शहडोल / जयसिंहनगर : लाठी डंडों से हुई बेजोड़ पिटाई थाने में नहीं हुई कोई सुनवाई , चलती ग्राम सभा के बीच सरपंच पति के डंडों का वार लहूलुहान हुआ हीरालाल
लाठी डंडों से हुई बेजोड़ पिटाई थाने में नहीं हुई कोई सुनवाई ,
चलती ग्राम सभा के बीच सरपंच पति के डंडों का वार लहूलुहान हुआ हीरालाल
शहडोल / जयसिंहनगर (संजय गर्ग) । संविधान गौरव दिवस व संविधान बचाओ रैली निकालकर सत्ता दल और विपक्ष हरिजन आदिवासियों के हितकारी व हीतैसी बनने का प्रयास कर तो रही लेकिन क्या सचमुच संविधान व उसके निर्माता के प्रति सच्ची श्रद्धा व निष्ठा रख रहे हैं या नहीं यह सवाल जहन में इसलिए उठ रहा है क्योंकि जहां एक तरफ पक्ष और विपक्ष संविधान के मुद्दे को लेकर हरिजनों के प्रति संवेदनशीलता दिखा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर विश्व की पांचवी विशेष अनुसूचित जनजाति वाले शहडोल जिले में एक हरिजन व्यक्ति के ऊपर बेरहमी से ग्राम पंचायत के सरपंच व सरपंच पति एवं सचिव के द्वारा लाठी डंडों से मारपीट का मामला प्रकाश में आया है। जहां पर एक हरिजन व्यक्ति को जातिगत गाली गलौज एवं अपमानित करते हुए बेरहमी से चलती ग्राम सभा के बीच मारपीट की गई है।
ऐसा है पूरा मामला
दरअसल मामला जयसिंहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत छूदा के ग्राम बहेरहा का है जहां पर पीड़ित हीरालाल चौधरी पिता अल्लू चौधरी ने बताया कि साथ 24 जनवरी 2025 को जयसिंहनगर से पीड़ित खाद यूरिया लेकर अपने घर बहेरहा जा रहा था तभी वह ग्राम पंचायत छूदा के पास पहुंचता है जहां पर पंचायत कार्यालय में कई गाड़ियां खड़ी रहती हैं ग्राम पंचायत के चौकीदार उदल बैगा से पूछने पर पीड़ित को पता चलता है कि ग्राम पंचायत में ग्राम सभा आयोजित हो रही है। इसके बाद पीड़ित अपने पिता का पेंशन बनवाने की बात करने पंचायत कार्यालय के अंदर जाता है। पीड़ित के बताएं अनुरूप वहां पर सरपंच पति टेरन सिंह के द्वारा पीड़ित के साथ जातिगत गाली गलौज करते हुए उसे जातिगत अपमानित कर कुर्सी से उठने के लिए कहता है तभी सरपंच संजू सिंह व उसके पति टेरन के द्वारा पीड़ित के साथ हाथापाई कर बांस के डंडे से बेरहमी से मारपीट की जाती है।
एवं उसे पंचायत कार्यालय के कमरे में बंद कर देते हैं तभी वहां ग्राम सभा में उपस्थित लोगों के द्वारा बीच बचाव कर पीड़ित को कमरे से बाहर निकाला जाता है।
रोजगार सहायक ने दी जान से मारने की धमकी
पीड़ित हीरालाल के द्वारा मामले की जानकारी हंड्रेड डायल में दी जाती है इसके बाद ग्राम पंचायत रोजगार सहायक चंद्रप्रकाश गुप्ता के द्वारा पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी जाती है। जिसका पीड़ित ने शिकायत में उल्लेख किया।
खाकी पर लगा मामले को दबाने का आरोप
पूरे घटनाक्रम के बाद पीड़ित हीरालाल चौधरी जब मामले की शिकायत लेकर जयसिंहनगर थाने जाता है तो थाने में एफआईआर दर्ज न कर एनसीआर की जाती है । और सादे कागज में मनमर्जी रिपोर्ट लिखी जाती है। इसके बाद पीड़ित शहडोल में हरिजन थाने में मामले की शिकायत करता है लेकिन वहां भी पीड़ित के बताएं अनुरूप शिकायत नहीं लिखी जाती है। इसके बाद पीड़ित का आरोप है कि पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है।
जिला पंचायत सदस्य के हस्तक्षेप से हुआ इलाज
पीड़ित ने बताया कि जब वह इलाज के लिए जिला चिकित्सालय आया तो जिला चिकित्सालय में उसका इलाज नहीं किया जा रहा था लेकिन जिला पंचायत सदस्य अंजू रहदास गौतम हस्तक्षेप से जिला चिकित्सालय में पीड़ित को भर्ती कर उसका इलाज किया जा रहा है।
पूरे मामले में पीड़ित हीरालाल चौधरी के द्वारा न्याय की मांग की जा रही है। लेकिन अब- तक पीड़ित के बताएं अनुसार पूरा मामला पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालियानिशान खड़ा कर रहा है।
इनका कहना
जी घटना सही है लेकिन मैं ग्राम पंचायत के अंदर था मारपीट ग्राम पंचायत के बाहर हुई है। पंचायत के अंदर उनकी बहस हुई है आपस में और मैंने हीरालाल को कुछ भी नहीं कहा।
मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।
चंद्र प्रकाश गुप्ता ( रोजगार सहायक) ग्राम पंचायत छूदा जनपद जयसिंहनगर जिला शहडोल
