शहडोल :हाथी के दांत दिखाने के और खाने के और…?? प्रशासन के लिए बड़ा जांच का विषय ????….शहर के हृदय स्थल से रैकेट का संचालन , तो ऐप के माध्यम से चलता है डिजिटल सट्टा , सतीश के सक्रिय गुर्गों ने फैलाया है जाल जिसमें फंसते शहडोल के नौजवान
हाथी के दांत दिखाने के और खाने के और….. प्रशासन के लिए बड़ा जांच का विषय ,……??? शहर के हृदय स्थल से रैकेट का संचालन
तो ऐप के माध्यम से चलता है डिजिटल सट्टा , सतीश के सक्रिय गुर्गों ने फैलाया है जाल जिसमें फंसते शहडोल के नौजवान
शहडोल (संजय गर्ग)। वर्ग विशेष को सट्टा किंग का संरक्षण , कौन है आईडी सप्लायर , ?? अपुष्ट सूत्रों के अनुसार गांधी चौक में स्थित एक मोबाइल दुकान से चलता है सट्टे का पूरा रैकेट………. ज्ञात हो कि बीते दिनों हमने आपको शहडोल में एशिया से ऑपरेट हो रहे सट्टे के कारोबार के बारे में बताया था। उसी क्रम में आज एक और बड़ी जानकारी सामने आई है जहां पर यह पूरा सट्टे का काला कारोबार ऐप के माध्यम से डिजिटल तरीके से संचालित किया जा रहा है।
इतना ही नहीं शहर के विशेष जाति वर्ग जो अपने मेहनत और व्यापार के लिए जाने जाते हैं उन्हीं से कुछ चुनिंदा लोग भी इस पूरे खेल में शामिल है।
एशिया में बैठकर नेटवर्क ऑपरेट करने वाला सट्टा माफिया के गुर्गे बड़ी ही सावधानी से काम कौन जाम दे रहे हैं। दरअसल एंड्राइड मोबाइल के माध्यम से ऐप डाउनलोड कर यह खेल खेला जाता है लेकिन इसमें सबसे महत्वपूर्ण आईडी जेनरेट करना होता है जो की कस्टमर को पड़कर उनकी आईडी जेनरेट करता है और उसे ऐप में लोगिन करने के बाद सट्टा खेला जाता है। यदि कस्टमर खेलने के बाद जीता है तो जीत की राशि उसके अकाउंट में जमा कर दी जाती है। हालांकि इस खेल में ज्यादातर शहर के युवा – नौजवान ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं ऐसी जानकारियां सूत्रों से सामने आई है।
जो कि कहीं ना कहीं प्रशासन के लिए बाद जांच का विषय है। क्योंकि डिजिटल सट्टे के माध्यम से शहर का एक बड़ा युवा वर्ग सट्टे के इस बड़े रैकेट में ट्रैप हो रहा है।…….. ????
गांधी चौक की दुकान से क्रिकेट बैटिंग की सुग – बुगाहाट
इतना ही नहीं सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि नगर के गांधी चौक में स्थित एक मोबाइल दुकान से क्रिकेट बैटिंग की भी सुग – बुगाहाट है। हालांकि अभी क्रिकेट बैटिंग के धंधे में मंदी चल रही है जिसमें अप्रैल आईपीएल शुरुआत होते-होते तेजी से बढ़ोतरी होगी। दिन रात चुकारे एवं रकम के आदान-प्रदान भी वहीं से होते हैं। ऐसा हम नहीं ऐसा हमारे सूत्र बताते हैं। हालांकि यह पूरा मामला एक जांच का विषय है जिस पर प्रशासन को सक्रियता दिखाने की आवश्यकता है।
विशेष जाति वर्ग का सहयोग विशेष
इसी कड़ी में एक पहलू मामले का ऐसा भी है जहां विशेष जाति वर्ग का सहयोग सट्टा किंग को मिल रहा है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि सट्टा माफिया का कनेक्शन सीधा शहडोल के इस विशेष जाति वर्ग से है। जिनका कारोबार होटल लाइन का है। इन्हीं में से कुछ के जनरल स्टोर की दुकान भी संचालित है। जो कि गांधी चौक से लेकर इंदिरा चौक पर स्थित है। वर्तमान में देखना यह होगा कि प्रशासन के समक्ष सट्टे के बड़े कारोबार का खुलासा किया जा रहा है तो इसमें प्रशासन कितना सक्रिय है??????
फिलहाल हमारी तफ्तीश जारी है।………??? और सटीक जानकारी के साथ इसी प्रकार के खुलासे हम करते रहेंगे।
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अगले अंक में…….
पर्दे के पीछे है चश्मा वाला , किसके पास 120 करोड़ की संपत्ति ………??
