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अमलाई : दहाड़ी करणी सेना: ‘बाहरी नहीं, स्थानीय युवाओं को मिले प्राथमिकता’ –

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दहाड़ी करणी सेना: ‘बाहरी नहीं, स्थानीय युवाओं को मिले प्राथमिकता’ – 

अमलाई (शहडोल)। क्षेत्र के कोयलांचल में नई आई कंपनी आरकेटीसी (आर.के.टी.सी.) द्वारा स्थानीय बेरोजगारों की अनदेखी करना अब कंपनी को भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेश मंत्री देवी सिंह सेंगर ने स्थानीय युवाओं के हक की लड़ाई को अपना मुख्य एजेंडा बनाते हुए कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को आयोजित ‘जन आंदोलन’ में सेंगर के तेवरों ने साफ कर दिया कि क्षेत्र की माटी का हक बाहरी लोगों को नहीं छीनने दिया जाएगा।

“स्थानीय युवाओं का हक पहली प्राथमिकता

आंदोलन को संबोधित करते हुए देवी सिंह सेंगर ने दो टूक शब्दों में कहा कि— “आरकेटीसी कंपनी को यह समझना होगा कि वे जिस क्षेत्र में काम कर रहे हैं, वहां के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना उनकी पहली जिम्मेदारी है। बी.टी.सी. मेडिकल और बी.फॉर्म जैसे दस्तावेज लेकर घूमने वाले हमारे शिक्षित युवा अब और इंतजार नहीं करेंगे।” सेंगर ने जोर देकर कहा कि नई कंपनी को पारदर्शी तरीके से स्थानीय बेरोजगारों को तत्काल नियुक्तियाँ देनी होंगी, अन्यथा करणी सेना कंपनी का चक्का जाम करने से भी पीछे नहीं हटेगी।

संगठन के दबाव में झुका आरकेटीसी मैनेजमेंट

देवी सिंह सेंगर की इस आक्रामक रणनीति का असर भी तुरंत देखने को मिला। आरकेटीसी के जनरल मैनेजर (GM) को खुद आंदोलन स्थल पर आकर युवाओं और करणी सेना के पदाधिकारियों से बात करनी पड़ी। सेंगर के तर्कसंगत और प्रभावी पक्ष को देखते हुए जीएम ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि वे स्थानीय युवाओं की योग्यता को प्राथमिकता देंगे।

7 दिन का अल्टीमेटम: अब आर-पार की लड़ाई

देवी सिंह सेंगर के नेतृत्व में प्रबंधन को 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि एक सप्ताह के भीतर मैनेजमेंट से फाइनल चर्चा कर पात्र युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा। क्षेत्र के युवाओं ने इस जीत का श्रेय देवी सिंह सेंगर के अडिग नेतृत्व को दिया है, जिन्होंने एक मजबूत स्तंभ बनकर स्थानीय हितों की रक्षा की है।

प्रमुख बिंदु जिस पर करणी सेना ने जोर दिया

 नई कंपनी आरकेटीसी में केवल स्थानीय युवाओं की भर्ती पर जोर।

देवी सिंह सेंगर की एक आवाज पर उमड़ा युवाओं का सैलाब।

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