शहडोल : क्रांतिकारी परिवर्तन के अद्भुत योद्धा थे चंद्रशेखर : जयप्रकाश नारायण गर्ग, चंद्रशेखर जी के पुण्यतिथि के अवसर पर विंध्य पुनर्निर्माण मंच ने आयोजित की संगोष्ठी
क्रांतिकारी परिवर्तन के अद्भुत योद्धा थे चंद्रशेखर : जयप्रकाश नारायण गर्ग,
चंद्रशेखर जी के पुण्यतिथि के अवसर पर विंध्य पुनर्निर्माण मंच ने आयोजित की संगोष्ठी
शहडोल (संजय गर्ग) । गत दिवस को विंध्य प्रदेश पुणे निर्माण मंच की बैठक में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं समाजवादी विचारों के चिंतक स्वर्गीय श्री चंद्रशेखर जी की पुण्यतिथि के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
जिसमें उनके द्वारा किए गए सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यों पर चर्चा की गई।
युवा अवस्था में युवा तुर्क के नाम से मशहूर थे श्री चंद्रशेखर
उक्त बैठक को संबोधित करते हुए विंध्य प्रदेश पूर्णिमा मंच के प्रभारी श्री जयप्रकाश नारायण गर्ग ने कहा कि आदरणीय चंद्रशेखर जी क्रांतिकारी परिवर्तन के अद्भुत योद्धा थे।
उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर जी को आपातकाल के दौरान जेल में डाल दिया गया। इस दौरान उन्होंने जेल में रहते हुए मेरी जेल डायरी नमक पुस्तक का लेखन किया।
वे अपने युवा अवस्था में युवा तुर्क के नाम से मशहूर थे।
श्री चंद्रशेखर जी इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री काल में कांग्रेस पार्टी के महामंत्री थे।
श्री गर्ग ने बताया कि किंतु आपने स्पष्ट विचारों व बेबाक एवम निर्भीकता की वजह से वे सत्ता से विमुख होते गए तथा उन्होंने आपातकाल लागू किए जाने का विरोध किया।
जिस वजह से उन्हें कांग्रेश के महामंत्री पद पर रहते हुए गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया गया।
श्री चंद्रशेखर जी समाजवादी विचारों के प्रमुख ध्वजा वाहक थे।
वे समाजवादी चिंतक आचार्य नरेंद्र देव एवं लोक नायक लोकनाथ जयप्रकाश नारायण जी के विचारों से प्रेरित होकर समाजवादी आंदोलन को पूरे देश में प्रचारित करने का काम किया।
बैठक में श्री गर्ग ने बताया कि चंद्रशेखर जी ने लगभग साडे 4 हजार किलोमीटर की पदयात्रा कर कीर्तिमान स्थापित किया।
वे जनता पार्टी के गठन के बाद अध्यक्ष बने।
श्री गर्ग ने उनको याद करते हुए बताया कि शहडोल से चंद्रशेखर जी का विशेष लगाव था।
वह कई बार शहडोल आए और हम लोगों को उनके सानिध्य में रहने का मौका मिला।
बुढार मैं मध्य प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री एवं गुजरात के राज्यपाल स्वर्गीय श्री दादा कृष्ण पाल सिंह जी के आमंत्रण पर समाजवादी चिंतक डॉ राम मनोहर लोहिया जी की प्रतिमा का अनावरण करने बुरहार चौक पर आयोजित कार्यक्रम को उनके द्वारा संबोधित किया गया था।
वे अभूतपूर्व राजनैतिक योद्धा थे जो गरीबों, शोषितो , एवं आदिवासियों के हित के लिए सदैव संघर्ष करते रहे इसीलिए विंध्य की धरती पर समाजवादियों का बोलबाला रहा।
रीवा के नेत्रहीन सांसद परम पूज्य आदरणीय जमुना प्रसाद शास्त्री , राज्यसभा सदस्य आदरणीय श्री जगदीश चंद्र जोशी जी , सीधी के पूर्व वन मंत्री श्री चंद्र प्रताप तिवारी , शहडोल के उस जमाने के सांसद आदिवासी नेता बुद्धा सिंह ऊटिया थे।
सभी जाने-माने नेता थे श्री चंद्रशेखर जी के नेतृत्व में लगातार चुनाव में विजय से प्राप्त करते रहें ।
श्री गर्ग ने कहा कि ऐसे दिग्गज राजनेता का सानिध्य हम लोगों को छात्र जीवन में रहते हुए मिला जो कि हमारा सौभाग्य था।
बैठक की अध्यक्षता भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं लोकतंत्र सेनानी श्री श्याम बाबू जायसवाल ने की ।
उन्होंने कहा श्री चंद्रशेखर जी अपने पूरे जीवन काल में किसी मंत्री पद को ग्रहण नहीं किया।
वे सीधे प्रधानमंत्री के पद पर आसीन हुए।
उक्त बैठक में मुख्य रूप से डॉ विजय राघव सराफ , लोकतंत्र सेनानी शिव कुमार नामदेव , नरेंद्र दुबे आदि लोगो ने अपनी श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें याद किया ।
तथा उन्हें सर्वहारा वर्ग के हितों के लिए संघर्ष करने वाले नेता के रूप में जाने जाते थे।
लोकतंत्र सेनानी श्री नरेंद्र दुबे ने चंद्रशेखर जी के बारे में बतलाया कि वह छात्र जीवन से सामाजिक कार्य में जुट गए तथा अपने निर्भीकता की वजह से युवा तुर्क के रूप में पूरे देश में मशहूर हो गए।
संसद में श्री चंद्रशेखर जी का भाषण सभी दलों के लोग बड़े ही आदर के साथ सुनते थे व स्वीकार करते थे।
इनकी रही उपस्थित
बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता अभय कटारे (राजा) , शुभदीप खरे एडवोकेट , मुलायम चंद्र जैन एडवोकेट , पूर्व एडिशनल एसपी श्रीकांत शर्मा , बी पी पाठक एडवोकेट , भरत त्रिवेदी एडवोकेट , भाजपा नेता रविकांत चौरसिया , अशोक सोनी (बुढार) , दिनेश मिश्रा , पियूष गर्ग , अच्युतानंद मिश्रा , पेंशनर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा , प्रदीप शाह , राजमणि तिवारी , नागेंद्र नाथ सिंह , अशोक त्रिपाठी एडवोकेट , प्रहलाद मिश्रा एडवोकेट , पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष कुलदीप निगम , निशांत गर्ग (पत्रकार) , वीरेंद्र प्रताप सिंह (पत्रकार) , विश्वास हलवाई , रोहित सेन , क्रश सेन की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
