शहडोल: विसंगति पूर्ण कार्यवाही से प्रशासन क्या कर रहा है खानापूर्ति ????,उच्च न्यायालय जबलपुर में पटवारी और एएसआई की हत्या के मामले में बोले मुख्य न्यायाधीश दिनेश कुमार पालीवल क्या है कोई बड़ा राजनीतिक संरक्षण
विसंगति पूर्ण कार्यवाही से प्रशासन क्या कर रहा है खानापूर्ति ????,
उच्च न्यायालय जबलपुर में पटवारी और एएसआई की हत्या के मामले में बोले मुख्य न्यायाधीश दिनेश कुमार पालीवल क्या है कोई बड़ा राजनीतिक संरक्षण
शहडोल ।(संजय गर्ग) लगातार रेत माफियाओं का गढ़ बना शहडोल जिला जहां पर रेत माफिया का आतंक पूरी तरीके से फैला हुआ है हाल ही में ब्यौहारी थाने में पदस्थ एएसआई महेंद्र बागरी और राजस्व विभाग के पटवारी प्रसन्न सिंह की हत्या का मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिसको लेकर मामला उच्च न्यायालय जबलपुर में प्रचलन में है उच्च न्यायालय जबलपुर के मुख्य न्यायाधीश दिनेश कुमार पालीवल ने न्यायालय में बहस के दौरान एसडीओपी एवं टीआई से सवाल किया उन्होंने कहा कि आखिर क्या कारण है कि आप लोग रेत के अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहे हैं।
पटवारी के हत्या के बाद प्रशासन ने क्यों कोई ठोस कार्यवाही नहीं की ।
उन्होंने कहा या तो प्रशासन व पुलिस की मिली भगत से दो निर्दोषों की जान गई। और या तो माफियाओं को बड़ा राजनीतिक संरक्षण है जिसके कारण आप लोग कार्यवाही से कतरा रहे हैं।
लगातार हो रही मामले की पुर्नवृत्ति
उच्च न्यायालय जबलपुर के न्यायाधीश द्वारा कहा गया कि क्या आपकी कार्यवाही व प्रशासन इतना निष्क्रिय है जिसकी वजह से माफियाओं की हौसले बुलंद है और उनका रेत का अवैध कारोबार धड़ल्ले से संचालित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पटवारी प्रसन्न सिंह की हत्या के बाद प्रशासन द्वारा कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई तभी तो इस प्रकार की घटना की पुर्नवृत्ति बार-बार हो रही।
और निर्दोष मौत के घाट उत्तर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बड़े माफियाओं ऊपर कार्यवाही क्यों नहीं होती बस राह चलते ट्रैक्टर पकड़ कर उसे जप्त कर लिया जाता है बाकी नदियों में जहां से अवैध खनन होता है वहां पर जाकर मशीनों को जप्त क्यों नहीं किया जाता है।
पर्यावरण को प्रभावित कर रहा अवैध खनन
मुख्य न्यायाधीश दिनेश कुमार पालीवल ने लगातार खनिज माफिया द्वारा अवैध खनन का कार्य जारी रखा गया है। जिसके चलते नदियों से भारी मात्रा में रेत का खनन हो रहा है जिससे जल संकट का प्रभाव भी बढ़ता जा रहा है पर्यावरण से इस प्रकार का खिलवाड़ ठीक नहीं।
मामले में लाए कलेक्टर की प्रतिक्रिया
उच्च न्यायालय ने एसडीओपी एवं टी आई को निर्देश देते हुए कहा कि उक्त मामले में शहडोल कलेक्टर की भी प्रतिक्रिया लाए कि अब तक उन्होंने क्या कार्रवाई की।
