शहडोल :आत्मानंद शुक्ला का ऑडियो हुआ वायरल , क्या थाना प्रभारी के आदेश से कर रहा सरकारी शिक्षक अवैध कब्जा ।
आत्मानंद शुक्ला का ऑडियो हुआ वायरल,
क्या थाना प्रभारी के आदेश से कर रहा सरकारी शिक्षक अवैध कब्जा
शहडोल (संजय गर्ग) । एक सरकारी शिक्षक अपने कर्तव्य को भूल कर एक नई दिशा चुनकर भूमाफिया बनकर कर रहा अवैध प्लाटिंग और यह सब स्थानीय प्रशासन के नाक के नीचे ही हो रहा है, पर कार्यवाही नहीं हो रही जिसके चलते शिक्षक बना भूमाफिया का और भी मनोबल बढ़ता जा रहा है आज तो अपने गुर्गों के साथ मिलकर एक जगह ही अवैध प्लाटिंग कर रहा है, जिसका कारण स्वयं थाना सोहागपुर है ।
थाना प्रभारी सोहागपुर का सरकारी शिक्षक आत्माराम शुक्ला को पूरा संरक्षण दे रही है।
यह कार्यों के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुई की थाना सोहागपुर के थाना प्रभारी ने स्वयं बोला है कि आपको जहां मिले वहां कब्जा कर लो यह एसपी साहब का आदेश है,।
हालांकि एमपी आयुष न्यूज़ इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है।
यह है पूरा मामला
सोहागपुर के बाढ़ गंगा मेला मैदान के पीछे वार्ड नंबर 17आवेदक के हिस्से की आराजी खसरा नं0 300 आत्माराम शुक्ला पिता बलराम प्रसाद शुक्ला निवासी वार्ड नं० 2/3 सोहागपुर के द्वारा गुण्डागर्दी के बल पर आवेदक सुरेंद्र तिवारी के बड़े भाई प्रमोद तिवारी एवं छोटा भाई राज कुमार तिवारी व दीपक तिवारी एवं उमेश पाण्डेय, आदि लोग पर अवैध रूप से कब्जा किये जाने एवं मना करने पर गाली गलौज करने व जान से मारने की धमकी देने को लेकर शिकायत करते हुए बताया कि मैं सुरेन्द्र कुमार तिवारी पिता बिन्दु राम तिवारी निवासी वार्ड नं०. 4 रामजानकी मंदिर के पास सोहागपुर, थाना सोहागपुर जिला शहडोल म0प्र0 में निवासरत हु, पिता के नाम मौजा ग्राम सोहागपुर तहसील सोहागपुर जिला शहडोल म०प्र० स्थित आराजी खसरा नं0-298/2/1, 299/2, एव आराजी खसरा नं0 300 है। जिस पर मुझ प्रार्थी के पिता के द्वारा मुझे आराजी खसरा नं0 300 का पावर ऑफ एटानी (मुख्तयार आम) निष्पादित कराकर उक्त आराजी की देख रेख कय विक्रय एवं न्यायालीन कार्यवाही करने हेतु अधिकृत किया गया है। पर बड़े भाई प्रमोद कुमार तिवारी पिता बिन्दुराम तिवारी द्वारा आराजी खसरा नं० 298/2/1 एवं 299/2 का फर्जी तरीके से पट्टा बनवाकर उक्त आराजी खसरा नंबर को अवैध रूप से भूमि विक्रय का रजिस्टर्ड विक्रय पत्र का पंजीयन कराया गया और मुझ प्रार्थी के आराजी खसरा नं0 300 में कब्जा सौप कर अवैध रूप से निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
शिक्षक के रूप में भूमाफिया
आवेदक सुरेंद्र तिवारी ने बताया कि सरकारी शिक्षक आत्माराम शुक्ला द्वारा गुंडागर्दी के बल पर आवेदक के बड़े भाई प्रमोद तिवारी एवं छोटा भाई राजकुमार तिवारी व दीपक तिवारी एवं उमेश पांडे द्वारा खड़े होकर आवेदक के खसरा 300 पर बाउंड्री वाल बनाकर कब्जा किया जा रहा है मना करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है और शिक्षक द्वारा कहा जा रहा है कि जाओ जहां जाना हो वहां शिकायत कर दो मैं भी एक सरकारी शिक्षक हूं।
आदेश को दरकिनार कर कर रहा कब्जा एक सरकारी शिक्षक
ज्ञात हो कि कलेक्टर के निर्देशन पर अनुविभागीय अधिकारी सुहागपुर प्रगति वर्मा द्वारा उपरोक्त तीनों आराजी पर क्रय विक्रय हुआ निर्माण कार्य करने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है इसके बावजूद भी प्रशासन को ठेंगा दिखा कर एक सरकारी शिक्षक होते हुए अवैध रूप से निर्माण कार्य कराया जा रहा है जबकि खसरा नंबर 300 न्यायालय शहडोल सिविल कोर्ट में मामला विचाराधीन है क्योंकि उक्त आराजी विवादित होने से 9 अक्टूबर 2018 में न्यायालय शहडोल द्वारा स्थगन आदेश स्थाई रूप से पारित किया गया है इसके बावजूद भी आवेदक के भाई प्रमोद तिवारी व राजकुमार तिवारी दोनों व्यक्ति मिलकर कुछ भूमाफिया के साथ सांठगांठ करते हुए अवैध रूप से भूमि का अनुबंध कर आवेदक के खसरा नंबर 300 पर अवैध रूप से कब्जा किया जाकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। अब देखना यह है कि क्या मैडम सरकारी शिक्षक आत्माराम शुक्ला एवं शिक्षक उमेश पांडे पर क्या वैधानिक कार्यवाही करती हैं।
आत्मानंद शुक्ला को थाना
सोहागपुर दे रही संरक्षण,..?
आत्मानंद शुक्ला द्वारा आवेदक सुरेंद्र तिवारी को फोन लगाकर धमकी देते हुए बताया कि अभी टीआई साहब गमी में गए हुए हैं 4:00 बजे तक आएंगे और 4:00 बजे तक तुमको भी कुछ ना होगा और तो और शिक्षक द्वारा बोला गया कि टीआई साहब हमें स्वयं बोले हैं कि जहां मिले वहां कब्जा कर लो एसपी साहब का आदेश है यह एक बात बहुत विचारणीय विषय है क्या सचमुच एसपी साहब का आदेश एक सरकारी शिक्षक को है कि जहां चाहे वहां कब्जा कर ले हालांकि यह विषय जांच का है जांच के बाद ही असलियत सामने आएगी।
इनका कहना
जब इस संदर्भ में दूरभाष के माध्यम से थाना प्रभारी को संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
अनिल पटेल (थाना प्रभारी) सोहागपुर जिला शहडोल
उनके इस प्रकार के रवैया से एक बात तो साफ हो गई कि दाल में कुछ ना कुछ तो काला है।
