जयसिंहनगर : उपयंत्री से गांठ – जोड़ कर तालाबों के निर्माण में सेंध लगा करोड़ों का घोटाला कर रहे ग्राम पंचायत के जिम्मेदार , मजदूरों की आंखों में धूल झोंक शासन के 90 दिवस के रोजगार की स्कीम पर बट्टा लगा रहे हैं भ्रष्टाचारी , भ्रष्टाचार तगावर का भाग – 2
उपयंत्री से गांठ – जोड़ कर तालाबों के निर्माण में सेंध लगा करोड़ों का घोटाला कर रहे ग्राम पंचायत के जिम्मेदार ,
मजदूरों की आंखों में धूल झोंक शासन के 90 दिवस के रोजगार की स्कीम पर बट्टा लगा रहे हैं भ्रष्टाचारी
भ्रष्टाचार तगावर का भाग – 2
जयसिंहनगर (संजय गर्ग) । ज्ञात हो कि विगत दिनों हमने आपको ग्राम पंचायत तगावर में चल रहे व्यापक भ्रष्टाचार के संबंध में बतलाया था जिनमें से लघु तालाब का मामला हमने आपके समक्ष रखा था इसी प्रकार आज हम आपके समक्ष सामुदायिक तालाबों की वह सूची रखने वाले हैं जिसमें व्यापक पैमाने में जनपद उपयंत्री से साठ – गांठ कर शारदा कुशवाहा जीआरएस एवं सचिव संतोष गुप्ता ने मिलकर व्यापक भ्रष्टाचार किया है।
भ्रष्टाचार की सारी पराकाष्ठा को लंग दिया है।
आधा – अधूरा काम शासकीय राशि का काम तमाम
ग्राम पंचायत तगावर में मनरेगा अंतर्गत सामुदायिक तालाबों का जो निर्माण कार्य कराया गया।
उसमें पंचायत के तथाकथित भ्रष्टाचारियों के द्वारा तालाबों का आधा अधूरा निर्माण कार्य कराया गया वह भी ट्रैक्टर के द्वारा।
जिसका वीडियो हमारे पास सक्छ के तौर पर मौजूद है किंतु वीडियो की पुष्टि एमपी आयुष न्यूज़ नहीं करता है। इस प्रकार से आधा काम करा कर शासकीय राशि हड़प कर ली गई। जिसमें जनपद उपयंत्री रईसुद्दीन सिद्दीकी ने अपना पूरा सायोग पंचायत के भ्रष्टाचार्यों को दिया है
मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना में लगा पलीता
दरअसल विजहरा टोला में नवीन तालाब का निर्माण कराया गया मनरेगा के तहत निर्माण अधिनियम इस तालाब में आधा अधूरा कार्य कर कर मजदूरों की मजदूरी पंचायत सचिव संतोष गुप्ता एवं सहायक सचिव शारदा कुशवाहा ने डकार ली। यदि नियमों की माने तो मनरेगा के अंतर्गत दशकों से 90 दिवस का रोजगार वाली स्कीम जो शासन ने गरीब तबके के लोगों के लिए चलाई है उसे पर ग्राम पंचायत समेत जनपद उपयंत्री के द्वारा ग्रहण लगाया जा रहा है।
इन तालाबों के निर्माण फर्जी तरीके से निकली राशि
जीर्णोधार तालाब , मोहन तालाब अयोध्या सिंह के घर पास बनाया गया वहीं दूसरा तालाब , सुदामा सिंह नामक व्यक्ति के घर के पास बना हुआ है एवं एक तालाब रामयश सिंह के घर के पास बना हुआ है। ऐसा करते हुए लगभग 5 तालाब इसी प्रकार आधे अधूरे निर्माण करा कर छोड़ दिए गए एवं मनरेगा के तहत इन तालाबों की राशि भी निकल गई है जिसकी जांच होना अति आवश्यक है।
जांच के दायरे में पंचायत के कार्य
यद्यपि खबर में उल्लेखित इन तालाबों की एवं अन्य लघु तालाबों की बारीकी से जांच कराई जाए तो भ्रष्टाचारी अपने रचे हुए भ्रष्टाचार के इस खेल में स्वत ही फंस जाएंगे ।
किंतु इस पूरे खेल में सवाल यह उठता है कि व्यापक पैमाने में ग्राम पंचायत में पहले इस भ्रष्टाचार का जिम्मेदार कौन है आखिर किसके संरक्षण में भ्रष्टाचारी सुगमता के साथ भ्रष्टाचार को पंचायत के अंदर अंजाम दे रहे हैं।
