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जयसिंहनगर : नाम तेरा गांव मेरा के तर्ज पर चल रहा स्टॉप डैम का निर्माण कार्य ,क्या ???उपयंत्री के कंधों पर है पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार जिम्मा ,मामला जयसिंहनगर जनपद का

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नाम तेरा गांव मेरा के तर्ज पर चल रहा स्टॉप डैम का निर्माण कार्य ,

क्या ???उपयंत्री के कंधों पर है पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार जिम्मा ,

मामला जयसिंहनगर जनपद का
शहडोल / जयसिंहनगर (संजय गर्ग)। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एक ऐसा विभाग जिसे यह जिम्मेदारी सौंपी गई की शासन द्वारा जो भी योजनाएं या जो भी विकास के परिकल्पना से कराई जा रहे कार्यों को निष्पक्षता पूर्ण संपन्न कराकर शासन एवं प्रशासन की विकास के मंसूबों को छोटे-छोटे ग्रामीण इलाकों में रहने लोगों तक पहुंचाया जाए।
लेकिन क्या ऐसा हो रहा है यह हमें सोचना चाहिए। ठीक इस तर्क के विपरीत सारे कार्यों को जनपद पंचायत जयसिंहनगर के उपयंत्री द्वारा अंजाम दिया जा रहा है ऐसा लगता है कि जनपद के अंतर्गत जिन ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य चल रहे हैं उन सभी निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार का पूरा जिम्मा इन्हीं के कंधों पर निर्भर करता है।
ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत करकी मैं सामने आया है जहां पर पंचायत के जिम्मेदारों से साठ – गांठ करते हुए ग्राम पंचायत के अंतर्गत निर्माणाधीन स्टाप डैम को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया।

मामला विस्तार से
दरअसल ग्राम पंचायत करकी अंतर्गत जल संरक्षण का उचित ठहराव के लिए मनरेगा से 28 लाख की लागत से स्टाफ डैम का निर्माण कराया गया । सूत्रों की माने तो स्टाफ डैम की निर्माण कार्य में ग्राम पंचायत करकी के सचिव व रोजगार सहायक ने उप यंत्री से सांठ – गांठ करते हुए नियमों को तक में रखते पूरे निर्माण कार्य में जमकर धांधली करते हुए पूरे स्टाफ डैम निर्माण कार्य को अपने मनमर्जी तरीके से गुणवत्ता मानकों को दरकिनार रखते हुए पूर्ण कर लिया गया।

जीरो कैशमेंट एरिया में कर दिया निर्माण
विशिष्ट सूत्र की जानकारी पर यदि विश्वास किया जाए तो उप यंत्री व ग्राम पंचायत के सचिव व रोजगार सहायक द्वारा
नाम तेरा गांव मेरा के तर्ज पर कार्य किया गया दरअसल स्टाफ डैम का निर्माण कार्य जिसका एस्टीमेट दूसरी जगह पर बना था जहां पर ग्रामीणों द्वारा उक्त भूमि पर खेती किसानी की जाती है जिसके चलते विरोध स्वरूप ग्रामीणों ने वहां निर्माण कार्य नहीं होने दिया जिसके बाद उप यंत्री ने इसी ग्राम पंचायत अंतर्गत स्टाफ डैम का निर्माण कर दूसरी जगह कराया जहां पर जीरो कैशमेंट था।
इतना ही नहीं इस स्टाफ डैम का जो निर्माण कार्य गुप्ता नामक ठेकेदार के द्वारा संपन्न कराया गया जिसमें परदे के पीछे जनपद के कुछ और लोग भी शामिल हैं जिसका खुलासा अगले अंक में किया जाएगा।
जब तक आगे बढ़ते हुए निर्माण कार्य में हुए अन्य बिंदुओं पर नजर डालते हैं।

जांच के दायरे में उपयंत्री की कार्यप्रणाली

उपयंत्री की यदि कार्य प्रणाली की बात की जाए तो वह पूर्णता संदिग्ध है गांधी जी के फेर में उपन्यत्री संजीव मेहरा सारे गुणवत्ता मानकों को दरकिनार कर अमानत तौर पर स्टाफ डैम का निर्माण कार्य कराया गया। यदि उक्त स्टाफ डैम की निष्पक्षिता से जांच कराई जाए तो पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।

शासकीय राशि का बंदर – बांट
जल संरक्षण एवं उसके नियमित ठहराव के लिए स्टाफ डैम का निर्माण कार्य ग्राम पंचायत करकी में कराया जा रहा है। आपको बता दें कि यह निर्माण कार्य लगभग 28 लाख का है जिसे सचिव सुरेंद्र सोनी एवं रोजगार सहायक , उपयंत्री संजीव मेहरा से सांठ – गांठ कर शासकीय राशि को बंदर बाट करने के फिराक में है जो की निर्माण कार्य का मूल्यांकन कराकर राशि को हजम करने के फिराक पर तथाकथित भ्रष्टाचारी तक पर बैठे हुए हैं।

देखना यह होगा कि मामला सामने आने के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।

जिम्मेदारों की प्रतिक्रिया
जब इस संबंध में जनपद एसडीओ से स्टाफ डैम की वस्तु स्थिति की जानकारी ली गई।
तो उनका जवाब यह था।
“आपके माध्यम से जानकारी मिली है पता करके बताते हैं”।

अशोक मरावी ( एसडीओ) जनपद पंचायत जयसिंहनगर जिला शहडोल।

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