शहडोल : सचिव को भ्रष्टाचार का मावा खिलाने की तैयारी………..??? , केशव के भ्रष्टाचार का बढ़ता कद , बौने हुए जनपद के जिम्मेदार, पंचायत में भ्रष्टाचार के मामले में जांच के नाम पर हुई कोरम पूर्ति???
सचिव को भ्रष्टाचार का मावा खिलाने की तैयारी………..??? ,
केशव के भ्रष्टाचार का बढ़ता कद , बौने हुए जनपद के जिम्मेदार, पंचायत में भ्रष्टाचार के मामले में जांच के नाम पर हुई कोरम पूर्ति???
शहडोल। जहां एक तरफ सूबे के मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात करते है वही दूसरी और आदिवासी अंचल शहडोल मे मुख्यमंत्री की इन नीतियां पंचायत सचिव के बुलंद हौसलों के आगे पस्त नजर आता है।
जिसे देखने में ऐसा लगता है कि पंचायत सचिव केशव प्रसाद मिश्रा के भ्रष्टाचार का बढ़ता कद दिन-ब-दिन इतना बड़ा होता जा रहा है कि उसके आगे जनपद के जिम्मेदार बौने नजर आ रहे हैं।
दरअसल मामला जयसिंहनगर क्षेत्र के ग्राम पंचायत अमझोर का है। जहां ट्रांसफर के बाद भी जुगाड़ पद्धति से जमे सचिव के भ्रष्टाचार कि गाथा शासन व पंचायत के पटल पर बड़ी ही सुगमता से लिखी जा रही है लेकिन जनपद के अधिकारीयों को बार-बार चेताने के बावजूद भी वह अचेत अवस्था में कार्य करते नजर आ रहे हैं।
ऐसे में शासन की भ्रष्टाचार निवारण के लिए अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति कहीं ना कहीं धूल खाती दिख रही है।
निर्माण कार्यों में लगता पलीता विकास की जगह होता विनाश
इतना ही नहीं ग्राम पंचायत अमझोर में लगातार केशव मिश्रा लंबे समय से पदस्थ हैं। जिसके कारण पंचायत में वित्तीय अनियमितताएं एवं पंचायत को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया गया है। सूत्रों की माने तो ग्राम पंचायत में विकास के नाम पर विनाश की लीला पंचायत सचिव मिश्रा के द्वारा लिखी जा रही है लगातार पंचायत में हो रहे निर्माण कार्य जैसे नाली , पुलिया , ग्रेवल रोड , इन सभी निर्माण कार्य में जमकर भ्रष्टाचार सचिव के द्वारा किया गया है। साथ ही शासन की शासकीय राशि का दुरुपयोग हुआ है। जिसकी शिकायत कई बार ग्रामीणों के द्वारा समय-समय पर जनपद में बैठे जिम्मेदारों को दी गई किंतु शिकायतों पर कुछ खास ध्यान नहीं दिया जा रहा है इसका कारण क्या है यह तो नहीं पता लेकिन यह कहीं ना कहीं जनपद के जिम्मेदारों की मूक सहमति का ही परिणाम है कि सचिव के भ्रष्टाचार का कद कहीं ना कहीं बढ़ता सा दिख रहा है ।
शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर भ्रष्टाचार की काली छाया
प्रत्येक व्यक्ति तक शासन की महत्वपूर्ण काशी योजनाओं को पहुंचाने की दृष्टि से बनाए गए पंचायत में अब इन दिनों सचिव मिश्रा जैसे भ्रष्टाचारियों की नजर पड़ चुकी है जिसके चलते शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर भ्रष्टाचार की काली छाया मंडराती नजर आ रही। दरअसल जनमन योजना के अंतर्गत वर्ष 2024 – 25 में स्वीकृत हुऐ बैगा आवासों में सचिव के द्वारा कार्य में उदासीनता बररते हुए । भ्रष्टाचार करने के उद्देश्य से स्वीकृत हुए आवासों में कार्य कर रहे मजदूर की मजदूरी का भुगतान उनके खाते में नहीं किया। ग्रामीण आरोप लगाया है कि अन्य खाते में राशि अंतरित कर ली गई। लेकिन इस संबंध में लगातार शिकायत पत्र देने के बावजूद भी जनपद के जिम्मेदारों के कान में जू नहीं रेंगी नतीजा आवास अधूरे रह गए। और सचिव के भ्रष्टाचार की मनसा पूरी हो गई।
संदेह के दायरे में जिम्मेदारों की कार्य प्रणाली
उल्लिखित विषय को लेकर इसके पूर्व भी खबर प्रकाशित की जा चुकी है जिसमें जनपद जयसिंहनगर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी के दिए हुए कथन के अनुसार कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन आज दिनांक तक किसी भी प्रकार की कोई भी कार्रवाई जनपद की तरफ से होती नहीं दिख रही। जिसे कहीं ना कहीं जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली इस पूरे प्रकरण में संदेह का पात्र बन रही है।
ऊपरी जांच का दिखावा सचिव खाता रहेगा भ्रष्टाचार का मावा
जन चर्चा एवं सूत्रों की माने तो इस पूरे मामले में भ्रष्टाचारी सचिव को जनपद के कुछ लोग सहयोगी की भूमिका निभा रहे हैं। पूरे प्रकरण में जांच प्रक्रिया को दूषित करने का प्रयास चल रहा है। ऊपरी जांच का दिखावा कर केवल कोरम पूर्ति की जा रही है। और यदि जांच हुई है तो जांच प्रतिवेदन सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया यह बड़ा सवाल है।????? सचिव को भ्रष्टाचार का मावा खिलाने की तैयारी की जा रही है।
इनका कहना
आपके बताएं अनुसार हमने आवासों के जांच करवाए हैं जिसमें 11 लोगों के नाम शामिल थे। पेमेंट जा चुके हैं। सचिव के ऊपर वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की बात तो वो कागज आप मुझे भेज दीजिए मैं उसको भी दिखवा लेती हूं।
शिवानी जैन सीईओ जनपद पंचायत जयसिंहनगर जिला शहडोल।

