शहडोल: धान खरीदी केन्द्रों में धड़ल्ले से चल रहा भ्रष्टाचार , किसानो का होरहा शोषणग्रीनग्रो कंपनी ने करोड़ों की धान की बर्बाद, जिम्मेदारो ने साधी चुप्पी……?*
शहडोल (संजय गर्ग) भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा इन दिनों शतत धान उपार्जन केंद्रों में निरीक्षण कर किसानों की मदद के लिए प्रथम पंक्ति पर खड़ा है । जिस पर किसान मोर्चा के समस्त जिला एवं मंडल स्तर की टीम प्रत्येक धान उपार्जन खरीदी केंद्रों में पहुंचकर किसानों का हाल-चाल जान रहे हैं इसी कड़ी में किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष रमाकांत तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया की किसानों के साथ व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार समिति वा स्व सहायता समूह सहित जिला अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार किया जा रहा है । बता दें कि
ग्राम ठेंगरहा मे मां शारदा स्व सहायता समूह ( अटरिया) का निरीक्षण उनके जिला स्तरीय एवं मंडल की टीम द्वारा किया गया ।
41 किलो प्रति बोरी बजन,सिलाई हेतु एक रुपए प्रति बोरी किसानों से अतिरिक्त लिया जाना चाहिए।
किसानों ने किसान मोर्चा के समस्त जिला एवं मंडल स्तर की टीम को अवगत कराते हुए बताया कि यहां खुले आम 41 किलो प्रति बोरी बजन लिया जाना सिलाई हेतु एक रुपए प्रति बोरी किसानों से अतिरिक्त लिया जाना साथ ही मजदूरों से संबंधित समस्त कार्य किसानों से ही कराया जाना शामिल है इसी प्रकार समिति करकी में श्रीराम स्व सहायता समूह में भी खुलेआम 41 किलो प्रति ग्राम बोरी के दर से वजन यहां भी लिया जा रहा साथ ही सिलाई एवं मजदूरों का कार्य स्वयं कृषक अपने से ही करते हैं इतना ही नहीं छलली लगाने जैसा कार्य भी किसानों से ही कराया जाता है,।
समिति टीहकी क्रमांक 2 भ्रष्टाचार में एक कदम आगे
इसी कड़ी में किसान मोर्चा की जिले की टीम टिहकी खरीदी क्रमांक02(कलेःह) पर पहुंची जहां व्यापक पैमाने पर किसानों के साथ अन्याय दिखाई दिया समिति टीहकी क्रमांक 2 में 41 किलो 300 ग्राम तक वजन लिया जाना साथ ही ₹2 प्रति बोरी के दर से सिलाई अतिरिक्त लिया जाना एवं कृषक के मजदूर द्वारा ही नाप कराया जाना तथा स्टेक में छल्ली भी लगाया जाना किसानों ने जानकारी देते हुए बताया इसी प्रकार बगल में ही संचालित उसी केंद्र में स्व सहायता समूह द्वारा खरीदी की जा रही है जहां व्यापक पैमाने पर खुली बोरियां पड़ी हुई हैं जिसकी जानकारी देते हुए समूह के अध्यक्ष ने बताया बिजली के अभाव के कारण सिलाई की व्यवस्था समय पर नहीं हो पा रही है,तथा वहां भी 41 किलो का वजन लिया जाना पाया गया इतना ही नहीं 41 किलो वजन लेने के बाद स्टेक लगवाने वाले सुपरवाइजर द्वारा अतिरिक्त धान 600 ग्राम को निकालकर सिलाई का कार्य कराया जाना शामिल हैजिससे व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार अपने आप में प्रदर्शित होता है।
अमझौर समिति के कारनामे
इसी प्रकार आगे की कड़ी में किसान मोर्चा के जिले की टीम रमसोहरा धान उपार्जन खरीदी केंद्र पर पहुंची जहां अमझौर समिति द्वारा 41 किलो 300 का वजन लिया जाना पाया गया। तथा यहां भी कृषकों से सिलाई के लिए एक रुपए प्रति बोरी अनिवार्य किया गया है तथा स्टेक,लगाना और तुलाई जैसे कार्य करना भी किसानों ने बयां किया ।
ग्रीनग्रो कंपनी ने करोड़ों की धान की बरबाद
इसी खरीदी केंद्र में ग्रीनग्रो कंपनी जिसे स्टेट लगाने का टेंडर प्राप्त हुआ है के कारनामे भी उजागर हुए जहां लगभग हजारों कुंटल की मात्रा में धान खराब हुई पड़ी है जिससे यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि है हमारे भारतीय जनता पार्टी की सरकार का दोहन ग्रीन ग्रो कंपनी,कर रही कंपनी है इस प्रकार के व्यापक पैमाने पर धान खराब होने के बावजूद भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उसी कंपनी को पुनः टेंडर दिया जाना अपने आप में प्रश्न खड़ा करता है जबकि पूर्व से ही उक्त कंपनी के संरक्षण में बहुतायत संख्या में धान का खराब होना प्रशासनिक अधिकारियों ने पाया था,जिससे साफ प्रतीत होता है शासन का हित ना देखते हुए व्यक्तिगत ग्रीनग्रो कंपनी को,लाभ पहुंचाना जिला अधिकारियों की भी भूमिका को दर्शाता है।आप स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं जिले में करोड़ों का भ्रष्टाचार हो रहा और जिले में बैठे अधिकारी कहते हैं सब ठीक चल रहा । सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि इन भ्रष्टाचार का जिम्मेदार कौन…….?
