शहडोल : फूड्स विभाग के सह पर बिक रहे जहरीले पनीर, आईटीआई के साथ-साथ चल रही डेयरी, जिम्मेदार मौन शिकायत के बाद की जाती है दिखावटी कार्यवाही
फूड्स विभाग के सह पर बिक रहे जहरीले पनीर,
आईटीआई के साथ-साथ चल रही डेयरी,
जिम्मेदार मौन शिकायत के बाद की जाती है दिखावटी कार्यवाही
शहडोल (संजय गर्ग) । इन दोनों यदि बात की जाए तो पूरे जिले ही नहीं बल्कि तो पूरे संभाग में नकली फूड्स पदार्थों का धंधा जोरों पर चल रहा है।
अपुष्ट सूत्र की माने तो पूरे संभाग में इन दिनों फूड्स पदार्थ जैसे पनीर , खोबा , व सिंथेटिक दूध से बनने वाले मिठाइयां इन सभी चीजों में भारी मात्रा में केमिकल युक्त रसायनिक पदार्थ का उपयोग कर इन सभी खाद्य पदार्थ की खपत मार्केट में बढ़ती जा रही है।
क्या है कारण
भारतीय संस्कृति में लोग अपने त्योहारों को बड़े ही उत्साहपूर्वक मनाते हैं। ज्यादातर शादी के सीजन व होली , दिपावली , जैसे बड़े त्योहारों में दूध की खपत ज्यादा होती है। जिस दुकानदार ओरिजिनल दूध का स्टॉक नहीं रखते हैं। क्योंकि इतने शुध दूध की खपत मार्केट में नहीं होती है।
जिसके चलते लोग खाद्य पदार्थों की खपत बढ़ने के लिए सिंथेटिक दूध का इस्तेमाल कर उससे खोबा , पनीर , वह छेने की मिठाईयां, इन्हीं सिंथेटिक दूध से बनाई जाती है।
जिसे लोग तीज त्योहार में अपने घर पर ले जाकर इस्तेमाल करते हैं।
कौन है धंधे का मास्टरमाइंड
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार फूड्स विभाग से यारी का सिलसिला इस धंधे के मास्टरमाइंड का काफी पुराना रहा है। जब से फूड्स इंस्पेक्टर और
तीनों ही फूड्स विभाग के जिम्मेदारों ने पूरे संभाग के खाद्य निरीक्षण को प्रभावित कर रखा हुआ है।
जिसके चलते मिलावटखोरों की संभाग में संख्या बढ़ती जा रही है।
इसी कड़ी में इस गोरख धंधे के मास्टरमाइंड की बात की जाए तो गौ निधि डेयरी सेमरा वाले बाबा इस पूरे धंधे को ऑपरेट करते हैं।
और समय-समय पर कथित अधिकारियों को गोरख कमाई का कुछ हिस्सा पहुंचते हैं जिसके चलते संभाग के खाद्य जिम्मेदार कार्यवाही करने के बजाय सेमरा वाले बाबा का साथ इस मिलावटखोरी के धंधे में साथ देते हैं।
ऐसा हम नहीं कहते ऐसा हमारे जानकार सूत्र बताते हैं।
आपको बता दें कि इस डेयरी में सोहागपुर एसडीएम द्वारा निरीक्षण भी किया गया था और जांच सेंपल भी जांच के लिए बाहर भेजा गया पर सिर्फ़ दिखावे के लिए क्योंकि जांच अधिकारी सोनी जी थे। और इनकी कृपा सब पर बनीं रहतीं हैं। क्यों… आप समझदार हैं।
