पौनाग तालाब एवं टाकी नाला का अस्तित्व खतरे में- प्रत्यूष गौतम
जनसुनवाई में हुई शिकायत
शहडोल (अखिलेश द्विवेदी) । जनसुनवाई में कलेक्टर को समाजसेवी प्रत्यूष गौतम ने आवेदन देकर बताया कि शासन के द्वारा पौनांग तलाब का सुरक्षा व सौंदर्यीकरण के कार्यों में लाखों रुपए लगाकर तालाब को सुरक्षित किया गया था जिसमें तार एवं सीमेंट के खंभे तथा सीमेंट के ब्रैकेटो को लगाकर सुरक्षित किया गया था जिसे कुछ अज्ञात लोगों के द्वारा तोड़ दिया गया है। जिससे तालाब की सुरक्षा व सौंदर्यीकरण का अस्तित्व समाप्त हो सकता है। इस पर कलेक्टर ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी शहडोल तथा पुलिस विभाग की ओर पत्र भेजते हुए उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार उन्होंने आवेदन देकर बताया कि रीवा शहडोल मुख्य मार्ग जो शहर से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित टांकी जिंदा नाला है, जो विगत सैकड़ों वर्षों से जीवित नाला के रूप में खेती-बाड़ी, पशु, पक्षियों और जानवरों के पेयजल के उपयोग में लाया जा रहा है। उन्होंने कलेक्टर को बताया कि कुछ भू-माफियाओं के द्वारा टांकी नाला को मिट्टी से भाठकर जीवित नाला का अस्तित्व समाप्त किया जा रहा है तथा शहडोल की बेशकीमती भूमि पर अतिक्रमण कर रहे हैं, यदि अतिक्रमणकारियों को समय पर नहीं रोका गया तो नाला का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और पशु-पक्षियों और जानवरों के साथ-साथ मानव के उपयोग का जल प्राप्त होना बंद हो जाएगा। इस पर कलेक्टर ने तहसीलदार सोहागपुर की ओर पत्र भेजकर त्वरित मौका मुआयना कर उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में संयुक्त कलेक्टर दिलीप कुमार पांडेय ,डिप्टी कलेक्टर एंटोनियो वानखेडे, उपसंचालक सामाजिक न्याय शिवेंद्र सिंह परिहार, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रमाकांत शुक्ला, सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग अखिलेश मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
