कब्जे इन्हें नहीं दिखते। 

क्यों जनप्रतिनिधि यह नहीं समझ रहे हैं की वह सभ्य समाज के एक अभिन्न अंग है वह जनता के हैं जनता के बीच जनता के लिए और जनता के हित में कार्य करने के लिए उन्हें चुना गया है। लेकिन दुर्भाग्य है कि यहां के जनप्रतिनिधि ना तो विकास की नई सोच रखते हैं और ना ही जनहित की विचारधारा से इनका कोई सरोकार है।…….????

जन चर्चाओं एवं सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इन दिनों जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा हैं। जनपद से लेकर जिला पंचायत तक हावी ठेकेदारी प्रथा ने अधिकारी समेत आम जनता के भी गले को दबोच कर रखा हुआ है। , तो वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो अपने विधानसभा क्षेत्र में अवैध खनन के कार्यों को गति प्रदान कर रहे हैं। हालात ऐसे बने हुए हैं कि लोग दुगने दाम पर रेत खरीदने को मजबूर हैं। और तहसील स्तर के प्रशासनिक कर्मचारी रेत माफियाओं से पीटने को मजबूर हैं। समझ में नहीं आ रहा है कि शहडोल जिले का यह कैसा विकास है जिस पर सिर्फ जनता का विनाश है। 

सभ्य समाज को क्या?? संदेश 

 सोशल मीडिया पर वायरल हुए जनप्रतिनिधियों का नृत्य आखिर सभ्य समाज को क्या संदेश देना चाहता है। जनता और जनहित की विचारधारा को जेब में रखकर स्वहित योजना पर काम क्यों????? आखिर क्यों जिले के शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार पर यहां के जनप्रतिनिधि जनता से मुंह छुपाते हैं।???? 

 

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.