शहडोल :तो क्या संविदा अभ्यार्थियों के नव नियुक्ति को अधर में लटका रहे पीएस मारपाची ???????, क्या जिला शिक्षा कार्यालय में चल रहा है कमीशन खोरी का खेल?????
तो क्या संविदा अभ्यार्थियों के नव नियुक्ति को अधर में लटका रहे पीएस मारपाची ???????
क्या जिला शिक्षा कार्यालय में चल रहा है कमीशन खोरी का खेल?????
शहडोल ( संजय गर्ग) । आज का हमारा विषय उस विभाग पर है जहां पर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर पदस्थ पीएस मारपाची के द्वारा मनमर्जी तरीके शासकीय कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है।
आपको बता दें की जब से साहब के द्वारा प्रभारी (डी. ई .ओ) पदभार ग्रहण किया गया है।
तब से व्यापक पैमाने में भ्रष्टाचार ने अपने पैर जिला शिक्षा कार्यालय में जमा लिए है।
सूत्र बताते हैं कि जब – तक साहब नहीं चाहेंगे तब – तक कोई भी कार्य कार्यालय से सफल नहीं हो पाएगा।
या यूं कहिए साहब ने कार्यालय में अपना तानाशाही रवैया अपनाया हुआ है।
हाल ही में पीएस मारपाची एक और कारनामा सूत्रों के हवाले से सामने आया है।
बताया जा रहा है कि संविदा अभ्यार्थी जो अभी हाल ही में परीक्षा देकर कार्यालय में सत्यापन कराने साहब के पास आए हैं। साहब ने उनकी नैया बिना खेवईया की कर दी है।
अर्थात यह की जिन अभ्यर्थियों ने मेरिट लिस्ट बनने के बाद सत्यापन जिला शिक्षा कार्यालय से कराया है।
साहब द्वारा आज दिनांक तक उनका नियुक्ति आर्डर डिस्पैच नहीं किया है।
सूत्र बताते हैं कि साहब आए दिन अभ्यर्थियों के साथ टालमटोल कर रहे हैं।
शायद गांधी जी को देखकर साहब नतमस्तक होंगे तभी आगे डिस्पैच करेंगे ऐसा भी सुनने को सूत्रों के हवाले से मिल रहा है। जिसका पूरा प्रूफ हम आपको अगले अंक में प्रदर्शित करेंगे।
साहब तो साहब हैं कुछ भी कर सकते हैं
इस प्रकरण से एक बात तो क्लीयरली समझ में आ रही है की जिला शिक्षा कार्यालय में पूरा खेल गांधीजी के नोटों के ऊपर आधारित है।
क्योंकि अभ्यर्थियों द्वारा बताया जा रहा है कि हमने भौतिक सत्यापन कई महीनों पूर्व ही करा लिया है बावजूद इसके कि उन्हें नियुक्ति दी जाए उनका आदेश डिस्पैच किए जाने के बजाएं।
साहब द्वारा कमीशन के चक्कर में अभ्यर्थियों की नियुक्तियों को अधर में लटका दिया है।
जांच से होगा खुलासा
यदि इस पूरे प्रकरण की विभागीय जांच निष्पक्षता से की जाए तो पूरा सच और पीएस मारपाची का पूरा खेल सबके सामने आ जाएगा।
किंतु हमें यह भी पूर्ण विश्वास है कि इतनी जल्दी साहब के ऊपर विभागीय जांच भी नहीं बैठेगी क्योंकि साहब तो साहब हैं और एक ऐसे साहब जोकि केवल वरिष्ठता के चलते जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं।
बरहाल हमारा कार्य विभागों में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर करना है कार्यवाही करना या ना करना तो वरिष्ठ वाला अधिकारियों के हाथ में है।
इनका कहना
जब इस संबंध में साहब से बात की गई तो साहब ने अपने हाथ खड़े कर लिए और बेतुका बयान देते हुए कहा कि।
मुझे इस विषय में की कोई जानकारी नहीं मैं पता करके बताता हूं।
पी. एस. मारापची (जिला शिक्षा अधिकारी )शहडोल ।
