शहडोल : लापरवाही या दुर्घटना??? आखिर किसने ले ली तेंदुए की जान , वन विभाग सवालों के घेरे में ड्यूटी पर तैनात दो रेंज के अफसरों ने 24 घंटे में क्यों नहीं बना पाई वन प्राणी को सुरक्षित ले जाने की व्यवस्था
लापरवाही या दुर्घटना??? आखिर किसने ले ली तेंदुए की जान , वन विभाग सवालों के घेरे में ,
ड्यूटी पर तैनात दो रेंज के अफसरों ने 24 घंटे में क्यों नहीं बना पाई वन प्राणी को सुरक्षित ले जाने की व्यवस्था
शहडोल। वन्य जीव के लिए जिस प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम वन विभाग एवं वन अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए हैं उसमें कहीं ना कहीं वन प्राणियों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंसान तो किए गए हैं लेकिन आज भी ग्रामीण इलाकों में यदि कोई वन्य जीव अभ्यारण्य करते हुए रहासीय इलाके पर पहुंच जाता है तो सुरक्षा हेतु वन विभाग के द्वारा उसकी सतत निगरानी एवं तैनाती की जाती है । लेकिन अगर निगरानी के दौरान लापरवाही बरती जाए तो ऐसे में संबंधित जीव को जानकर खतरा बन जाता है ।
कुछ इसी प्रकार का मामला शहडोल जिले के सोहागपुर ब्लाक अंतर्गत मझगामा बीट अंतर्गत अहिरगमा रेंज में सामने आया है जहां पर वन विचारण के दौरान एक तेंदुआ मझगामा के रहासिया इलाके में पहुंच जाता है। जहां पर वहां के ग्रामीणों के द्वारा तेंदुआ को देखे जाने का दावा किया गया जिसके बाद वन विभाग को सूचना देने के पश्चात संबंधित बीट के अफसरों एवं अहिरगामा रेंज के अफसरों टीम की तैनाती तेंदुए के ऊपर निगरानी रखने के लिए की गई।
ग्रामीणों ने लगाया आरोप कहां वन विभाग की लापरवाही से गई जान
तेंदुए को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हुई। वहीं पर तेंदुए की निगरानी के लिए ड्यूटी पर तैनात दोनों रेंज के अफसरों के ऊपर ग्रामीणों के द्वारा गाली गलौज का आरोप लगाया गया।
वही ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की टीम के द्वारा 24 घंटे से ज्यादा समय से ऊपर निगरानी रखी जा रही थी लेकिन 24 घंटे निगरानी रखने के बावजूद भी वन प्राणी को सुरक्षित उसके स्थल तक ले जाने की कोई भी व्यवस्था विभाग के द्वारा नहीं की गई।
देर रात कुएं में गिरकर हुई तेंदुए की मौत
वहीं इस पूरे मामले में वन विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि तेंदुए की मूवमेंट का पता उन्हें एक दिन पहले ही चल गया था। जिस पर तेंदुए के ऊपर निगरानी रखने के लिए वन विभाग की दो टीमें लगातार तेंदुए के आसपास की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। वहीं देर रात को तेंदुआ गांव में मौजूद कुंऐ में जाकर गिर गया। और उसकी मौत हो गई।
पीएम रिपोर्ट की बाद होगी स्थितियां साफ
वहीं दूसरी और इस पूरे मामले में तेंदुआ के तबीयत को लेकर काफी आशंकाएं जताई जा रही है। तेंदुए की मौत के बाद मौका पंचनामा कर तेंदू के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टर द्वारा किया जा रहा है। उसके बाद उसकी मौत की असली वजह सामने आएगी। हमारी टीम को जानकारी लगते ही जब घटना स्थल पर हमारी मीडिया की टीम पहुंची तो तब तक तेंदुए का शव कुएं से बाहर निकाला जा चुका था। और उसका मौका पंचनामा चल रहा था। इसके बाद वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे साथ ही डॉक्टर वहां पर मौजूद रहे। हालांकि पूरे मामले का खुलासा तेंदू के शव का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
एसडीओ का ऐसा कहना
संबंधित मामले को लेकर जब सोहागपुर रेंज के एसडीओ से बात की गई तो उन्होंने बताया कि। तेंदुए की मूवमेंट का पता एक दिन पहले ही चल गया था उसे पर निगरानी रखी जा रही थी। ग्रामीणों के सहयोग से तेंदुए की मौजूदगी का पता चला प्रथम दृश्य देखने पर ऐसा लगता है कि तेंदुए की स्थिति सही नहीं थी और डूबने (drowning) के कारण वह कुंऐ में गिर गया और उसकी मौत हो गई। जो की एक दुर्घटना है। बाकी की सारी स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगी। और रही बाद ग्रामीणों से अभद्रता की तो ऐसा कुछ भी नहीं है जो की वन जीव कभी-कभी ज्यादा भीड़ देखने से विचलित हो जाते हैं इस वजह से हमारी टीम केवल उन्हें उस तेंदुए से दूर रहने की सलाह दे रही थी।
संतोष कुमार शुक्ला (एसडीओ) सोहागपुर वन रेंज जिला शहडोल।
