धर्म के आड़ में भू माफिया कर रहे अवैध कब्ज़ा,
भू माफियाओं ने अपना लिया नया फंडा
इंट्रो:। एमपी अजब है. ये सबसे गजब है.मध्य प्रदेश सरकार का पर्यटन विभाग कुछ इसी अंदाज में टीवी विज्ञापन के जरिए प्रदेश की छवि चमकाने में जुटा है. लेकिन मध्य प्रदेश में रसूखदार लोगों ने जिस तरह अफसरों से साठ-गांठ कर बड़े पैमाने पर खरबों रु. की जमीन पर अवैध कब्जा किया है, उसमें मध्य प्रदेश वाकई अजब-गजब नजर आता है.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2009 में वरिष्ठ आइएएस अधिकारी मनोज श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक सदस्यीय समिति का गठन कर उसे पूरे प्रदेश में चल रहे भूमि घोटालों को उजागर करने का जिम्मा दिया था. इस समिति ने बड़े भूमि घोटालों की 1 रिपोर्टें राज्य सरकार को सौंपीं, लेकिन इन पर क्या कार्रवाई हुई और कितने रसूखदार या भूमाफिया लोग जेल पहुंचे इसकी जानकारी कभी सार्वजनिक नहीं की गई,
शहडोल (संजय गर्ग ) । इसे प्रशासन की लापरवाही कहें या फिर कुछ और लेकिन यह सत्य है कि इन दिनों शहर के विभिन्न हिस्सों में धर्म की आड़ में कब्जों का सिलसिला निरंतर बढ़ता चला जा रहा है। उधर, हमारे प्रशासनिक अधिकारी इस समस्या को लेकर आंखें मूंदे हैं।
क्या कुंभकरणणीय निद्रा में राजस्व
गौर हो कि आज तक जितने भी कब्जे लोगों ने किए हैं, वे विभिन्न विभागों के अधिकारियों की लापरवाही के कारण किए गए हैं। यदि देखा जाए तो
कब्जाधारियों ने नया फंडा अपना लिया है। उन्होंने ने भी जान लिया है कि हमारे जो अधिकारी हैं वे करेंगे तो कुछ नहीं, क्यों न इन अवैध कब्जों कें सिलसिले को आगे बढ़ा दिया जाए। इसी के चलते इन दिनों चारों तरफ भू माफियाओं द्वारा अवैध प्लाटिंग कर बिना कॉलोनाइजर के जमीन बेच रहे हैं, ऐसा ही एक मामला बड़ी भीट तलाब के पास कब्जाधारी अमरदीप मिश्रा निवासी रसमोहिनी ने मंदिर बनाने का सपना संजो लिया है, ताकि समय आने पर उस पर अधिकार जमाया जा सके। और उसको दुगने तिगने रेट में बेचा जा सके, इस मंदिर के न्यू निर्माण से लेकर विवाद होते जा रहे हैं पर निर्माण कार्य रुकने का नाम नहीं ले रहा है, अगर इसमें स्थानीय प्रशासन पर यह आरोप लगाना गलत नहीं होगा की सब कुछ जानने के बाद भी आखिर संरक्षण क्यों???? ।
