शहडोल :धर्म के आड़ में शासकीय भूमि पर भाजपा मंडल अध्यक्ष व गुर्गे कर रहे कब्जा , सिंहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ऐंताझर का मामला
धर्म के आड़ में शासकीय भूमि पर भाजपा मंडल अध्यक्ष व गुर्गे कर रहे कब्जा ,
सिंहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ऐंताझर का मामला
शहडोल (संजय गर्ग) । आपने अब तक मंडल अध्यक्षों को पंचायतो में सेंध लगाते तो सुना होगा लेकिन आज हम आपको यह एक ऐसे मंडल अध्यक्ष के बारे में बताने जा रहे हैं जो की पूर्णता सत्ता के नशे में चूर होकर शासकीय भूमि पर मंदिर निर्माण कार्य के नाम पर उस पर कब्जा करने के फिराक पर है।
दरअसल मामला सिंहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ऐंताझर का है ।
जहां पर आवेदक शंभू नाथ गुप्ता पिता स्वर्गीय काशीराम गुप्ता निवासी ऐंताझर के द्वारा स्थानीय प्रशासन से शिकायत करते हुए बताया है कि ।
खसरा नंबर 167 में आवेदक लगभग 50 वर्षों से काबिज है। जिसमें भाजपा मंडल अध्यक्ष सुशील शर्मा, सुजीत श्रीवास्तव, सुधीर शर्मा,चंद्रशेखर शर्मा , मैकू बैगा पर आरोप लगा है कि तथाकथित व्यक्तियों द्वारा आवेदक की जमीन पर धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करते हुए अवैध कब्जा किया जा रहा है। इतना ही नहीं आवेदक द्वारा जान से मारने का आरोप भी तथाकथित व्यक्तियों के ऊपर लगाया गया है।
क्या मंडल अध्यक्ष के कब्जे में प्रशासन
आवेदक द्वारा बताया गया कि मंडल अध्यक्ष सुशील शर्मा के द्वारा उसे गाली गलौज एवं जान से मारने की धमकी दी जाती है साथ ही मंडल अध्यक्ष का कहना है कि सरकार हमारी है तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते प्रशासन हमारे कब्जे में है?? भाजपा के कमंडल में बैठे मंडल अध्यक्ष का यह कथन कितना सत्य है व कितना झूठ यह तो जांच के बाद ही सामने आएगा।
क्योंकि यदि ऐसा है। तो सत्ता के बल पर आए दिन आम आदमी ऐसे ना जाने कितने ही मंडल अध्यक्षों के शोषण का शिकार होते रहेंगे।
कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर रहे नेताजी
आवेदक शंभूनाथ गुप्ता ने बताया कि भाजपा मंडल अध्यक्ष सुशील शर्मा कोर्ट के आदेशों का भी उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने बताया की भूमि पर कोर्ट से स्टे है उसके बाद भी निर्माण कार्य जारी है।
सत्ता के भाव में मंडल अध्यक्ष अपनों पर करम और गैरों पर सितम कर रहें
आवेदक ने यह भी बताया कि भूमि पर स्टे है बावजूद इसके रुक्मणी शुक्ला महिला को मंडल अध्यक्ष सुशील शर्मा द्वारा संरक्षण देकर उक्त भूमि पर काबिज किया गया है ऐसा आरोप आवेदक ने लगाया है। जो कि कहीं ना कहीं अपनों पर करम व गैरों पर सितम वाली कहावत को चरितार्थ कर रहा हैं।
इस पूरे मामले में आवेदक ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि उसे मंदिर बनवाने में कोई दिक्कत नहीं है किंतु पहले भूमि की नाप हो तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्यवाही की जाए।
देखना होगा कि स्थानीय प्रशासन कार्यवाही का चाबुक किस ओर चलाता है ।
इनका कहना
आपके माध्यम से यह मामला संज्ञान में आया है यदि शासकीय भूमि पर निर्माण कार्य हो रहा है तो यह अतिक्रमण के अंतर्गत आता है बिना अनुमति के कार्य नहीं किया जाना चाहिए मैं मामले को दिखाकर कार्यवाही करता हूं।
रोमोनुस टोप्पो ( अपर कलेक्टर) जिला शहडोल (मप्र)
