जयसिंहनगर :सत्ता और संगठन का तालमेल यह कैसा चल रहा पंचायत में खेल , आखिर क्यों कागजों तक ही सीमित रह गई मनरेगा के मजदूरों की मजदूरी
£सत्ता और संगठन का तालमेल यह कैसा चल रहा पंचायत में खेल ,
आखिर क्यों कागजों तक ही सीमित रह गई मनरेगा के मजदूरों की मजदूरी
शहडोल / जयसिंहनगर (संजय गर्ग) । रोजगार एक ऐसा मुद्दा जिस पर स्थानीय तो छोड़िए केंद्र की राजनीति भी इसी मुद्दे के इर्द-गिरद घूमती रहती है।
इसी मुद्दे को धरातल में साकार करने हेतु क्षेत्र के छोटे-छोटे कस्बों व ग्रामों में पंचायत का निर्माण किया गया इसके बाद उन पंचायत में मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं को भी उनके अंदर समाहित किया गया जिसके तहत गरीब मजदूरों को पंचायत में होने वाले निर्माण कार्य में एक रोजगार का साधन उपलब्ध कराया गया जिससे वह अपना जीवन यापन कर सकें।
किंतु क्या हो जब सत्ता संगठन और जिम्मेदारों के सांठ – गांठ से मनरेगा जैसी योजनाओं में सेंध लगाने का कार्य किया जाने लगा और श्रमिकों का हाल दिन-ब-दिन खस्ता होता चला गया।
मामला विस्तार से
ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत ढोलर जनपद जयसिंहनगर में सामने आया है। जहां पर लगातार एक के बाद एक ही जगह में स्टॉप डैम का निर्माण कार्य प्रारंभिक चरण में है। दरअसल स्टाफ डैम का निर्माण बारिश के पानी को सहेजने के लिए बनाया जाता है।
किंतु ग्राम पंचायत ढोलर के पंचायत के जिम्मेदारों ने भ्रष्टाचार के उद्देश्य से स्टॉप डैम का निर्माण कर कराया जा रहा है जिसकी उक्त जगह पर कोई उपयोगिता फिलहाल नहीं है। ग्राम पंचायत ढोलर एजेंसीज के द्वारा मनरेगा मद से 25 लाख के स्टाफ डैम का निर्माण कार्य कराया जा रहा है निर्माण कार्य में प्रारंभिक स्तर पर दम की खुदाई का जितना भी कार्य हुआ है वह पंचायत के जिम्मेदार हुआ जनपद उपन्यत्री और अन्य सत्ताधारी संरक्षण के लोगों ने मिलकर जेसीबी के द्वारा कराया है जो कि नियम विरुद्ध है मनरेगा में कार्य मजदूरी से होना चाहिए जो की यहां पर नहीं हुआ है।
श्रमिकों के हक में डाला डाका
मनरेगा का काम जेसीबी से कराकर नियम विरुद्ध तरीके से ग्राम पंचायत ढोलर के सचिव और रोजगार सहायक ने मजदूरों के हक में डाका डाला है। जिससे ग्राम पंचायत में रोजगार के लिए भटक रहा है ग्रामीणों को कम नहीं मिला।
और पंचायत के जिम्मेदार सत्ता का संरक्षण लेकर हो रहे निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार कर रहे हैं।
कुछ ऐसी है मास्टर रोल की कहानी
ग्राम पंचायत ढोलर में लगातार सचिव और रोजगार सहायक के द्वारा फर्जी मस्टर रोल भरकर शासकीय राशि का आहरण करने का प्रयास किया जा रहा है ऐसी जानकारी सूत्रों से सामने आई।
किंतु सोचने वाली बात यह है कि मनरेगा जैसे योजनाओं में पलीता लगाने का काम जो की ग्राम पंचायत के सचिव सरपंच रोजगार सहायक द्वारा किया जा रहा है जिस पर अंकुश लगाने वाला कोई नहीं।
भ्रष्टाचार वाली उपयंत्री की कार्यप्रणाली
जनपद पंचायत जयसिंहनगर अंतर्गत पदस्थ उपयंत्री शुरू से ही अपनी कार्य प्रणाली को लेकर लगातार अन्य ग्राम पंचायतों से लेकर यहां तक चर्चा का विषय बने हुए।
ऐसा लगता है कि मानो स्टाफ डैम का निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार का पूरा जिम्मा उपयंत्री के कंधों पर है तभी तो ग्राम पंचायत ढोलर में बिछली नाले पर सोन शाह के घर के पास बन रहा स्टॉप डैम पूरी तरह नियमों को ताक पर रखकर बनाया जा रहा है।
कुछ ऐसा कहते हैं नियम
यदि नियमों की बात की जाए तो कोई भी नया बनने वाला स्टॉप डैम उसी नदी नाले में बन सकता है जहां पर पुराने स्टॉप डैम से उसकी दूरी कम से कम 500 मीटर की होनी चाहिए।
ठीक इसी नियमों के विपरीत स्टॉप डैम का निर्माण कार्य चल रहा है जिसमें गुणवत्ता मानकों को कि यदि जांच हो तो भी कार्य कर रही पंचायत एजेंसी हो या फिर जनपद उपन्यत्री दोनों पर ही कार्यवाही की गाज गिर सकती है।
पूरे मामले में बड़ा सवाल यह है कि सत्ता संरक्षण प्राप्त कर बड़े पैमाने में भ्रष्टाचार के इस खेल में और कौन-कौन शामिल हैं। पूरे खेल में पंचायत सरपंच की भूमिका सत्ता पक्ष का प्रबल दबदबा माना जा सकता है इसका खुलासा अगले अंक में किया जाएगा।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
मैं स्वयं वहां पर गया हुआ था मुझे कोई जेसीबी नहीं मिली है निर्माण कार्य जेसीबी के थ्रू नहीं हुआ है।
मनरेगा का काम है जेसीबी के थ्रू नहीं हो सकता।
अशोक मरावी (सीईओ) जनपद पंचायत जयसिंहनगर जिला शहडोल
