रक्षाबंधन पर वृक्षों को बांधी राखी, युवा टीम उमरिया ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
उमरिया। भारतीय संस्कृति में रक्षाबंधन का पर्व प्रेम, विश्वास, अपनत्व और रक्षा के संकल्प का प्रतीक माना जाता है। इस पावन अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बाँधती हैं और भाई जीवनभर उनकी रक्षा करने का संकल्प लेते हैं। इसी पवित्र भावना को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए युवा टीम उमरिया, मध्यप्रदेश द्वारा एक अनूठी एवं प्रेरणादायक पहल की गई। संस्था के सदस्यों ने वृक्षों को रक्षा सूत्र बाँधकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया तथा समाज को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।कार्यक्रम के दौरान वृक्षों को राखी बाँधते हुए युवाओं ने संदेश दिया कि प्रकृति और वृक्ष केवल हमारे आसपास मौजूद संसाधन नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन का आधार हैं। जिस प्रकार परिवार के सदस्यों की सुरक्षा और देखभाल हमारी जिम्मेदारी होती है, उसी प्रकार धरती पर जीवन को सुरक्षित रखने वाले वृक्षों की रक्षा करना भी हम सभी का कर्तव्य है।
वृक्ष हमें शुद्ध वायु, छाँव और प्राकृतिक संतुलन प्रदान करते हैं। बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच वृक्षों का संरक्षण पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है। ऐसे समय में समाज के प्रत्येक व्यक्ति को केवल पौधारोपण तक सीमित न रहकर लगाए गए पौधों और वृक्षों की सुरक्षा एवं देखभाल के लिए भी आगे आना चाहिए।
युवा टीम उमरिया के अध्यक्ष हिमांशु तिवारी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से रक्षाबंधन के अवसर पर युवा टीम उमरिया द्वारा वृक्षों को रक्षा सूत्र बाँधकर उनके संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया जाता है कि जिस प्रकार रक्षाबंधन हमें अपने प्रियजनों की सुरक्षा का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है, उसी प्रकार हमें प्रकृति और जीवनदायिनी वृक्षों की रक्षा का भी संकल्प लेना चाहिए।उन्होंने बताया कि युवा टीम उमरिया द्वारा पिछले कई वर्षों से पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाती रही हैं। वृक्षारोपण, पौधों की देखभाल और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने जैसे प्रयासों के माध्यम से संस्था समाज में हरियाली और प्रकृति संरक्षण के प्रति सकारात्मक संदेश देने का निरंतर प्रयास कर रही है।हिमांशु तिवारी ने कहा कि केवल एक दिन पौधा लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। पौधे को सुरक्षित रखना, नियमित रूप से उसकी देखभाल करना और उसे एक मजबूत वृक्ष बनने तक संरक्षण देना भी उतना ही आवश्यक है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधे की जिम्मेदारी लेकर उसकी देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।रक्षाबंधन के अवसर पर वृक्षों को बाँधा गया रक्षा सूत्र केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि प्रकृति की रक्षा के प्रति हमारी जिम्मेदारी और संकल्प का संदेश है। इस पहल के माध्यम से युवाओं ने लोगों से अपील की कि वे वृक्षों की अनावश्यक कटाई को रोकने, अधिक से अधिक पौधे लगाने और लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखने के लिए आगे आएं।इस दौरान पर्यावरण मित्र हिमांशु तिवारी,राहुल सिंह,इच्छा तिवारी,दीप्ति सिंह उपस्थित रहे।
